दीपावली: धूम-धड़ाके की तैयारी, पटाखा बाजार सजे

  • छोटे-बड़े सभी जुटे पटाखों की खरीदारी में, लाखों के कारोबार की उम्मीद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पूरा देश दीपावली के जश्न में डूब गया है। धूम-धड़ाके के साथ दीपोत्सव मनाया जा रहा है। राजधानी में भी पटाखों के बाजार सज गए हैं। छोटे-बड़े सभी पटाखों को छोडऩे की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि पटाखे वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं और सुप्रीम कोर्ट भी इसको लेकर अपनी चिंता जता चुका है। बावजूद इसके पटाखों को लेकर लोगों का जोश कम नहीं हुआ है।
दीपावली में लक्ष्मी-पूजा के बाद पटाखों को फोडऩे का रिवाज है। नवाबों की नगरी लखनऊ में भी दीपावली को धूम-धड़ाके से मनाने की तैयारियां की गई हैं। तमाम तरीके के पटाखे बाजार में बिक रहे हैं। बच्चे जहां फूलझड़ी, चकरी और अनार पसंद कर रहे हैं, वहीं बड़े आतिशबाजी, राकेट और आवाज वाले पटाखों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। राजधानी के निशात गंज, विकास नगर, ऐशबाग आदि में पटाखों के बाजार सज गए हैं। पटाखा कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार भी विभिन्न किस्म के पटाखों की बिक्री में कोई कमी नहीं आएगी और लाखों का कारोबार होगा।

यह करें

अगर आप पटाखे जलाते वक्त जल जाते हैं तो सबसे पहले जले हुए हिस्से पर ठंडा पानी डालें। आप इस हिस्से पर बर्फ, मक्खन व ठंडे पाने में भिगोया हुआ कपड़ा भी इस्तेमाल कर सकते है। 15-20 मिनट बाद उस पर कोई ऑइनमेंट क्रीम लगाएं और बैंडेज से कवर करें। अगर पटाखे जलाते वक्तकपड़ों में आग लग जाए तो तुरंत जमीन पर खुद को रोल करें ताकि तुरंत आग बुझ सके। किसी भी दुर्घटना पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें।

फैलता है प्रदूषण

पटाखों से वायु और ध्वनि प्रदूषण होता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। इस मौके पर अस्थमा, दिल और त्वचा के रोगियों को पटाखों से दूर रहना चाहिए क्योंकि वातावरण में प्रदूषण का असर इनके लिए नुसानदायक साबित हो सकता है।

बरतें सावधानी

पटाखे हाथ में लेकर न छोड़ें
अस्पताल, नर्सिग होम और वाहन के पास पटाखे न छोड़ें
घर की सीढ़ी और चहारदीवारी पर रखकर पटाखे न चलाएं
झुककर या नजदीक जाकर पटाखे जलाने की कोशिश न करें
बच्चों को कभी अकेले पटाखे खरीदने दें, न ही जलाने दें
ऊनी सिल्क और रेडीमेड के बजाय सूती कपड़े ही पहनें
जहां पटाखे जला रहे हों, वहां पानी और बालू जरूर रखें
फस्र्ट एड किट तैयार रखें, पर्याप्त मात्र में बर्फ भी रखें

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