कुंभ से पहले गंगा को अविरल करने का हर संभव प्रयास करेगी सरकार: योगी

  • लगाए जाएंगे जियो बैग पानी को स्वच्छ करने के लिए तकनीकी का हो रहा इस्तेमाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ कुकरैल नाले का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नमामि गंगे परियोजना देश की पवित्र गंगा नदी को अविरल और निर्मल बनाने की पीएम मोदी की योजना है। इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने काफी सहयोग किया है। कुंभ के पहले सरकार गंगा की अविरलता के लिए हर संभव प्रयास करेगी और सभी कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि कई तकनीकियां अपनायी जा रही हैं। बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में स्टेप लगाकर अन्य तकनीकों का भी उपयोग किया गया है। ये एक मॉड्यूलर विधि है, इसको आगे बढ़ा रहे हैं। इसके लिए जियो बैग लगेंगे। इससे पांच एमएलडी का पानी क्रिस्टल जैसा शुद्ध दिखाई देगा। 40 से अधिक स्थानों पर जहां गंगा में नालों में काम नहीं हो सका है वहां इसका उपयोग करेंगे। तीन से चार अतिरिक्त तकनीक अपनाई है। मॉड्यूलर विधि उसमें से एक है। ये अभी प्रायोगिक स्तर पर हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गंगा को प्रदूषित करने वाले शहरों में प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। यूपी को 15 हजार करोड़ रुपये देंगे। यमुना पर 34 प्रोजेक्ट हैं। इस पर काम करेंगे। एक भी नाला नहीं छोड़ेंगे। गडक़री ने कहा कि 260 से 280 प्रोजेक्ट हमारे पास हैं। बायो डाइजेस्टर पर काम शुरू हुआ है। मथुरा और बनारस में काम हो रहा है। एक शहर के लिए एक ऑपरेटर निश्चित किया गया है। हर घंटे में सेटेलाइट से रिकॉर्ड चेक होंगे। प्लास्टिक ग्लास और मेटल अलग किए जाएंगे। अर्बन, रूरल और ट्रांसपोर्ट मिलकर एक नोटिफिकेशन निकाल रहे हैं। कुम्भ के पहले काफी कठिन
चैलेंज है। इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

बस्ती के लोगों को सौगात

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बस्ती पहुंचे। उन्होंने केडीसी कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने यहां रिंग रोड और राम जानकी मार्ग सहित जल परियोजनाओं का शिलान्यास किया। यहां उन्होंने कई परियोजनाओं की सौगात दी।

गोरखनाथ मंदिर में कलश स्थापित करेंगे सीएम

शारदीय नवरात्रि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्ति मंदिर में कल कलश स्थापित करेंगे। विधि-विधान से पूजा-अनुष्ठान के साथ वह पूरे नौ दिन व्रत रहेंगे। इस नवरात्र में वह कुल छह दिन गोरखनाथ मंदिर में प्रवास करेंगे। गोरखनाथ मंदिर प्रबंधन ने 10 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि की तैयारियां तेज कर दी हैं।

यूपी के पूर्व डीजीपी श्रीराम अरुण का निधन

मुख्यमंत्री और डीजीपी ने जताया शोक
लखनऊ। (4पीएम न्यूज़ नेटवर्क) उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्रीराम अरुण का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह आईजी एटीएस असीम अरुण के पिता थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग सहित उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका निधन लखनऊ में विज्ञानपुरी स्थित उनके आवास पर हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी ओपी सिंह ने उनके निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। उनके पार्थिव शरीर को देखने के लिए लोग उनके घर पहुंच रहे थे।
पूर्व डीजीपी श्री राम अरुण (78) लंबे समय से बीमार चल रहे थे। लखनऊ में एसएसपी रहने के दौरान उन्होंने अपने काम करने के तरीके से न सिर्फ लोगों का दिल जीता बल्कि अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था। वे दो बार प्रदेश के डीजीपी बने।

जिसने मोदी को पीएम बनाया वही निशाने पर: माया

  • गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार को घेरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हुए हमलों के बाद सियासत गरमाती जा रही है। बसपा प्रमुख मायावती ने आज इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। मायावती ने कहा कि यह दुख की बात है कि जिन लोगों ने वोट देकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, आज उन्हें ही गुजरात में निशाने पर लिया जा रहा है।
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि गुजरात की भाजपा सरकार को वहां रह रहे उत्तर भारतीयों की सुरक्षा पुख्ता करनी चाहिए। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर इन घटनाओं की निंदा की थी। राहुल ने ट्वीट किया था, गुजरात में हो रही हिंसा की जड़ वहां के बंद पड़े कारखाने और बेरोजगारी है। प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है। वहीं गुजरात के पीएम समेत कई भाजपा नेताओं ने इस घटना के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया है। उत्तर भारतीयों के पलायन पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सोमवार को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से बात की थी। एक नाबालिग लडक़ी से दुष्कर्म के मामले में बिहार के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद यूपी और बिहार के लोगों पर हमले हुए हैं।

वाराणसी में लगाए गए पीएम विरोधी पोस्टर

वाराणसी शहर में पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जिसमें लिखा है कि गुजराती नरेंद्र मोदी बनारस छोड़ो। यूपी-बिहार एकता मंच की तरफ से यह पोस्टर लगाये गये हैं। साथ ही गुजरातियों व मराठियों के एक सप्ताह में बनारस छोडऩे की चेतावनी जारी की गई है।

 

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