राज्यपाल ने कहा ’योद्धा योगी‘ पुस्तक का सभी भारतीय भाषाओं में होना चाहिए अनुवाद

  • विधानभवन के टंडन हाल में मुख्यमंत्री के जीवन पर लिखी पुस्तक का हुआ विमोचन
  • समारोह में विधानसभा अध्यक्ष, संसदीय कार्यमंत्री समेत कई मंत्री व नेता भी रहे मौजूद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीवनी पर लिखी पुस्तक ‘योद्धा योगी’ का मंगलवार को राज्यपाल राम नाईक, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विधान भवन के टंडन हाल में विमोचन किया। यह पुस्तक वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण कुमार द्वारा अंग्रेजी में योगी पर लिखी गई पुस्तक ‘द सैफरन सोशलिस्ट’ का हिन्दी अनुवाद है। पुस्तक का हिन्दी अनुवाद पत्रकार प्रेम शंकर मिश्रा ने किया है। विमोचन समारोह में राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि योगी आदित्यनाथ पर लिखी गई इस पुस्तक का अनुवाद सभी भारतीय भाषाओं में होना चाहिए। ताकि हर किसी को उनके बारे में जानने का मौका मिल सके।
इस समारोह में विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि ‘योद्धा योगी’ में तमाम प्रसंग ऐसी शैली में लिखे गए हैं, जैसे जासूसी की किताबों में लिखे जाते हैं। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को लेकर देश और विदेश में तरह-तरह के मिथ फैले हैं। उन पर अंकुश लगाने में यह किताब मील का पत्थर साबित होगी। वहीं फिल्म कलाकार और निर्देशक सतीश कौशिक ने कहा कि किताब पढ़ते समय ऐसा अनुभव हो रहा था, जैसे आंखों के सामने फिल्म चल रही हो। इस समारोह में ग्राम्य विकास मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक वीरेंद्र सिंह सिरोही, प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे, सीएमएस के संस्थापक जगदीश गांधी, दयाशंकर सिंह के अलावा राजनीति, साहित्य और पत्रकारिता से जुड़ी तमाम हस्तियां मौजूद थीं।
तैल चित्र का अनावरण
राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को विधानभवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित और सीएम योगी आदित्यनाथ के तैल चित्रों का अनावरण किया। सीएम योगी के चित्र का अनावरण मुख्यमंत्रियों की फोटो गैलरी में हुआ, जबकि महात्मा गांधी के नए चित्र का अनावरण विधान मंडप के भीतर हुआ। मंडप में अध्यक्ष की कुर्सी के ऊपर महात्मा गांधी की तस्वीर लगी है। इसी तरह विधानसभा अध्यक्ष के चित्र का अनावरण टंडन हाल में हुआ। इस मौके पर योगी सरकार के मंत्री और विधायकों के साथ तैल चित्र बनाने वाले कलाकार कृष्ण कन्हई भी मौजूद थे।

Pin It