छुट्टी घोटाला: पहले भाग गए, अब बयान दर्ज कराने नहीं आ रहे आरआई राणा महेंद्र प्रताप

  • एएसपी ग्रामीण ने तीन बार दी सूचना, इसके बाद भी नहीं है असर
  • 4पीएम में खबर छपने पर आरआई राणा महेंद्र प्रताप सिंह ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की दी थी धमकी
  • कप्तान के लिए भी किया था अभद्र भाषा का इस्तेमाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कप्तान कलानिधि नैथानी की पैनी नजर ने जब पुलिस लाइन में चल रहे छुट्टिïयों का घोटाला पकड़ा तो आरआई राणा महेंद्र प्रताप सिंह बीमारी का बहाना बनाकर भाग खड़े हुए। इसकी जानकारी जब 4पीएम संवाददाता को हुई तो उसने कप्तान से इस मामले में बातकर खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशित होने के बाद आरआई ने इस मामले में संवाददाता को फोन कर पहले उसे अर्दब में लेने की कोशिश की लेकिन जब सफल नहीं हुए तो मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद दोनों आरआई को हटा दिया गया और इसकी जांच एएसपी ग्रामीण गौरव ग्रोवर को दी गई। तीन बार सूचना देने के बाद भी आरआई अपना बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं।
पुलिस लाइन व अन्य स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मी एक-एक माह की छुट्टी लेकर चले जाते थे लेकिन उनके रोल में यह अवकाश नहीं चढ़ता था क्योंकि इसके पीछे आरआई की मिलीभगत थी। इस मामले की जांच कप्तान ने एएसपी ग्रामीण गौरव ग्रोवर को सौंपी। जांच शुरू होने पर आरआई को फंसने का डर सताने लगा तो वे अनिश्चितकालीन मेडिकल लीव पर चले गए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरआई का स्वास्थ्य एकदम सही था, वह क्यों चले गए। कप्तान कलानिधि नैथानी ने कहा कि तीन सौ पुलिसकर्मी ऐसे है जो अवकाश पर गए है लेकिन उनके रोल में अवकाश दर्ज नहीं है। यह घोर लापरवाही है जबकि लगभग 25 से 30 पुलिस लाइन में ही तैनात है। सख्ती के बाद प्रतिदिन लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी रोज आमद करा रहे है।

तीन बार पत्र के जरिये आरआई को बयान दर्ज कराने को कहा गया लेकिन वे बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे हैं न ही कोई स्पष्टï कारण बताया है।
गौरव ग्रोवर, एएसपी ग्रामीण

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