अमीनाबाद में नासूर बना अतिक्रमण, धरी रह गईं योजनाएं, नगर निगम लाचार

  • हाईकोर्ट की सख्ती का भी नहीं दिखा कोई असर
  • पिछले चार साल से हाथ पर हाथ धरे बैठे जिम्मेदार
  • नगर निगम के रोस्टर प्लान से गायब हुआ नाम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर के अमीनाबाद में अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। त्यौहारी सीजन ने इस समस्या को और भी बढ़ा दिया है। वही नगर निगम और यातायात पुलिस अमीनाबाद में अतिक्रमण हटाने में नाकाम हो रही है। व्यापारियों के भारी विरोध और हाईकोर्ट की सख्ती के चलते अमीनाबाद को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए कई बार योजनाएं बनीं लेकिन संबंधित विभाग आज तक अमीनाबाद को अतिक्रमण मुक्तनहीं कर सके।
अमीनाबाद में बीते चार साल से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम की ओर से कोई अभियान नहीं चलाया गया। अफसरों पर जब अधिक दबाव पड़ता है या क्षेत्र में किसी वीआईपी का आगमन होता है तभी वे अतिक्रमण हटाने के कोशिश करते हैं। कभी-कभी बिना जेसीबी के हल्का अभियान चला कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। 2013 में व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अक्टबूर 2013 में नगर निगम, जिला प्रशासन, लखनऊ विकास प्राधिकरण और क्षेत्रीय थाने की पुलिस को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। सभी विभागों के सहयोग से अभियान चलाकर अमीनाबाद को अतिक्रमण मुक्त करने की कोशिश की गई। निगम के बड़े अफसर खुद अभियान में शामिल हुए। हालांकि इस दौरान प्रवर्तन दल को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। बावजूद इसके काफी हद तक अतिक्रमण पर काबू पाया गया। अभियान के बाद अमीनाबाद की सडक़ों से अतिक्रमण कुछ कम हुआ था। कोर्ट की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण को लेकर निगम से जवाब-तलब भी किया जाता था। निगम की ओर से कई बार विभाग के द्वारा चलाए गए अतिक्रमण अभियान की रिपोर्ट कोर्ट को दी गई लेकिन जैसे ही कोर्ट ने जवाब-तलब करना बंद कर किया वैसे ही नगर निगम के अफसरों ने अतिक्रमण विरोधी अभियान को भुला दिया। यही नहीं निगम के रोस्टर प्लान से अमीनाबाद का नाम तक गायब हो गया। मौजूदा समय में अमीनाबाद में सबसे ज्यादा अतिक्रमण कुल्फी चौराहे से लेकर टैम्पो स्टैंड तक रहता है। इसके साथ कई और बाजारों में अतिक्रमण बना हुआ है। इसके कारण इधर से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

यहां रहता है जाम

नजीराबाद क्रासिंग, ओल्ड नजीराबाद, लाटूश रोड, मेडिसिन मार्केट, न्यू मेडिसिन मार्केट, नजीराबाद, स्वदेशी मार्केट, मुमताज मार्केट, प्रताप मार्केट, गणेशगंज, गन्ने वाली गली, बतासे वाली गली, जूते वाली गली, गड़बड़झाला, बुक मार्केट, गंगाप्रसाद मार्ग।

हादसे के बाद भी नहीं चेते जिम्मेदार

13 मार्च 2016 को अमीनाबाद के मुमताज मार्केट में भीषण अग्निकांड में 200 दुकानें जल कर खाक हो गईं। करोड़ों का माल स्वाहा हो गया। क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां मौके पर नहीं पहुंच सकी। फायर ब्रिगेड कर्मियों और स्थानीय पुलिस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अग्निकांड मामले में जिला प्रशासन की ओर से नगर निगम को अमीनाबाद में अतिक्रमण हटाने के निर्देश मिले। निगम के प्रवर्तन दस्ते ने अमीनाबाद के गूंगे नवाब पार्क, पूड़ीवाली गली, गड़बड़झाला क्षेत्र का सर्वे कराया जिसमें 162 दुकानें अवैध मिली। अभियान चलाने के लिए रणनीति बनी, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

फीका पड़ गया पट्टियों का रंग

अमीनाबाद के अतिक्रमण को समाप्त करने के लिए नगर निगम की तरफ से सडक़ों पर पीली पट्टी खींची गई, लेकिन समय के साथ इस पट्टी का रंग फीका पड़ता गया। दुकानदार पीली पट्टी को नजरअंदाज कर उसके बाहर दुकानें सजाने लगे जबकि निगम की तरफ से निर्देशित किया गया था कि सभी दुकानें पीली पट्टी के अंदर ही लगाई जाएंगी, लेकिन निगम की सख्ती कम हुई और दुकानदार पीली पट्टी की सीमाएं तोडऩे लगे।

 

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