क्राफ्ट सर्किट से ब्रांड यूपी को सुधारने में जुटी सरकार

  • ओडीओपी के जरिये प्रदेश को देश और दुनिया में पहचान दिलाने की कवायद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के जरिये ‘ब्रांड यूपी’ को देश और दुनिया में पहचान दिलाने में जुटी है। ओडीओपी में शामिल जिलों में सर्वाधिक संख्या उनकी है जहां किसी न किसी रूप में दस्तकारी (क्राफ्ट) का काम होता है। हाल ही में सरकार ने पर्यटन नीति को संशोधित करते हुए उसमें ‘क्राफ्ट सर्किट’ के नाम से नये सर्किट की घोषणा की है। इस सर्किट में दस्तकारी के अलग-अलग सामानों के निर्माण के लिए मशहूर आगरा, फीरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस, मैनपुरी, मुरादाबाद, सहारनपुर, हापुड़, वाराणसी, जौनपुर, मीरजापुर, चुनार, ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, बांदा, जालौन, रामपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, संभल और गोरखपुर जिले शामिल हैं।
सरकार की तरफ से चिन्हित जिलों के 20 किमी की परिधि में आने वाले जगहों पर निवेश करने वालों को उप्र पर्यटन नीति के वित्तीय प्रोत्साहन और लाभ दिये जाएंगे। इससे संबंधित जिले और इसके 20 किमी के दायरे में सत्कार क्षेत्र के उद्यमी निवेश के लिए आकर्षित होंगे। बुनियादी सुविधाओं के बेहतर होने पर पर्यटक वहां जाएंगे। संबंधित जिलों के उत्पादों की खूबी से वाकिफ होने के साथ इनकी खरीद करेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजी-रोजगार के मौके तो बढ़ेंगे ही ब्रांड यूपी की पहचान और व्यापक होगी।

धार्मिक एजेंडे को भी देंगे धार
संशोधित नीति में क्राफ्ट सर्किट के जरिये जहां ‘ब्रांड यूपी’ को और निखारने का प्रयास किया गया है, वहीं रामायण, महाभारत, ब्रज, शक्तिपीठ और आध्यात्मिक सर्किट में कई और स्थानों को जोडक़र धार्मिक एजेंडे को भी धार देने की कोशिश की गई है। मसलन रामायण सर्किट में पहले सिर्फ अयोध्या, चित्रकूट और श्रृंगवेरपुर ही थे। संशोधित नीति में विजेथुआ महावीरन(सुलतानपुर), बिठूर, को भी जोड़ा गया है। इतना ही नहीं सरकार ने लोगों की भावनाओं को समझते हुए शक्तिपीठ सर्किट में सर्वाधिक जगहों को शामिल किया है।

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