शहर में डेंगू की दस्तक पर निपटने को तैयार नहीं नगर निगम

  • खस्ताहाल साइकिल माउंटेड मशीनों के कारण गलियों में नहीं हो रही फॉगिंग
  • शासन के कड़े निर्देशों के बावजूद जारी है लापरवाही

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डेंगू और मच्छरजनित रोगों से निपटने के लिए नगर निगम पूरी तरह से तैयार नहीं है। पिछले कई सालों में डेंगू से सैकड़ों मरीजों की मौत हो चुकी हैं। मच्छर जनित बीमारियों से निपटने के लिए हर साल शासन सख्त निर्देश जारी करता है लेकिन नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग में निचले स्तर पर लापरवाही की जाती है, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।
नगर निगम फिलहाल शहर के 110 वार्डों में फॉगिंग कराने का दावा कर रहा है मगर विभाग के पास साइकिल माउंटेड मशीनें खराब पड़ी हैं। जिसके चलते शहर के पुराने इलाकों में मच्छरजनित रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी द्वारा सभी जोनल सेनेटरी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं लेकिन साइकिल माउंटेड मशीनों की न तो मरम्मत करायी गई है न ही सही मशीनों से कार्य शुरू किया गया है। गौरतलब है कि शहर के पुराने गांव व कुछ इलाकों में संकरी गलियां हैं जहां नगर निगम के चार पहिया वाहनों से फॉगिंग नहीं की जा सकती। इसके लिए साइकिल माउंटेड मशीनों से फागिंग की व्यवस्था की गई थी लेकिन समय के साथ ही यह व्यवस्था चौपट हो गई है। इस संबंध में नगर आयुक्त का कहना है कि फॉगिंग का काम शुरू करा दिया गया है। संकरी गलियों में फॉगिंग के लिए नई साइकिल माउंटेड मशीने खरीदी जाएंगी। इसके अलावा मरम्मत कार्य कराकर फॉगिंग कार्य शुरू कराया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले कई सालों से पुराने लखनऊ में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। हाल में राजाजीपुरम के शीतलापुर निवासी मां-बेटे डेंगू की चपेट में हैं। इसके कारण इन इलाकों में दहशत का माहौल व्याप्त है। डेंगू के अलावा स्वाइन फ्लू और मलेरिया के बढऩे की आशंका है। इसके बावजूद नगर निगम कोई सबक सीखने को तैयार नहीं है।

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