दरकने लगी यूपी पुलिस की अनुशासन की दीवार, अब खुलकर होने लगे विरोध प्रदर्शन

  • सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मी लगातार उठा रहे हैं आवाज
  • उन्नाव में पोस्टर चिपका कर जता रहे विरोध अधिकारियों में हडक़ंप
  • दर्जनों पुलिसकर्मियों ने काली पट्टी बांध कर किया था विरोध प्रदर्शन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी पुलिस की अनुशासन की दीवार अब दरकने लगी है। तमाम पुलिसकर्मी सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों से अपना विरोध जताने लगे हैं। पिछले दिनों एक हत्यारोपी पुलिसकर्मी के पक्ष में राजधानी में कुछ पुलिसकर्मियों ने थाने के अंदर काली पट्टी बांध कर अपना विरोध जताया था। हालांकि इस मामले में महकमे ने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। बावजूद इसके अंसतोष कम होता नहीं दिख रहा है। ताजा मामला उन्नाव जनपद का है। यहां पुलिसकर्मियों की ओर से पोस्टर चिपकाए गए हैं। इन पोस्टरों में कहा गया है कि पुलिसकर्मियों का दर्द समझने वालों को ही वोट दीजिए। तबादला नीति और अवकाश की सरकारी नीति पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पुलिस महकमे में अनुशासनहीनता का मामला विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद सामने आया। इस मामले में एक पुलिसकर्मी ने विवेक तिवारी की हत्या कर दी थी। इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर थानों तक हत्यारोपी सिपाही को बचाने की कोशिश की जाने लगी थी। इसके के लिए एक अभियान चलाया गया। ऐसा पहली बार हुआ जब किसी हत्यारोपी सिपाही को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने बगावती तेवर दिखाए। यही नहीं हत्यारोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत का केस लडऩे के लिए सोशल मीडिया के जरिए चंदा उगाहा गया। आरोपी की पत्नी के खाते में उसकी जमानत और केस लडऩे के लिए काफी मात्रा में पैसा भी आ गया। उसकी पत्नी राखी के बैंक खाते में पुलिसकर्मियों द्वारा रुपये डाले गए। इसके साथ ही उसके साथियों ने सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट भी डाले। जिसमें वह आरोपी सिपाहियों का बचाव कर रहे थे। हैरत की बात यह कि कुछ पुलिसकर्मियों ने इसके विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन का ऐलान किया और कई थानों में ऐसा किया भी। पुलिसकर्मियों के इस तेवर से आला अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ लेकिन अब पुलिसकर्मी अन्य मुद्दों को लेकर मैदान में उतर आए हैं। उन्नाव जनपद में उन्होंने पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इन पोस्टरों में न केवल वेतन विसंगति बल्कि तबादला नीति पर सवाल उठाया गया है। साथ ही सरकार को चेतावनी भी दी गई है कि पुलिस में संपूर्ण सुधार करने वाले को ही पुलिस परिवार वोट देगा। एक पोस्टर पर लिखा है कि शांत नहीं हम मौन है, 2019 में बताएंगे हम कौन हैं। हालांकि इस मामले पर कई पुलिस अधिकारी कुछ बोलने से बचते नजर आ रहे हैं।

पहली बार दिख रही है अनुशासनहीनता

यूपी पुलिस पर पहले भी कई संगीन आरोप लगे हैं। हत्या से लेकर लूट तक के आरोप में कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई और वह जेल गये लेकिन विवेक तिवारी हत्याकाण्ड में पुलिस विभाग की काफी फजीहत हुई। इस घटना ने पुलिस के अंदर पनप रही अनुशासनहीनता को भी उजागर कर दिया।

पुलिस विभाग में पूरा अनुशासन है। जहां भी इस तरह की शिकायतें मिल रही हैं वहां कार्रवाई की जा रही है ।
-प्रवीण कुमार, डीआईजी, एलओ

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