महिलाओं के लिए सेफ सिटी बनेगा लखनऊ

  • गृह मंत्रालय ने निर्भया फंड से 194.44 करोड़ रुपये के बजट को दी मंजूरी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी 100 से लेकर पुलिस आधुनिकीकरण के कई चेहरे देख चुके लखनऊ की तस्वीर अब सिंगापुर की तर्ज पर पूरी तरह से बदलने की तैयारी है। गृह मंत्रालय ने निर्भया फंड स्कीम के तहत लखनऊ को महिलाओं के लिए सेफ सिटी बनाने के लिए 194.44 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बजट का 60 फीसद हिस्सा केंद्र व 40 फीसद हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।
लखनऊ के अलावा अन्य राज्यों के सात शहरों को भी सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत बजट की मंजूरी दी गई है। लखनऊ में सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा-व्यवस्था के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) मई में गृह मंत्रालय को भेजी गई थी। लखनऊ में सेफ सिटी प्रोजेक्ट को 19 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह लांच करेंगे।

सेफ सिटी की खास बातें

इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम प्रदेश का सबसे अत्याधुनिक कंट्रोल रूम होगा, जिसे अलग बनाए जाने की योजना है। इसके तहत खासकर ऐसे स्थानों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, जहां महिलाओं का आवागमन ज्यादा होता है। कंट्रोल रूम में ऑडियो-वीडियो एनालिटिक, सोशल मीडिया मॉनीटरिंग, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, डेटा एनालिसिस के अत्याधुनिक उपकरण होंगे। साथ ही विशेष सिटीजन व पुलिस एप विकसित किए जाएंगे। कंट्रोल रूम में आने वाली सूचनाओं, ऑडियो-वीडियो, फोटो व डाटा की ऑटोमेटिक एनालिसिस की व्यवस्था होगी। कंट्रोल रूम से जुड़े कैमरों के जरिये कहीं भीड़ इकट्ठा होने का अलर्ट भी जनरेट होगा। सोशल मीडिया पर चलने वाली गतिविधियों का ऑटोमेटिक फीडबैक भी मिलेगा। शहर की 250 बसों में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे व पैनिक बटन भी सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मी व नागरिक कोई तस्वीर अथवा वीडियो सीधे कंट्रोल रूम को भेज सकेंगे और कंट्रोल रूम उसका विश्लेषण कर संबंधित स्थान के लिए अलर्ट जारी कर देगा। इस व्यवस्था का लाभ अन्य अपराधों व परिस्थितियों में भी लखनऊ पुलिस को मिलेगा।

शहर में बनेंगे 100 पिंक आउट पोस्ट

शहर में 100 पिंक आउट पोस्ट बनेंगे, जहां महिला पुलिसकर्मी ही तैनात होंगी और कोई भी महिला किसी भी तरह की मुसीबत में उन बूथ पर पहुंचकर सीधे मदद मांग सकेगी। ये बूथ इंटरनेट के जरिये संबंधित थाने से जुड़े होंगे। इसके अलावा शहर में 100 पिंक स्कूटर होंगी, जिन पर महिला पुलिसकर्मी गल्र्स स्कूल-कॉलेज व मॉल के आसपास पेट्रोलिंग करेंगी। इतना ही नहीं 10 पिंक एसयूवी भी तैनात होंगी। राजधानी के 43 थानों व एसपी कार्यालयों में कुल 50 पिंक हेल्प डेस्क भी बनेंगी जहां महिलाओं से जुड़े मामलों के लिए निजी काउंसलर उपलब्ध होगा। इसके अलावा 1090 में संचालित वर्क स्टेशनों की संख्या दोगुना यानी 160 की जाएगी। यूपी 100 व 1090 के आपस में इलेक्ट्रानिक लिंक हो जाएंगे यानि 112, 100 व 1090 पर की जाने वाली कॉल एक-दूसरे को ट्रांसफर की जा सकेंगी।

 

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