रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया चकबंदी लेखपाल

  • एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बरेली। एंटी करप्शन टीम ने चकबंदी लेखपाल को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। जमीन को ठीक करने के लिए लेखपाल ने रिश्वत ली थी। उसे जेल भेज दिया गया है।
रामपुर के नरेश चंद्र की मीरगंज के गांव लभेड़ा पुरोहित में 48 बीघा पैतृक जमीन थी। आरोप है कि 2009 में जमीन का बंटवारा हुआ तो लेखपाल और चकबंदी अधिकारी ने दूसरे पक्ष से मिलकर जमीन का 1/ 12 हिस्सा कर दिया। जमीन कम मिलने पर नरेश ने एसडीएम कोर्ट में मुकदमा कर दिया। कुछ दिन पहले मुकदमे में फैसले में नरेश का हिस्सा 1/ 8 बना। कोर्ट के आदेश पर चकबंदी लेखपाल भानु प्रताप पैमाइश करने पहुंचा। ज्यादा जमीन दिलाने के लिए उसने 15 हजार रुपये मांगे। इसके बाद बुधवार को दोपहर साढ़े तीन बजे रुपये देने की बात तय हुई। नरेश ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह को दे दी। नरेश ने भानु प्रताप को फोन किया और चौकी चौराहा बुलाया। चौकी चौराहा पहुंचने पर नरेश नहीं मिला और भानु प्रताप को सेटेलाइट पर बुलाया। शाम चार बजे भानु प्रताप दो हजार और पांच सौ के नोट लेकर वहां पहुंच गए। एंटी करप्शन टीम के नरेश चंद्र शर्मा और चरन सिंह पहले से मौजूद थे। नरेश ने लेखपाल भानु प्रताप को जैसे ही पैसे दिए इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह और टीम ने उसे पकड़ लिया।

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