बिजली चोरी रोकने में सुस्त निगमों पर होगी कार्रवाई

  • पॉवर कारपोरेशन ने अधीक्षण अभियंताओं को दिए निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में बिजली चोरी और लाइन हानियां रोकने के लिए चल रही कोशिशें कई जिलों में कारगर साबित नहीं हो रही हैं। वैसे तो पूरे प्रदेश के सभी वितरण निगमों में बिजली चोरी होने से लाइन हानियां कम नहीं हो रही हैं लेकिन प्रदेश के टॉप टेन बिजली चोरी-लाइन हानियों वाले क्षेत्र पश्चिम में ही हैं। इसमें इटावा, मेरठ, संभल, कन्नौज आदि जिलों में 55 फीसदी तक बिजली चोरी हो रही है।
प्रदेश में ऐसे वितरण खंडों को चिन्हित भी किया गया है, जहां 25 फीसदी से अधिक लाइन हानियां-बिजली चोरी हो रही है लेकिन इस पर बहुत प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। पॉवर कारपोरेशन ने इन क्षेत्रों में तैनात अधीक्षण अभियंताओं को सीधे जिम्मेदार बनाते हुए स्थिति सुधारने के लिए दो महीने का समय दिया है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में हर वर्ष पांच हजार करोड़ से अधिक की बिजली चोरी में चली जाती है। नए टैरिफ के अनुसार यदि लाइन हानियां-बिजली चोरी 19 प्रतिशत से अधिक होती है तो कारपोरेशन को घाटा उठाना पड़ेगा।

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