अनस्किल्ड लोगों को राफेल का ठेका देना ही पीएम मोदी का स्किल इंडिया: राहुल

  • कांग्रेस अध्यक्ष ने बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
  • कहा, 20 वर्षों में सबसे उच्च स्तर पर बेरोजगारी की दर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल और बेरोजगारी के मुद्दे पर एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने ट्विटर पर लिखा कि राफेल का ठेका अनस्किल्ड लोगों को देना ही पीएम मोदी का स्किल इंडिया है। उन्होंने एक अमेरिकी समाचार पोर्टल की खबर भी शेयर की है जिसमें कहा गया है कि भारत में बेरोजगारी की दर पिछले 20 वर्षों की अवधि में सबसे उच्च स्तर पर है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल मामले को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर निशाना साधा और आरोप लगाया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 30 हजार करोड़ रुपये का ठेका लेकर एक ‘अकुशल’ व्यक्ति को देना ही प्रधानमंत्री का ‘स्किल इंडिया’ कार्यक्रम है। उन्होंने भारत में बेरोजगारी की स्थिति से जुड़ी एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘एचएएल से 30,000 करोड़ रुपये को चुराकर एक ऐसे व्यक्ति को दिया गया जिसके पास कोई कौशल नहीं है। इस बीच, करोड़ों कुशल नौजवान 20 वर्षों में सबसे उच्च स्तर की बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं।
दरअसल, राहुल गांधी और कांग्रेस पिछले कई महीनों से यह आरोप लगाते आ रहे हैं कि मोदी सरकार ने फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद का जो सौदा किया है, उसका मूल्य पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में विमानों की दर को लेकर जो सहमति बनी थी उसकी तुलना में बहुत अधिक है। इससे सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पार्टी ने यह भी दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौदे को बदलवाया जिससे एचएएल से ठेका लेकर रिलायंस डिफेंस को दिया गया।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से 30 हजार करोड़ रुपये का ठेका लेकर एक ‘अकुशल’ व्यक्ति को देना ही प्रधानमंत्री का ‘स्किल इंडिया’ कार्यक्रम है।
-राहुल गांधी

तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं पीएम मोदी: आजम

  • कहा, वोट की लालच में इबादतगाह में जा रहे जूते उतारकर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां ने रामपुर में एक पुल के निर्माण कार्य का जायजा लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं। पहले जब टोपी पहनाई गयी थी तो उन्होंने फेंक दी थी। अब गंगा में, पूजा अर्चना में जूते पहनकर जाते हैं। वोट के लालच में इबादतगाह में जूते उतारकर जाते हैं। उनका टोपी पहनना और कलमा पढऩा आखिर क्या है।
आजम खां ने कहा कि सपा के शासन में काफी विकास कार्य कराए गए। सत्ता परिवर्तन के बाद विकास के लिए आया पैसा वापस कर दिया गया। ये सरकार विकास विरोधी है। पूर्व मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों को रोकना देशद्रोह है। ये मुल्क के गद्दार लोग हैं। गरीब के पैसे से बेशर्म व्यवस्था हवाई अड्डे बनाती है। यदि वही पैसा एयरपोटर्स में लगाने के बजाय बस अड्डों पर लगाया होता तो शायद देश भर के गरीबों को फायदा पहुंचाने की शुरुआत होती।

4पीएम में छपी खबर तो दो घंटे में गुडंबा थानाध्यक्ष ने दर्ज कर लिया मुकदमा

  • संगीन धाराओं में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। 4पीएम में गुडंबा थानाध्यक्ष के खिलाफ जब प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई तो दो घंटे के अंदर ही थानाध्यक्ष धर्मेश कुमार शाही ने मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले में विक्रांत त्रिपाठी, डॉयरेक्टर राजेश सिंह, दुर्गेश सिंह, प्रियंका सिंह, दीपक शुक्ला, आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 323, 406, 420, 467, 468, 471, 504, 506 व एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह है मामला

गुडंबा में आदिल नगर रोड स्थित जेकेबी लैंड डेवलपर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड गु्रप ऑफ कंपनी का ऑफिस है। इस कंपनी के मालिक सहारा स्टेट जानकीपुरम निवासी राजेश सिंह पुत्र खडग़ बहादुर सिंह, इनकी पत्नी प्रियंका सिंह, कंपनी में कर्मचारी आशीष श्रीवास्तव, दुर्गेश जायसवाल व दीपक शुक्ला ने मिलकर गांवों में घूम-घूम कर लोगों को छह साल में रुपया दोगुना करने का प्रलोभन दिया था। जिसमें कहा गया कि यदि रकम जमा करने वाला व्यक्ति रुपया नहीं लेगा तो उसे जमीन दी जाएगी। कंपनी की आदिल नगर मोड़ पर जमीन है। इसमें कई किसानों ने अपना पैसा लगा दिया जिसमें बाराबंकी जिले के ग्राम समरदा निवासी किसान ओमकार रावत भी शामिल हैं। लेकिन कुछ समय बाद कंपनी ने रुपया और जमीन देने से मना कर दिया। जब ओमकार पता लगाने ऑफिस पहुंचे तो कंपनी के एमडी विक्रांत त्रिपाठी ने गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत करने जब किसान गुडंबा थाने पहुंचा तो उसकी एफआईआर नहीं लिखी गई। थाना प्रभारी धर्मेश कुमार शाही कार्रवाई करने के नाम पर उसे दौड़ाते रहे। इस मामले में अब तक आधा दर्जन किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसके बावजूद आरोपी बेखौफ होकर घूम रहे हैं।

हॉस्टल आवंटन में गड़बड़ी पर एससी छात्र ने कैंपस में लगाया तंबू

  • विश्वविद्यालय प्रशासन पर अनियमितता का लगाया आरोप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विश्वविद्यालयों में प्रशासन की तानाशाही और छात्रों पर बढ़ते उत्पीडऩ के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। अंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर जाति देखकर दाखिला देने का मामला सामने आने के बाद हास्टल आवंटन में गड़बड़ी की घटना सामने आई है। छात्र ने विवि प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। उसने कैंपस में ही तंबू डालकर रहना शुरू कर दिया है।
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में 50 फीसदी एससी-एसटी की सीटें हैं। इसके बावजूद भी यहां दलित छात्रों का दाखिला आसानी से नहीं हो पाता है। ऐसा ही ताजा मामला एक बार फिर विश्वविद्यालय में सामने आया है, जहां दलित छात्र रोहित को हॉस्टल न मिल पाने की वजह से कैंपस में ही तंबू डालकर रहना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग में पढ़ रहे छात्र रोहित ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए बताया कि प्रशासन की अनदेखी की वजह से आज मैं विश्वविद्यालय कैंपस में तंबू लगाकर रहने पर मजबूर हूं, क्योंकि प्रशासन को कई बार अपनी मजबूरी बताकर हॉस्टल आवंटन करने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हर बार विवि प्रशासन के अधिकारियों ने मुझे मना कर दिया। इसलिए बुरी तरह परेशान होने के बाद कैंपस में तंबू लगाकर रहने का निर्णय लिया है। जब तक विवि में हॉस्टल नहीं मिल जाएगा इसी तरह रहूंगा।

 

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