अटल की कविताएं सुन भाव विभोर हुए श्रोता

  • पूर्व प्रधानमंत्री की याद में संस्कार भारती का आयोजन
  • 4पीएम की सीईओ बबिता चतुर्वेदी ने भी काव्य पाठ में भाग लिया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। संस्कार भारती की तरफ से संगीत नाट्य अकादमी के संत गाडगे सभागार में बांसुरी, तबला और हारमोनियम की धुनों पर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं को सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो उठे। ‘भारत माता के लाल, अटल बिहारी-दीनदयाल’ कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन ने किया।
संयोजक उर्मिला पांडेय व समन्वयक सुधा द्विवेदी ने बताया कि संगीतकार केवल कुमार के निर्देशन में बीस दिनों की कार्यशाला के बाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अटल जी की कविताएं आओ फिर से दिया जलाएं, जीवन बीत चला, गीत नया गाता हूं, नई गांठ लगती, रोते-रोते रात सो गई, अपने ही मन से कुछ बोलें, जो बरसों तक सड़े जेल में उनकी याद करें, दूर कहीं कोई रोता है, सपना टूट गया, जंग न होने देंगे का पाठ किया गया। इनको बबिता चतुर्वेदी,कुमकुम श्रीवास्तव, सुषमा अग्रवाल, शशि चिक्कर, भारती श्रीवास्तव, जया श्रीवास्तव, विदिशा अग्रवाल, अलका धुरिया, राखी अग्रवाल, शिखा भदौरिया, मोहिनी शुक्ला, अनुपमा चित्रवंशी, डॉ. अंजू भारती, हरित कुमार शर्मा, कामिनी, भूषण, नर्बदा, दामिनी पांडेय और मदन गोपाल, सुमिता, निहारिका मिश्रा, अक्षिता शुक्ला, सुमन पांडा, सत्यप्रकाश ने सुर दिए। राखी अग्रवाल के संचालन में हुए कार्यक्रम में दीपेंद्र, शैलेंद्र गुप्ता, गोपाल गोस्वामी, राजकुमार, अनिल और अरुण शर्मा ने विभिन्न वाद्य यंत्रों से संगत दी। इस मौके पर भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ मेरठ की क्षेत्रीय संयोजक नीता गुप्ता की पर्यावरण पर केंद्रित सीडी का विमोचन भी हुआ। इस कार्यक्रम में मेयर संयुक्ता भाटिया, प्रमुख सचिव संस्कृति जितेंद्र कुमार, संस्कार भारती के अध्यक्ष गणेश ताम्रकर व संगठन मंत्री गिरीशचंद मौजूद रहे।

 

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