पाकिस्तान के लिए देश से गद्दारी कर रहा था जवान, गिरफ्तार

  • मेरठ छावनी में तैनात जवान ने सेना की गोपनीय सूचनाएं भेजी पाक खुफिया एजेंसी को
  • तीन महीने से था आर्मी इंटेलीजेंस की रडार पर पूछताछ में कई और नामों का हो सकता है खुलासा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ब्रह्मïोस मिसाइल की नागपुर यूनिट से संदिग्ध आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी के बाद अब भारतीय सेना के एक और जवान को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मेरठ छावनी के सिग्नल रेजिमेंट के सैनिक पर जासूसी करने का आरोप है। सैनिक से पूछताछ हो रही है। यह जवान मेरठ छावनी में दो साल से तैनात था।
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला यह सैनिक मेरठ छावनी स्थित एक सिग्नल रेजिमेंट में सिग्नलमैन के तौर पर कार्यरत है। यह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) को पश्चिमी कमान व इसके अंतर्गत आने वाले कोर और डिवीजन से जुड़ी गोपनीय जानकारी मुहैया करा रहा था। मेरठ छावनी में यह पहली बार है जब एक सैनिक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया है। तमाम खुफिया एजेंसियां इस मामले की जांच में जुटी हैं। पकड़े गए सैनिक ने पूछताछ में कुछ और लोगों के नाम बताए हैं, इसीलिए सेना पकड़े गए सैनिक का नाम उजागर नहीं कर रही है। एक कर्नल रैंक के अफसर के अनुसार डिवीजन के सिग्नल रेजिमेंट से जुड़े तमाम कार्यालयों में लगातार जांच-पड़ताल की जा रही है। जासूसी करते पकड़े गए सैनिक के अलावा भी कुछ सैनिकों से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ चल रही है जिससे मामले की तह तक जाने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि मेरठ में वर्ष 2015 में जली कोठी के आसिफ को आईएसआई के लिए जासूसी करते पकड़ा गया था। वर्ष 2016 में भी एजाज नामक पाकिस्तानी युवक को जरूरी दस्तावेज के साथ पकड़ा गया था।

कोर्ट ऑफ इंक्वायरी

इस मामले में सेना की ओर से कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जाएगी। पकड़े गए सिपाही के अलावा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी लोगों की जांच होगी। प्राथमिक तौर पर सेना यह जानने की कोशिश कर रही है किस स्तर के अहम दस्तावेज पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को भेजे गए हैं। इंक्वायरी पूरी होने पर कोर्ट मार्शल होगा।

सिग्नल कोर है बेहद अहम

भारतीय सेना के साथ ही दुश्मन सेना के लिए भी मेरठ छावनी महत्वपूर्ण है। सेना का सिग्नल कोर बेहद अहम होता है। सिग्नल के पास सैन्य ठिकानों के साथ ही तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध होती हैं, इसीलिए दुश्मन सेना व खुफिया एजेंसियां सिग्नल मेन को निशाना बनाती हैं।

10 महीने से था संपर्क में

उत्तराखंड निवासी यह सैनिक पिछले करीब दस महीने से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े लोगों के संपर्क में था। पाकिस्तानी नंबर पर फोन से बातचीत होने के कारण ही इसे रडार पर लिया गया। आर्मी इंटेलिजेंस को करीब तीन महीने पहले इसके करतूत की भनक लगी थी। यह वाट्सएप पर एंड-टू-एंड इंसक्रिप्शन के जरिए गोपनीय दस्तावेज भेजा करता था। गहन छानबीन में दस्तावेज भेजे जाने की पुष्टि होने के बाद इंटेलिजेंस विंग ने सैनिक के बारे में मेरठ छावनी स्थित सेना के सभी बड़े इस्टैबलिसमेंट्स को बताया।

