भारतीय सैनिक से पाक सेना की बर्बरता पर विपक्ष ने सरकार से पूछा कहां गया 56 इंच का सीना

  • कहा, सियासी फायदे के लिए सेना का उपयोग करने वाले मोदी को सैनिकों के सुरक्षा की चिंता नहीं
  • बीएसएफ जवान नरेंद्र सिंह को अगवा कर बेरहमी से की गई हत्या, गला रेता और निकाली आंखें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पाकिस्तान की सेना ने फिर कायरतापूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। जम्मू संभाग के सांबा जिले के रामगढ़ सब सेक्टर में पाकिस्तान रेंजर्स की गोलाबारी में शहीद सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) के जवान का पार्थिव शरीर भारत को सौंपने के बजाय उसके साथ बर्बरता की गई। शहीद के गले को चाकू से रेतने के साथ उनकी एक आंख को भी निकालने की कोशिश की गई। इस कार्रवाई के बाद जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बीएसएफ के जवानों को किसी भी प्रकार के हालात का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। वहीं विपक्षी दलों कांग्रेस और आप ने केंद्र सरकार को सैनिक के साथ की गई बर्बरता के मुद्दे पर घेरा है। कांग्रेस ने पूछा है कि मोदी जी कहां गया 56 इंच का सीना। जबकि केजरीवाल ने ट्विटर पर पीएम मोदी से पूछा है कि आखिर कब तक सैनिकों पर अत्याचार जारी रहेगा।
शहीद की पहचान बीएसएफ की 176 बटालियन के हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार (50) निवासी थाना कला, जिला सोनीपत (हरियाणा) के रूप में हुई है। इस हमले के पीछे पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) का हाथ होने से भी इन्कार नहीं किया जा रहा है। फिलहाल शहीद बीएसएफ के जवान नरेंद्र सिंह को सोनीपत के उनके पैतृक गांव में लोगों ने अंतिम विदाई दी। शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग उमड़े। वहां मौजूद लोगों के मन में एक तरफ पाकिस्तान की नापाक हरकत पर गुस्सा था तो दूसरी तरफ शहीद जवान के गम में आंखें नम थीं।

बेटे ने कहा कड़ा ऐक्शन ले सरकार

पिता की शहादत से दुखी उनके बेटे ने पाकिस्तान की बर्बरता पर सरकार से ऐक्शन लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह गर्व का विषय है। हर किसी को तिरंगे में अंतिम विदाई नहीं मिलती। लेकिन, हम सिर्फ गर्व करके ही नहीं रह सकते। हमें आज गर्व है, कल फिर कोई शहीद होगा और फिर गर्व होगा। हम सरकार से कड़े ऐक्शन की मांग करते हैं। यही नहीं उन्होंने सैनिकों के प्रति सरकार के रवैये को लेकर भी सवाल उठाया। इससे पहले बुधवार शाम को भारत ने सैन्य अभियान निदेशालय स्तर की वार्ता के दौरान बीएसएफ जवान की हत्या को लेकर पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया।

विपक्ष ने मांगा जवाब
इस मुद्दे पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री जी जवाब दें कि आखिर कब तक भारत के सैनिकों पर अत्याचार जारी रहेगा? कब तक भारत पाकिस्तान के सामने बेबस रहेगा? आखिर क्या मजबूरियां हैं प्रधानमंत्री जी की? इसी प्रकार कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने लिखा कि मोदी जी, जवान देश की आत्मा हैं और आत्मा को इस तरह तड़पाया जाएगा। सवाल है कि कब तक पाकिस्तान को क्रिकेट बैट भेजते रहेंगे, आप जवानों के लिए कब बैटिंग करना शुरू करेंगे।

योगी सरकार के काबीना मंत्री की बगावत, कहा आरक्षण पर मोदी सरकार नहीं सुप्रीम कोर्ट के साथ हूं मैं

  • ससी-एसटी कानून के दुरुपयोग पर जताई चिंता, कहा सवर्णों व पिछड़ों को किया जा रहा परेशान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने एससी-एसटी कानून के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करना शुरू कर दिया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा है कि एससी-एसटी ऐक्ट के मुद्दे पर हम और हमारी पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ है। मोदी सरकार ने एससी-एसटी में संशोधन करके जो कानून बनाया है, मैं और मेरी पार्टी उसके समर्थन में नहीं हैं।
भाजपा एससी-एसटी एक्ट में संशोधन करने के बाद से ही सवर्णों के निशाने पर है। इस एक्ट के कानून बनने के बाद से ही सवर्ण भाजपा से काफी नाराज हैं। वहीं भाजपा के भी कई नेताओं ने एससी-एसटी कानून को लेकर अपनी अलग राय पेश की है। यूपी में भाजपा सरकार में सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भी एससी-एसटी एक्ट पर सरकार के बजाय विरोध करने वालों का समर्थन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एससी-एसटी कानून का व्यापक स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है। इसकी वजह से सवर्ण ही नहीं पिछड़ा वर्ग के लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसलिए सरकार को कानून पर पुन: विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में आर्थिक आधार पर कमजोर को ही आरक्षण दिया जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो। किसी विशेष जाति को खुश करने के लिए बनाया गया कानून समाज में वैमनस्यता को बढ़ावा देता है।

