जिद… सच की- हनी ट्रैप, जासूसी और देश की सुरक्षा

अहम सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारतीय सेना और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) में सेंध लगा चुकी है? क्या देश की कई महत्वपूर्ण संस्थाओं से पाकिस्तान के इशारे पर गोपनीय जानकारियां भेजी जा रही हैं? हनी ट्रैप की कई घटनाओं के बावजूद सरकार ने इससे बचने का कोई पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किया?

SAnjay Sharma

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के फैलाए हुस्न के जाल में फंसकर डीआरडीओ में तैनात एक सीनियर सिस्टम इंजीनियर ने अपने देश की गोपनीय जानकारी लीक कर दी। इंजीनियर ने ब्रह्मïोस मिसाइल से जुड़ी जानकारियां विदेशी खुफिया एजेंसी को दी हैं। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है। देश में हनी ट्रैप का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले बीएसएफ के एक जवान ने सेना की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को भेजी थी। ये जानकारियां फेसबुक और व्हाट्स एप के जरिए विदेशों तक भेजी गईं। अहम सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी भारतीय सेना और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) में सेंध लगा चुकी है? क्या देश की कई महत्वपूर्ण संस्थाओं से पाकिस्तान के इशारे पर गोपनीय जानकारियां भेजी जा रही हैं? हनी ट्रैप की कई घटनाओं के बावजूद सरकार ने इससे बचने का कोई पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किया? क्या फेसबुक और व्हाट्स एप के जरिए विदेशों को भेजी जा रही गोपनीय सूचनाएं देश की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं बनेंगी? क्या सूचनाएं भेजने वाले केवल हनी ट्रैप का शिकार हैं या वे इसके एवज में मोटी रकम भी ले रहे हैं? क्या इस बात को माना जा सकता है कि गोपनीय सूचनाएं देने वाले केवल महिलाओं से चैट के लिए ऐसा कर रहे हैं?
भारत जिस तेजी से सैन्य और विज्ञान-तकनीकी के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है, उससे पाकिस्तान आशंकित है। सेना और सैन्य विज्ञान के क्षेत्र में भारत की अगली रणनीति क्या है, इसको जानने के लिए पाक खुफिया एजेंसी जासूसों का सहारा लेती रही है। कई बार विदेशी जासूस खुद इस काम को करते हैं, लेकिन इसमें जोखिम होता है। लिहाजा पाकिस्तान ने खूबसूरत लड़कियों के जरिए जासूसी करने का नया तरीका ईजाद किया है। ये लड़कियां सेना के जवानों और सैन्य विज्ञान की रिसर्च संस्थाओं के लोगों को पहले अपने रूप जाल में फंसाती हैं, फिर गोपनीय सूचनाएं हासिल करती हैं। इसके लिए वे फेसबुक और व्हाट्स एप का इस्तेमाल करती हैं। पिछले दिनों वायुसेना का एक ग्रुप कैप्टन हनी टै्रप का शिकार होकर सेना की गोपनीय जानकारी पाक खुफिया एजेंसी से साझा की थी। हनी ट्रैप की इन घटनाओं से सरकार, सेना और महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों को सबक लेने की जरूरत है। सरकार को चाहिए कि वह संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों पर नजर रखे। ऐसा फुल प्रूफ प्लान तैयार करे ताकि गोपनीय जानकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यदि ऐसा नहीं किया गया तो निश्चित तौर पर यह देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

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