अपने ढा रहे सितम, पुलिस लगा रही मरहम

  • वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ में रोज आती हैं शिकायतें
  • वृद्ध मां-बाप से हो रहा है अभद्र व्यवहार
  • अभी तक कई बुजुर्गों को पुलिस ने दिलाया हक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समय बदलने के साथ लोग भी बदल गए हैं। हालत यह है कि दूसरों के साथ तो लोग गलत व्यवहार करते ही हैं अपनों को भी नहीं छोड़ रहे हंै। अपने ही फूल अपने माली को कांटा चुभाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसकी हकीकत देखने को मिल रही है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थित वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ में। इस प्रकोष्ठ में लगभग प्रतिदिन एक शिकायत आती है, जहां बुजुर्ग मां-बाप को किसी और से नहीं बल्कि अपने पुत्र और पुत्रवधु से ही शिकायत है। इन बुजुर्गों का दर्द पुलिस तो सुन रही है लेकिन हकीकत यह है कि जब अपने ही दर्द दे रहे हों तो पुलिस कहां तक मरहम लगा पाएगी। बावजूद जितना हो सकता है उतना मरहम लगाने का काम पुलिस कर रही है।
बुजुर्गों के प्रति बढ़ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वर्ष 2012 में तत्कालीन एसएसपी जे. रविन्दर गौड़ ने राजधानी में वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ का गठन किया था। इस प्रकोष्ठï में आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश भी दिए थे। थानों में इसका रजिस्टर बनाया गया और उसमें थाना क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्गों की सूची बनाई गई ताकि उनकी जानकारी समय-समय पर पुलिस कर सकें। वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ बनने के बाद इसका प्रचार-प्रसार भी किया गया। बुजुर्गों को इसके प्रति जागरूक किया गया। बुजुर्गों ने इस प्रकोष्ठ में शिकायतें भी दर्ज कराई। वर्ष 2016 में वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ के सीयूजी नंबर पर 199 जबकि प्रार्थना-पत्र के माध्यम से 84 शिकायतें दर्ज कराई गई। वहीं वर्ष 2017 में सीयूजी मोबाइल पर 96 जबकि प्रार्थना-पत्र के माध्यम से 75 शिकायतें दर्ज कराई गई। इसमें से अधिकतर मामलों को पुलिस ने सुलझा लिया है। वहीं इस साल भी तमाम शिकायतें प्रकोष्ठï में पहुंची हैं। अधिकांश का निपटारा पुलिस ने कर दिया है।

24 घंटे है सुविधा, सीओ स्तर से होती है जांच

राजधानी में बुजुर्गों की समस्याओं के लिए वरिष्ठ नागरिक सेल काम करता है। अगर बुजुर्गों को कोई व्यक्ति परेशान कर रहा है तो वह पुलिस कार्यालय में स्थित वरिष्ठ नागरिक सेल में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह सेवा 24 घटें उपलब्ध है। बुजुर्ग अपनी शिकायत वरिष्ठ नागरिक सेल के मोबाइल नंबर 9454403882 पर कर सकते हैं। इसके साथ ही मैसेज भी कर सकते हैं। सेल में बुजुर्गों की समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र भी लिए जाते हैं। प्रकोष्ठ की ओर से उन प्रार्थना पत्रों को संबंधित थाने में प्रेषित किया जाता है। इसके बाद थाना क्षेत्र की पुलिस उक्त मामले की जांच करती है। अगर संबंधित थाने की पुलिस बुजुर्गों की मदद नहीं करती है तो प्रकरण की छानबीन सीओ स्तर के अधिकारी को सौंपी जाती है।

इन क्षेत्रों से इतनी शिकायतें

वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ में पूर्वी क्षेत्र से अब तक 366, पश्चिमी क्षेत्र से 184 जबकि ट्रॉसगोमती क्षेत्र से 457 शिकायतें दर्ज की गई हैं। वहीं हजरतगंज कोतवाली क्षेत्र से 64, हुसैनगंज से 13, पारा थाना क्षेत्र से 29 शिकायतें मिली। इससे जाहिर होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी बुजुर्गों का उत्पीडऩ हो रहा है।

अपनों से कोई कैसे लड़े

नाम नहीं छापने की शर्त पर कई वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि अपनों से कोई कैसे लड़े। कई मामले ऐसे होते हैं जहां वरिष्ठ नागरिक अपने बच्चों को माफ कर देते है। कोई भी इतनी जल्दी अपने बच्चों के खिलाफ पुलिस में शिकायत नहीं करना चाहता है।

केस-1
पारा थाना क्षेत्र के 70 वर्षीय छेदालाल ने वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ में जाकर शिकायत की कि उसकी बहू कमलेश कुमारी उसे प्रताडि़त करती है। हर समय उल्टा सीधा बोलती रहती है। खाना भी समय से नहीं देती है। इतना ही नहीं मारपीट भी करती है।
केस-2
गोमतीनगर थाना क्षेत्र के 72 वर्षीय जयराम सिंह ने शिकायत की कि उसका पुत्र नीरज कुमार सिंह उसे परेशान करता है। उसके साथ मारपीट करता है। बात-बात पर प्रताडि़त करता है।
केस-3
चौक कोतवाली के 70 वर्षीय रामबाबू ने शिकायत की कि उसका पुत्र और पुत्रवधु स्वाती दोनों उसे परेशान करते हैं। उसके साथ मारपीट करते हंै। समय पर खाना-पानी नहीं देते है।
केस-4
बीकेटी थाना क्षेत्र के 75 वर्षीय बाबूराम ने शिकायत की कि उसका पुत्र और उसकी पत्नी उसे परेशान करते हैं। आये दिन उसे प्रताडि़त करते हंै और मारपीट करते रहते हंै। कई बार पड़ोसियों ने उसे बचाया भी है।

कई बार तो ऐसा होता है कि बुजुर्ग चलने की हालत में नहीं होते हैं। लाठी के सहारे चलकर किसी तरह से आते हैं। ऐसे में उनकी समस्या को पहले सुना जाता है। अपने स्तर से यदि मामला सुलझ जाता है तो ठीक है, नहीं तो थाने का भी सहयोग लिया जाता है। कोशिश रहती है कि सभी को न्याय मिल सके।
-राम मिलन यादव ,इंचार्ज, वरिष्ठ नागरिक प्रकोष्ठ

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