इन नेताओं ने भी किया विरोध

भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने कहा है कि सरकार को सभी दलों के साथ मिलकर इस बिल में ऐसा संशोधन करना चाहिए ताकि कोई भी वर्ग परेशान न हो। ब्राह्मणों और सवर्णों के साथ-साथ पिछड़ों में भी इस एक्ट को लेकर बहुत नाराजगी है। इस एक्ट से सभी वर्ग के लोग नाराज हो रहे हैं। क्षेत्रों से बहुत शिकायतें मिली हैं, ज्यादा से ज्यादा लोग इस एक्ट से पीडि़त हैं। इसलिए सरकार को इस एक्ट पर फिर से विचार करना चाहिए क्योंकि इसका दुरुपयोग बहुत हो रहा है। चूंकि सभी दलों ने एक साथ इस बिल को पास कराया था। इसलिए सबको संज्ञान लेना चाहिए। बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि मैंने एससी-एसटी एक्ट पर कोर्ट का फैसला आने के बाद कहा था कि इसे स्वीकार करना चाहिए, तब पार्टी ने मेरी बात नहीं सुनी। मैंने ये भी कहा था कि इस कानून में तत्काल गिरफ्तारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

जांबाज पुलिसकर्मी की बहादुरी को सभी ने सराहा

  • सरस्वती अपार्टमेंंट में निकले कोबरा को सिपाही मनोज ने पकड़ा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पुलिस की बदनामियों के किस्से तो आम हैं मगर कभी-कभी कोई पुलिसकर्मी ऐसा काम कर देता है जिसकी सराहना समाज का हर व्यक्ति करता है। कल रात डॉयल 100 में तैनात बहादुर पुलिसकर्मी मनोज यादव ने ऐसा ही कारनामा गोमती नगर विस्तार के सरस्वती अपार्टमेंट में कर दिखाया।
कल रात लगभग 9:00 बजे 5 फीट लंबा कोबरा सांप निकल आया। सांप एक ईंट के पीछे बैठ गया। सोसायटी के सभी लोग इकट्ठा हो गए। विस्तार महासंघ के सचिव उमाशंकर सहित उनकी टीम के रामकुमार व अनुभव आदि पहुंच गये मगर किसी की हिम्मत सांप पकडऩे की नहीं हो रही थी। महासंघ के अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा, सांप को मारना नहीं है। वन विभाग और डायल-100 को सूचित किया गया मगर काफी देर तक वन विभाग के लोग नहीं पहुंचे, जबकि डायल-100 के कर्मी पहुंच गए। जब लगा सांप कहीं और चला जाएगा, कहीं और घुस जाएगा तो जांबाज पुलिस कर्मी मनोज यादव ने एक हाथ में बोरी और एक हाथ में डंडा लेकर सांप की घेराबंदी शुरू कर दी। फन उठाए सांप ने दौड़ लगाते हुए कई बार बोरी पर फन मारा मगर मनोज ने सभी से कहा कि कोई इसको घायल न करें। मैं इसको पकड़ लूंगा। सभी की सांसे रुक गईं और मनोज ने बहादुरी का परिचय देते हुए इस जहरीले सांप को बोरी में बंद कर दिया। सोसायटी के दर्जनों लोगों ने तालियां बजाकर इस बहादुर कांस्टेबल की तारीफ की और मुख्यमंत्री तथा भाजपा से सिपाही को उसकी बहादुरी के लिए पुरस्कृत करने की मांग की।

अलीगढ़: पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश ढेर, एसओ को लगी गोली

  • साधु व दम्पति की हत्या में फरार चल रहे बदमाशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अलीगढ़ के कस्बा हरदुआगंज में आज तड़के बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश ढेर हो गये। इस दौरान बदमाशों की गोली लगने से एसओ बुरी तरह घायल हो गये। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसओ के पैर में गोली लगी है।
पुलिस के मुताबिक एनकाउंटर में मारे गये दोनों बदमाश साधु समेत दम्पति की हत्या में फरार चल रहे थे। आज तड़के दोनों बदमाश हरदुआगंज में बाइक से कहीं जा रहे थे। इस दौरान पुलिस की इन पर नजर पड़ी और उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे रुके नहीं निकल गये। पुलिस ने इनका पीछा किया तो बदमाश माछुआ नहर के पास बनी सिंचाई विभाग की एक कोठरी में घुस गए। वहां पुलिस फोर्स ने बदमाशों को घेर लिया तो बदमाश फायरिंग करने लगे, जवाब में पुलिस की तरफ से भी फायरिंग हुई, जिसमें एसओ पालीमुकीमपुर के पैर में गोली लग गई। करीब एक घण्टे तक मुठभेड़ चली। उधर पुलिस की गोली से दोनों बदमाश भी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों घायल बदमाश जिला अस्पताल में भर्ती कराए, जहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। वहीं घायल एसओ का वरुण ट्रॉमा सेंटर में उपचार जारी है। घायल बदमाश साधु और दम्पति की हत्या में फरार चल रहे थे।
एसएसपी ने बताया कि करीब एक घण्टे तक बदमाशों से मुठभेड़ हुई। बदमाशों की तरफ से करीब 30 राउंड फायरिंग की गई, जिसमें एसओ पाली घायल हो गए हैं। मृत बदमाश साधु समेत छह की हत्या में शामिल थे। बदमाशों ने बुधवार रात को क्वार्सी से बाइक लूटी थी। बाइक की पहचान हो गई है। एसएसपी ने बताया कि जल्द ही बदमाशों की शिनाख्त भी हो जाएगी।

 

 

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