जब ट्रेनी आईपीएस ने गाडिय़ों से चाबियां निकालीं तो व्यापारियों ने कहा अधिकारी होकर क्यों कर रहे होमगार्डों वाला काम

  • गोसाईगंज में चेकिंग के दौरान एसपी अभिषेक वर्मा ने खुद ही वर्दी व डंडे के दम पर निकाल लीं दर्जनों दो पहिया वाहनों की चाबी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शर्म नहीं आती है आपको ये सब करते हुए, नवाबों के शहर में हैं, थोड़ी सी तमीज भी तो सीखिए, आप के हाथों से यह शोभा नहीं देता है। साहब…आप आईपीएस होकर हामगार्डों वाला काम क्यों कर रहे हैं। इसी अंदाज में जब व्यापारियों ने ट्रेनी आईपीएस अभिषेक वर्मा को समझाना शुरू किया तो उनके सामने माफी मांगने के अलावा कोई चारा नहीं नजर आया। मौके की नजाकत को भांपकर उन्होंने व्यापारियों से माफी मांगी और अपना सिर नीचे कर वहां से खिसक गए। इससे पहले भी वह बकरीद और मोहर्रम को लेकर हो रही बैठक में लोगों से अभद्रता कर चुके हैं।
मामला गोसाईगंज बाजार का है। यहां मंगलवार को दोपहर में करीब 12 बजे अपनी सरकारी गाड़ी से ट्रेनी आईपीएस अभिषेक वर्मा पहुंचे। वहां उन्होंने गाडिय़ों की चेकिंग शुरू कर दी। साहब इतना तेज काम करने लगे कि लगभग 50 दो पहिया वाहनों की चाबी अपने डंडे व वर्दी के बल पर निकाल कर लोगों को गाली देते हुए वहां से जाने लगे। उन्होंने सभी वाहन मालिकों को चाबियां लेने के लिए थाने पर बुलवाया। अभिषेक के इस व्यवहार से व्यापारी और गाड़ी मालिक काफी नाराज हो गए। व्यापारियों ने ट्रेनी आईपीएस का घेराव कर लिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सैकड़ों की संख्या में व्यापारियों को देखते ही साहब वहां से भागने लगे लेकिन व्यापारियों ने घेर लिया। इसकी जानकारी पाकर नगर पंचायत अध्यक्ष निखिल मिश्रा व एसओ बलवंत शाही भी पहुंच गए। निखिल मिश्रा के अनुरोध पर व्यापारी माने और किसी तरह से अभिषेक वर्मा को वहां से निकालकर सुरक्षित थाने पहुंचाया गया। इसके बाद अध्यक्ष ने लाउडस्पीकर से घोषणा करवा कर लोगों को बुलाकर चाबियां दीं। स्थानीय लोगों की मानें तो बकरीद और मोहर्रम के दौरान गोसाईगंज थाने पर चल रही बैठक के दौरान भी उन्होंने कई बार अभद्रता की लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

वाहन चेकिंग के दौरान लोग काफी उग्र हो गये थे। गाडिय़ों से चाबी निकालने और उस वजह से हंगामा होने जैसी कोई बात नहीं है। पुलिस अपना काम कर रही थी।
अभिषेक वर्मा, ट्रेनी आईपीएस

पूर्वांचल राज्य की मांग को लेकर महिला ने वॉल्वो बस में लगाई आग

  • वंदना रघुवंशी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, पीएम मोदी से मिलने की कर रही थी मांग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाराणसी। कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर लखनऊ जा रही वॉल्वो एसी बस में एक महिला ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला अलग पूर्वांचल राज्य बनाये जाने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की मांग कर रही थी। आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि थोड़ी देर बाद आग पर काबू पा लिया गया, मगर तब तक आग ने काफी नुकसान पहुंचा दिया था।
आज सुबह करीब साढ़े दस बजे उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की रोडवेज परिसर में लखनऊ जाने के लिए खड़ी वॉल्वो बस में अचानक आग लग गई। जिससे परिसर में हडक़ंप मच गया। सूचना पर मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया, मगर तब तक एसी बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान मौके पर मौजूद यात्रियों के मुताबिक बस में आगजनी एक महिला ने की थी जो पीएम नरेंद्र मोदी से मिलना चाह रही थी। फिलहाल जगतगंज निवासी वंदना रघुवंशी नामक महिला हिरासत में है। उसी पर बस में आग लगाने का आरोप है। महिला सिगरा थाना में पुलिस हिरासत में है। बता दें, जब यूपी 32 डीएन 0184 नंबर की वॉल्वो बस में आग लगी तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने आसपास की बसों को भी तुरंत मौके से हटा दिया।

