बिना अनुमति गोमती नगर में हो रहा अवैध खनन

  • पैकफेड मशीनों से की जा रही अवैध खोदाई
  • एलडीए के दर्जनों कामर्शियल प्लाट पर मंडरा रहा संकट
  • खोदाई से पहले एलडीए के अभियंताओं की मौजूदगी में नहीं कराई गई जमीन की पैमाइश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। अवैध खनन को लेकर योगी सरकार भले ही सख्त हो लेकिन शहर के बीचोबीच वीआईपी इलाके में बिना अनुमति मिट्टी की खोदाई का खेल जारी है। यह खोदाई कहीं और नहीं बल्कि गोमतीनगर स्थित विराज खंड में एलडीए के कामर्शियल प्लाटों और रेलवे लाइन के बीच की जमीन पर की जा रही है। आस पास के निवासियों ने बताया कि जमीन की खोदाई रेलवे द्वारा करायी जा रही है। 100 500 वर्गफुट जमीन से करीब पांच फुट गहराई में मिट्टी खोदी गई है। यहां पोकलैंड मशीनों से आज सुबह से कई डम्फर मिट्टी खोद डाली गई। इसकी जानकारी एलडीए को भी हुई लेकिन खोदाई का काम रुकवाने के लिए मौके पर कोई नहीं पहुंचा।
गौरतलब है कि डिजस जगह पर जमीन की खोदाई की जा रही है, वहां एलडीए के बेशकीमती कामर्शियल प्लाट हैं। जिनपर अभी लोगों ने कब्जा नहीं लिया है। ऐसे में एलडीए के कई दर्जन प्लाट दांव पर लगे हैं। क्योंकि खोदाई से पहले एलडीए के अभियंताओं की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश तक नहीं

डीएम ने दिये तुरंत कारवाई के आदेश
डीएम कौशल राज शर्मा को जैसे ही इस खनन की जानकारी हुई उन्होंने तुरंत इसकी जांच के आदेश कर दिये। उन्होंने कहा चाहे रेलवे हो या कोई और अन्य विभाग बिना अनुमति और बिना खनन शुल्क के कोई इस तरह खुदाई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जायेगी।

भारी विरोध के बीच कुकरैल से हटवाया गया अतिक्रमण

  • सीएम के निर्देश पर जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग व नगर निगम को हटाना था कब्जा
  • लोगों ने कहा बिना पूर्व सूचना के चला रहे अभियान परिवार लेकर कहां जाएं

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सीएम के निर्देश पर सर्वोदय नगर स्थित कुकरैल नाले से अतिक्रमण हटाने पहुचीं सिंचाई विभाग और नगर निगम की टीम ने लोगों को खुद अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया तो लोग विरोध पर उतर आए। नाले के आसपास झुग्गी झोपड़ी डाल कर रहने वालों ने अभियान के विरोध में कुकरैल पुल जाम कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान घंटों तक पुलिस बल नदारद रहा।
लोगों ने अफसरों पर पक्षपात का आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के अभियान चलाया जा रहा है। यही नहीं लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे नाले पर झुग्गी झोपड़ी और पक्के निर्माण हैं। लेकिन सबसे पहले गरीबों को हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सडक़ जाम कर विरोध जता रहे लोगों ने साफ कहा कि अगर हमको हटाना है तो एक छोर से अभियान चले, न की बीच से। इस दौरान करीब एक घंटे तक सडक़ पर जाम की स्थिति बनी रही। करीब 12:30 बजे स्थानीय पुलिस ने लोगों को समझा बुझा कर जाम खुलवाया लेकिन 10 मिनट में लोगों ने दोबारा सडक़ जाम कर लिया। पुलिस लगातार लोगों को समझाती रही। सडक़ जाम के चलते यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कई राहगीरों ने रास्ता रोके जाने का विरोध किया तो प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनसे झड़प भी की। बता दें कि अभियान चलाने से पहले मुख्य विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग और नगर निगम ने नाले का संयुक्त निरीक्षण किया था। यही नहीं अभियान से पहले जिलाधिकारी ने नगर निगम, पुलिस और सिंचाई विभाग के अफसरो के साथ बैठक कर रणनीति बानाई थी। अतिक्रमण हटाने के लिए पांच टीमें गठित की गई थी। लेकिन आज सुबह 10:30 पर नगर निगम और सिंचाई विभाग का प्रवर्तन दस्ता मौके पर पहुंच गया। इस बीच लोगों ने विरोध की पूरी रणनीति तैयार कर ली। इसी के चलते अभियान सफल नहीं हो सका। वहीं अपर नगर आयुक्त अमित कुमार, एसीएम-चार, सीओ अमित कुमार, नगर निगम जोन तीन और सात के जोनल अधिकारी, दोनों ही विभाग के अफसर व अधिशासी अभियंता समेत प्रवर्तन दल के कर्मचारी मौजूद रहे। खबर लिखे जाने तक मौके पर मौजूद अफसर 24 घंटे के लिए अभियान रोकने पर विचार करते रहे।

