संतों के बाद अब संघ ने मोदी सरकार पर बनाया दबाव, भागवत बोले राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लाए सरकार

  • मंदिर निर्माण से देश में बढ़ेगी सद्भावना, देश को खोखला करना चाहती हैं कुछ शक्तियां
  • विजय दशमी के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की शस्त्र पूजा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा गरमाता जा रहा है। पिछले दिनों मंदिर निर्माण में देरी से नाराज संतों ने अनशन के जरिए सरकार से अपना विरोध जताया। वहीं आज विजय दशमी के मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी रास्ते से राम मंदिर का निर्माण जरूर होना चाहिए, इसके लिए सरकार को कानून लाना चाहिए। भागवत का यह बयान ऐसे समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में 29 अक्टूबर से नियमित सुनवाई होनी है।
नागपुर में राष्टï्रीय स्वयं सेवक संघ के विजय दशमी उत्सव को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत अगर पंचामृत के मंत्र पर आगे बढ़ेगा तो एक बार फिर विश्वगुरू बन सकता है। एक भयानक आंधी बाबर के रूप में आई और उसने हमारे देश के हिंदू-मुसलमानों को नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि राम सिर्फ हिंदुओं के नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के हैं। अगर राम मंदिर बनता है तो देश में सद्भावना का माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि इनकी सत्ता है फिर भी मंदिर क्यों नहीं बना, वोटर सिर्फ एक ही दिन का राजा रहता है। मतदाता को सोच-विचार कर अपने वोट का इस्तेमाल करना चाहिए, वरना एक दिन के कारण पांच वर्ष तक भुगतना पड़ता है। सबरीमाला के मुद्दे पर मोहन भागवत ने कहा कि सबरीमाला के निर्णय का उद्देश्य स्त्री-पुरुष समानता का था, लेकिन क्या हुआ। इतने वर्षों से परंपरा चल रही है वह टूट गई, जिन्होंने याचिका डाली वो कभी मंदिर नहीं गए। कोर्ट के फैसले से वहां पर असंतोष पैदा हो गया है। कुछ शक्तियां देश को खोखला करना चाहती हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भी इस कार्यक्रम को संबोधित किया।

पाक-चीन पर भी बोला हमला

मोहन भागवत ने कहा कि पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन हुआ लेकिन उसकी हरकतों में कोई अंतर नहीं आया। हमें इतना बलवान होना पड़ेगा ताकि कोई हमारे ऊपर आक्रमण करने की हिम्मत न कर पाए। हम किसी से शत्रुता नहीं रखते लेकिन गोली का जवाब गोली से दे सकते हैं। चीन का बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल से लेकर हिंद महासागर तक कई द्वीप ऐसे हैं, जो सामरिक दृष्टि से काफी अहम हैं। उन सभी की नाकाबंदी होनी चाहिए। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जो भारत को आगे नहीं बढऩे देना चाहते हैं। कुछ शक्तियां मालदीव, श्रीलंका को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रही हैं।

कुछ लोग बंदूक के दम पर हासिल करना चाहते हैं सत्ता

संघ प्रमुख ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में छोटी-छोटी बातों को लेकर आंदोलन हुए जिन्हें बड़ा बना दिया गया लेकिन जो भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगाते हैं, जो आतंकवादियों से संबंध रखते हैं वे भी इस आंदोलन में दिखते हैं। इसका राजनीतिक लाभ भी लिया जा रहा है। इसका कंटेंट पाकिस्तान और इटली में बैठे लोगों की तरफ से आ रहा है। माओवादियों को लेकर भागवत ने कहा कि आजकल अर्बन माओवादी की बात सामने आई है। माओवाद हमेशा अर्बन ही रहा है। कुछ लोग बंदूक के दम पर सत्ता को हथियाना चाहते हैं।

बसपा के पूर्व सांसद के बेटे आशीष पांडेय ने कोर्ट में किया सरेंडर

  • आशीष के खिलाफ जारी किया गया था लुकआउट नोटिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली के पांच सितारा होटल हयात के बाहर एक लडक़ी पर पिस्टल तानने और गाली-गलौज करने के मामले में बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय के बेटे आशीष पांडेय ने आज दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
सरेंडर से पहले आशीष पांडेय ने कहा कि मुझे ऐसे पेश किया जा रहा है जैसे मैं कोई आतंकी हूं और पुलिस मुझे देशभर में ढूंढ़ रही है। मेरे खिलाफ लुकआउट नोटिस तक जारी कर दिया गया है। आप उस शख्स की तलाश कीजिए जो लेडीज टॉयलेट में गया था। मैं पिस्टल अपनी सुरक्षा के लिए लेकर गया था। मैंने किसी को कोई धमकी नहीं दी। मैं सरेंडर कर रहा हूं और मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

योगी सरकार का बड़ा ऐलान, प्रदेश में भारी संख्या में होगी सिपाहियों की भर्ती

  • सिविल पुलिस में 20 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने पुलिस बल में बड़ी संख्या में सिपाहियों की भर्ती का ऐलान किया है।
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, और डीजीपी ओपी सिंह ने संयुक्त प्रेस कांन्फ्रेंस में बताया कि पूर्व में संचालित सिविल पुलिस और पीएसी की सिपाही भर्ती परीक्षा में इलाहाबाद और एटा जिले के परीक्षा केंद्रों पर विसंगति सामने आई थी। इस परीक्षा को फिर आयोजित करने का फैसला किया गया है। इस परीक्षा में फिर से 9 लाख 75 हजार अभ्यर्थियों को शामिल होने का मौका दिया जाएगा। प्रमुख सचिव गृह ने कहा कि मौजदा समय 2 लाख 29 हजार 668 पद है लेकिन 1 लाख 32 हजार की उपलब्धता है। सिपाहियों में 97 हजार वैकेंसी है इसमें 42 हजार की भर्ती प्रक्रिया में है। 51216 सिपाहियों की भर्ती के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सिविल पुलिस में 20 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे।

  • 51216 सिपाहियों की भर्ती के लिए शुरू की गई प्रक्रिया 
  • 9 लाख 75 हजार अभ्यर्थियों को शामिल होने का दिया जाएगा मौका
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