मोहनलालगंज सीएचसी में डॉक्टर से अभद्रता

  • आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक व डॉक्टर के साथ अभद्रता और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। इस मामले को गंभीरता से लेकर सीएचसी में तैनात डॉक्टरों और अन्य स्टाफ ने काम बंद कर दिया है। यहां काम करने वाले लोगों की मांग है कि जब तक अधीक्षक व डॉक्टर से साथ अभद्रता करने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक कार्य नहीं किया जाएगा।
मोहनलालगंज सीएचसी में क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग इलाज करवाने आते हैं। आज भी सुबह से ही अस्पताल में इलाज करवाने वालों की भीड़ जुटने लगी थी। मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच पता चला की किसी मरीज के तीमारदार ने अधीक्षक व डॉक्टर से अभद्रता व गाली-गलौज कर दी है। इसलिए जब तक उस तीमारदार की गिरफ्तारी नहीं होगी कोई भी चिकित्सक मरीजों को अपीडी में नहीं देखेगा।

जानलेवा साबित हो रहे संक्रामक बुखार से लोगों में दहशत

  • यूपी के कई शहरों में मौतों का सिलसिला जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुखार की वजह से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। प्रदेश के कई जिलों में बुखार जानलेवा साबित हो रहा है। इस वजह से लोग काफी दहशत में हैं। वायरल फीवर, मलेरिया और डेंगू से अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पताल तक सभी मरीजों से भरे हैं। इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों पर रोक लगा पाने में नाकाम साबित हो रहे स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रामक बुखार भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। बुखार से लगातार हो रही मौतों की वजह से हाहाकार मचा हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक एक महीने में बरेली जिले में 140 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें ज्यादातर बच्चे ही हैं। हालांकि प्रशासन बुखार से मरने वालों की संख्या 25 बता रहा है। बदायूं जिले में 119 लोग वायरल फीवर, मलेरिया और डेंगू की वजह से काल के गाल में समा चुके हैं। हरदोई में 30 से अधिक की मौत हो चुकी है, जबकि विभाग मौतों की संख्या सिर्फ 12 बता रहा है। बहराइच में पिछले एक महीने में 110 से ज्यादा मौतों की खबर है। सीतापुर जिले में दो दर्जन गांव संक्रामक बुखार से पीडि़त हैं। यहां अब तक 35 लोगों की जान जा चुकी है। आलम यह है कि लोग बुखार के डर से पलायन करने को मजबूर हैं। बाढ़ से प्रभावित कौशाम्बी जिले में पिछले चार दिनों में डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं। जिले में अभी तक तीन बच्चों समेत पांच की मौत हो चुकी है। वहीं इलाहाबाद में डेंगू के 13 संदिग्ध मरीज मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर

यूपी के बाढ़ प्रभावित जिलों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का अंदेशा पहले से ही था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने इस ओर कोई कदम नहीं उठाया। इन क्षेत्रों में न ही फॉगिंग की गई और न ही मलेरिया और डेंगू के लार्वा की जांच की गई। सीतापुर, हरदोई, बरेली और बदायूं में लोगों ने कहा कि पहले तो कोई गांव में पहुंचा ही नहीं और जब मरीजों की संख्या बढऩे लगी तो मामलों को दबाने का प्रयास किया गया। हालात बेकाबू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा। अब तक की जांच में ज्यादातर मरीज मलेरिया और वायरल फीवर के हैं। मलेरिया के मरीजों की संख्या 40 से 50 फीसदी है। वहीं, कई मरीज डेंगू के भी मिले हैं।

बुखार के कहर के लिए सरकार व स्वास्थ्य मंत्री जिम्मेदार: धर्मेंद्र यादव
बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने बुखार के कहर के लिए सरकार और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के प्रति संवेदनशील नहीं है। बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं और स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है।

मॉनिटरिंग कर रहा विभाग: सिद्धार्थनाथ
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि बुखार से प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया है। सभी जिला अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई है। रैपिड एक्शन टीम का गठन किया गया है। डीजी ऑफिस में कण्ट्रोल रूम बनाया गया है। इसके जरिए डेली बेसिस पर मॉनिटरिंग की जा रही है। संक्रामक बीमारी की वजह गन्दगी है।

 

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