आवारा कुत्तों का आतंक हाथ पर हाथ धरे बैठे जिम्मेदार

  • नगर निगम के कुत्तों की धर-पकड़ और नसबंदी के दावे फुस्स
  • रोजाना लोगों पर हमले कर रहे आवारा कुत्ते, दहशत फैली

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में आवारा कुत्तों का आतंक फिर दिखने लगा है। इसने कुत्तों की धर-पकड़ और नसबंदी करने के तमाम दावों की पोल खोल दी है। हाल यह है कि इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और ये लोगों पर हमले कर रहे हैं। इनके हमलों से अभी तक कई लोग जख्मी हो चुके हैं और कुछ का इलाज आज भी चल रहा है।
तमाम कवायदों के बावजूद शहर की शायद ही ऐसी कोई गली या सडक़ हो जहां आवारा कुत्तों का आतंक न हो। यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। नगर निगम कुत्तों की बढ़ती संख्या पर रोक नहीं लगा पा रहा है। कुत्ते रोजाना लोगों पर घातक हमले कर रहे हैं। कुत्तों के धर-पकड़ का अभियान भी बंद पड़ा है। यह हाल तब है जब पिछले दिनों सीतापुर जिले में आदमखोर कुत्तों ने कई मासूम बच्चों की जान ले ली और कई लोगों को घायल कर दिया। राजधानी में अगर आवारा कुत्तों के लिए नगर निगम की तरफ से कोई व्यवस्था जल्द नहीं बनाई गई तो यहां कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।
नगर निगम के अफसरों ने बताया कि राजधानी में इस समय सिर्फ दो ही बर्थ सेंटर हैं। एक एबीसी सेंटर गोमती नगर में है जो कि अभी निर्माणाधीन है और दूसरा कान्हा उपवन में है जहां हर महीने करीब तीन सौ आवारा कुत्तों की नसबंदी होती है जबकि शहर में करीब 60 हजार आवारा कुत्ते हैं। अपर नगर आयुक्त अनिल मिश्रा ने बताया कि नगर निगम की तरफ से आवारा कुत्तों की सिर्फ नसबंदी ही की जा सकती है। उन्हें पकडक़र कहीं दूर स्थान पर छोड़ा नहीं जा सकता है। उनका दावा है कि पहले के मुकाबले कुत्तों के हमलों में कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस महीने अधिकतर कुत्ते हिंसक हो जाते है।

क्रास ब्रीडिंग से बढ़ी आक्रामकता
जानकारों के मुताबिक शहर में कुत्तों के बढ़ते हमले की बड़ी वजह क्रॉस ब्रीडिंग यानी अलग- अलग नस्ल के कुत्तों के बीच प्रजनन है। इससे कुत्तों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ रही है। क्रास ब्रीड के मेल डॉग में आक्रामकता बढ़ाने वाले हारमोन्स बनते हैं। वहीं कुत्तों को खाना न मिलना भी उनके आक्रामक होने की एक वजह है। भूखे कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं।

2018 में हुईं घटनाएं

21अक्टूबर: इंदिरा नगर निवासी चन्द्र कुमार शर्मा को आधा दर्जन कुत्तों ने घेर लिया और जख्मी कर दिया। शर्मा को जख्मी हालत में राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
12 जून: खदरा में एक साथ छह लोगों को कुत्तों ने नोंचकर लहूलुहान कर दिया। रेहान 5 वर्ष, फातिमा 10 वर्ष, मो. अयान सात वर्ष, कामरान पांच वर्ष व परवेज 30 वर्ष को इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल लाया गया था।
14 मई: गोमती नगर के विभूति खंड के बेनन पुरवा गांव निवासी सुजीत के दो साल के बेटे श्रीचंद्र को कुत्तों ने नोंच डाला। सुजीत ने बताया कि अगर वे जल्द नहीं पहुंचते तो कुत्ते बच्चे की जान ही ले लेते।
9 फरवरी: इंदिरानगर क्षेत्र के तकरोही निवासी बृजेश की बेटी खुशी (7वर्ष) घर के बाहर खेल रही थी। उसी बीच आवारा कुत्ते ने उसे काट लिया।
8 फरवरी: इंदिरानगर के सेेक्टर 10 चौराहे के पास बाबा कुटिया के निकट कई आवारा कुत्तों ने बच्ची पर हमला कर दिया। बच्ची के पिता राधेश्याम ने बताया कि वह अपनी मां के साथ राशन लेने गई थी, तभी कुत्तों ने काट खाया।

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