इलाहाबाद में छोटा राजन के शार्प शूटर की हत्या

  • बदमाशों ने घेर कर मारी गोली, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
  • कई वारदातों में आया था नीरज का नाम दूसरे गिरोह से चल रही थी दुश्मनी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इलाहाबाद के कैंट क्षेत्र में एक हिस्ट्रीशीटर को बदमाशों ने दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर गोलियों से भून दिया। वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है। हिस्ट्रीशीटर नीरज वाल्मीकि का कई वारदातों में नाम आया था। हमले में उसका भतीजा सौरभ भी जख्मी हो गया। नीरज अंडरवल्र्ड डॉन छोटा राजन के लिए भी काम कर चुका था।
कैंट इलाके में स्थित आफिसर लाइन कालोनी निवासी स्व. बाबूलाल का बेटा नीरज वाल्मीकि दो महीने पहले ही हत्या के मामले में जेल से छूटा था। वह हिस्ट्रीशीटर था। आकाशवाणी चौराहे पर बने दुर्गा पूजा पंडाल में आरती खत्म होने के बाद नीरज पंडाल में कुर्सी पर बैठा था। बगल में उसका भतीजा सौरभ भी बैठा था। इसी दौरान मंगलवार की रात पंडाल के बगल में बने रास्ते से चेहरा ढके बदमाश घुसे और नीरज पर बम फेंका। धमाके के बाद हमलावरों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दी। गोलियां लगने से वह लहूलुहान होकर गिर गया तो हमलावर हवा में गोलियां चलाते हुए बाइक से भाग निकले। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक नीरज वाल्मीकि कचहरी डाकघर लूटकांड का भी आरोपी था। उस पर एक दर्जन के करीब मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक, सीसीटीवी में हमलावरों की तस्वीरें कैद हुई हैं। उसकी दूसरे गिरोह से दुश्मनी चल रही थी।

‘ठांय-ठांय‘ बोलकर एनकाउंटर करने वाले एसआई को मिलेगा वीरता पुरस्कार

  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर यूपी पुलिस की खूब ली गई थी चुटकी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। संभल में अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान पिस्तौल खराब होने पर मुंह से ठांय-ठांय निकालने वाले एसआई को पुलिस विभाग ने वीरता पुरस्कार देने का फैसला किया है। चार दिन पहले यूपी पुलिस का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पिस्तौल खराब होने पर एसआई ने मुंह से ठांय-ठांय बोलकर एनकाउंटर किया था। इस पर यूपी पुलिस की खूब चुटकियां ली गई थीं।
एसपी यमुना प्रसाद ने कहा कि मेरे सहयोगी एसआई मनोज कुमार ने एक हीरो का काम किया है। विभाग ने इसे सकारात्मक लिया है। एसआई की पिस्तौल जाम होने के बाद उन्होंने अपने सहयोगियों का मनोबल बढ़ाने के लिए मुंह से ठांय-ठांय बोला। यूपी पुलिस का मानना है कि एसआई ने उस समय जो किया वह बहादुरी का काम था, इसलिए उनका नाम बहादुरी पुरस्कार के लिए डीजीपी को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि 13 अक्टूबर को असमौली पुलिस रात में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर दो लोग आए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वे भागकर गन्ने के खेत में छिप गए। दारोगा मनोज कुमार और सिपाही बलराम ने उन्हें घेर लिया। सामने से फायरिंग होने पर मनोज कुमार ने रिवॉल्वर निकाला तो वह नहीं चला। इसके बाद दरोगा और सिपाही ने ठांय-ठांय बोलते हुए बदमाशों को ललकारा था।

गोरखपुर में गंदगी देख भडक़े नगर विकास मंत्री, कहा सबको कर दूंगा सस्पेंड

  • अपने सामने हटवाया अतिक्रमण, दो को किया निलंबित, निरीक्षण के बाद की सीएम से मुलाकात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोरखपुर की सफाई व्यवस्था से नाखुश नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने नगर निगम के अधिकारियों को खूब खरी-खोटी सुनाई। नखास चौक से लेकर अलीनगर चौराहे तक उन्होंने पैदल सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। गंदगी और अतिक्रमण देख मंत्री आग बबूला हो गए और कहा कि अगर सुधार नहीं हुआ तो सभी अधिकारियों को सस्पेंड कर दूंगा।
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना नखास चौराहे पर पहुंचे। नखास से लेकर बक्शीपुर चौराहे तक नालियां चोक नजर आईं। इससे नाराज मंत्री ने अपने सामने नाली से अतिक्रमण हटाकर उसे साफ कराया। उन्होंने सफाई सेनेटरी इंस्पेक्टर और जोनल सफाई अफसर को निलंबित कर दिया। निरीक्षण के बाद सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात की।

 

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