कोर्ट पर भरोसा नहीं, जल्द शुरू करेंगे मंदिर निर्माण: वेदांती

  • भाजपा सांसद ने सभी पक्षों को साथ लाने पर दिया जोर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भाजपा सांसद व राम जन्मभूमि न्याय के वरिष्ठ सदस्य डॉ. राम विलास वेदांती ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर बड़ा बयान दिया है। आज सुबह बहराइच पहुंचे वेदांती ने कहा कि उन्हें कोर्ट पर भरोसा नहीं है। इसलिए सभी पक्षों को एक साथ लाकर जल्द ही राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री अनुपमा जायसवाल के घर पहुंचे सांसद वेदांती ने कहा कि हम कोर्ट के फैसले का अब इंतजार नहीं करेेंगे। 6 दिसम्बर से पहले हम मंदिर निर्माण शुरू कर देंगे। कोर्ट के फैसले में न जाने कितना वक्त लगे। उन्होंने कहा कि 25 जून को जब योगी आदित्यनाथ जी अयोध्या आए थे तो मैंने कहा था कि 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मंदिर निर्माण का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। हम उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कोर्ट का निर्णय कब आएगा इसका कोई ठिकाना नहीं है। कोर्ट लाखों वर्ष लगा सकता है। इसलिए आपसी सहमति और साम्प्रदायिक सौहार्द के आधार पर मंदिर का निर्माण शुरू होगा। वेदांती ने आगे कहा कि हिन्दू और मुस्लिम मिलकर अयोध्या में जहां रामलला विराजमान हैं वहां राम मंदिर बनाएंगे। मुस्लिम भाई चाहें तो अयोध्या से बाहर लखनऊ में या जहां भी वे कहें मस्जिद बना देंगे। लेकिन मस्जिद बाबर के नाम पर नहीं होगी। बाबर लुटेरा था। उसने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सभी को तोड़ा। भारत को लूटने के लिए आया था।

वीरपाल यादव ने ज्वाइन किया सेक्युलर मोर्चा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड मंडल में मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी रहे पूर्व राज्यसभा सदस्य वीरपाल सिंह यादव ने सपा की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से अपना इस्तीफा देकर सेक्युलर मोर्चा ज्वाइन कर लिया है। वीरपाल ने अपने 50 समर्थकों के साथ सपा से इस्तीफा दिया था। वीरपाल आज सुबह अपने समर्थकों के साथ लखनऊ में शिवपाल यादव के आवास पर पहुंचे और समाजवादी सेक्युलर मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि अब से हमारा पूरा ध्यान सेक्युलर मोर्चे को जनता के बीच मजबूत करने पर होगा। वीरपाल यादव 21 साल जिलाध्यक्ष के पद पर रहे चुके हैं।

ब्याज के साथ लाटरी की रकम लौटाएगा एलडीए

  • उपभोक्ता फोरम के न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला ने सुनाया फैसला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिला उपभोक्ता फोरम ने 30 दिन में एलडीए को 14 प्रतिशत ब्याज के साथ वादी को लॉटरी की रकम लौटाने का आदेश दिया है। न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला ने 2013 में दर्ज हुए केस की सुनवाई की।
उपभोक्ता फोरम के न्यायिक अधिकारी राजर्षि शुक्ला ने बताया कि वादी पीसी अग्रवाल ने 1985 में कानपुर रोड पर योजना के तहत प्लॉट के लिए 10 हजार रुपये की लॉटरी डाली थी। लॉटरी में असफल होने पर पीसी अग्रवाल ने एलडीए से अपनी लॉटरी की रकम कई बार वापस मांगी लेकिन एलडीए ने रकम नहीं लौटाई। अग्रवाल ने करीब 26 बार रिमाइंडर लिखा लेकिन फिर भी राशि वापस नहीं की गई। इसके बाद वादी ने 2013 में जिला उपभोक्ता फोरन में केस दायर किया। तबसे मुकदमा चल रहा था। इस मुकदमे की सुनवाई राजर्षि शुक्ला ने की थी। इस मामले में वादी के पक्ष में फैसला सुनाया गया और 30 दिन के अंदर एलडीए को वादी को 10 हजार रुपये 14 प्रतिशत व्याज के साथ और मानसिक उत्पीडऩ के 10 हजार एवं वाद-विवाद के व्यय के रूप में पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया गया है।

 

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