म्यूजिक, मस्ती और डांडिया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सिटी के आशियाना क्षेत्र स्थित एक होटल में ‘हम साथ-साथ हैं ’ ग्रुप की तरफ से बीते दिनों डांडिया नाइट पार्टी ऑर्गेनाइज की गई। इसमें सभी क्लोज फ्रेंड्स को इन्वाइट किया गया था। पार्टी में बॉलीवुड के बेहतरीन गानों और म्यूजिक पर सभी पार्टी मेंबर्स ने जमकर डांडिया डांस किया। आखिर में सभी लोगोंं ने कॉकटेल और डिनर का भी लुत्फ उठाया। पार्टी को शानदार बनाने में नितिन, अखिल, विवेक, विकास का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मैं ‘वीरे दी वेडिंग’ का हिस्सा बनकर खुश हूं: करीना

अभिनेत्री करीना कपूर खान का कहना है कि उन्हें खुशी है कि वह फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ का हिस्सा थी। यह फिल्म चार महिला दोस्तों की कहानी थी। करीना ने बयान में कहा, ‘‘यह फिल्म मेरी उन फिल्म से काफी अलग थी, जिन्हें मैंने पहले किया है। मैंने जिन फिल्मों में काम किया उनमें मुख्य किरदार पुरुष का था। यह कहानी उन चार लड़कियों के बारे में थी जो अपने जिंदगी के अलग-अलग पड़ाव पर थीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जिस पल इसकी पटकथा पढ़ी तभी से मैं फिल्म का हिस्सा बनना चाहती थी। मुझे बहुत खुशी है कि हमने इस तरह की दोस्ती पर एक फिल्म बनाई है। ‘वीरे दी वेडिंग’ एक ऐसी फिल्म है जिसका हर कोई पूरे परिवार के साथ आनंद ले सकता है। इसमें हर किसी के लिए कुछ न कुछ है।’’
वहीं, सोनम ने फिल्म के बारे में कहा, ‘वीरे दी वेडिंग’ महिला मित्रों के एक समूह की सामान्य और प्रासंगिक कहानी है। हर कोई फिल्म से जुड़ सकता है क्योंकि यह चार दोस्तों की यात्रा के बारे में बात करती है और दर्शक इन पात्रों के जीवन जी सकते हैं क्योंकि वे विभिन्न भावनाओं से गुजरती हैं।

महिला बनाम पुरुष युद्ध नहीं ‘मीटू’ अभियान: चित्रांगदा

चित्रांगदा सिंह का मानना है कि ‘मीटू’ अभियान पुरुष बनाम महिला युद्ध नहीं है और न ही यह पुरुषों को अपराधी ठहराए जाने वाला अभियान है। अभिनेत्री का कहना है कि यह अभियान सभी के लिए समाज को सुरक्षित बनाए जाने के लिए है।
चित्रांगदा ने कहा, ‘‘हर बदलाव की शुरुआत तभी होती है, जब हम बातचीत की शुरुआत करते हैं। सच कहूं तो पश्चिमी सभ्यता वाले समाज में और हमारे समाज में बहुत बड़ा अंतर है। अंग्रेजी के शो और फिल्में देख लेने से ही हम उस समाज का हिस्सा नहीं बन जाते।’’चित्रांगदा ने कहा कि यह अभियान महिला बना पुरुष युद्ध नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यह समाज को सुरक्षित रखने के लिए है। इसमें केवल पुरुषों को अपराधी नहीं ठहराया जा रहा है।’’ अभिनेत्री ने आईएएनएस से एक खास बातचीत में कहा, ‘‘हमारे समाज और हमारी सोच में अंतर है। यही कारण है कि हमारे ‘मीटू’ अभियान में समानता नहीं है। मैं तनुश्री दत्ता के बारे में कहूंगी कि उन्होंने एक बात सही कही थी कि एक अभियान के लिए समाज को उस प्रकार का वातावरण बनाना जरूरी है।’’चित्रांगदा का मानना है कि बदलाव के लिए महिला और पुरुष को साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि कोई भी अभियान किसी एक लिंग के समर्थन में काम करता है और यह तब तक साबित नहीं होगा, जब तक महिला और पुरुष साथ नहीं होते। जब तक पुरुष यह नहीं समझेंगे कि महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराना उनकी जिम्मेदारी है, तब तक चीजें मुश्किल ही रहेंगी।’’
उल्लेखनीय है कि ‘मीटू’ अभियान में फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों के नाम उजागर हुए हैं और उन पर महिलाओं में यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इसमें विकास बहल, चेतन भगत, कैलाश खेर, रजत कपूर, आलोक नाथ, अनु मलिक, गुरुसिमरन खाम्बा और साजिद खान जैसी हस्तियों के नाम शामिल हैं।

एक्टे्रस प्रीति जिंटा की सफलता में रहा कुंदन शाह का अहम योगदान

दिवंगत निर्देशक कुंदन शाह की 71वीं जयंती के मौके पर बीते दिनों अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने कहा कि मेरी सफलता में कुंदन शाह का अहम योगदान है। प्रीति ने कुंदन के साथ ‘क्या कहना और दिल है तुम्हारा’ जैसी फिल्मों में काम किया था। प्रीति (43) ने ट्वीट कर कहा, कुंदन शाह वह पहले निर्देशक थे जिनके साथ मैंने काम किया और उनसे सब कुछ सीखा।
उन पर कड़ी मेहनत का जुनून सवार था और वे गजब की हाजिरजवाब थे। मैं आपको याद करती हूं। मैं आज जो भी हूं आपकी और आपकी मेहनत की वजह से हूं। कुंदन ने वर्ष 1983 की फिल्म जाने भी दो यारों से निर्देशन में डेब्यू किया था। इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। उनका निधन पिछले साल दिल का दौरा पडऩे से हुआ।

 

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