पीएम मोदी ने काशी को दिया 557 करोड़ का तोहफा, जनता से कहा आप हैं मेरे हाई कमान

  • कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
  • वाराणसी को पूर्वी भारत का गेट-वे बनाने का खींचा खाका
  • नयी काशी, नए भारत के निर्माण के लिए लोगों का किया आह्वïान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को अपने जन्मदिन के दूसरे दिन 557 करोड़ का रिटर्न गिफ्ट दिया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एम्फीथियेटर ग्राउंड में प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनता को अपना हाईकमान बताया। साथ ही वाराणसी को पूर्वी भारत के गेट-वे के रूप में विकसित करने की अपनी योजना के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने बतौर सांसद अपने सवा चार साल की अवधि में वाराणसी में कराए गए विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह सवा चार साल पहले काशी में बदलाव के संकल्प को लेकर आए थे। आज अंतर स्पष्ट दिख रहा है। आज काशी में हर जगह परिवर्तन दिख रहा है। विकास के कार्य शहर ही नहीं गांवों से भी जुड़े हैं। बिजली, पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ी परियोजनाएं हैं तो किसानों, बुनकर की योजनाएं भी शामिल हैं। हम काशी में जो भी बदलाव लाने की कोशिश कर रहे है, उन्हें काशी की परंपराओं-पौराणिकताओं को बचाते हुए किया जा रहा है। टूरिस्टों की तादाद आठ लाख से बढक़र 11 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि वाराणसी को पूर्वी भारत के गेट-वे के रूप में विकसित करने का प्रयास हो रहा है। इसके तहत वाराणसी को वल्र्ड क्लास की सुविधा से जोडऩे की कोशिश की जा रही है। मां गंगा की सफाई के लिए गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके लिए 21 हजार से अधिक की 200 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। प्रधानमंत्री ने जनता से नई काशी नए भारत के निर्माण में योगदान का आह्वान किया। इस दौरान पीएम ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र का शिलान्यास किया व अटल इन्क्यूबेशन सेंटर की शुरुआत की।

पीएम ने काशी के साथ प्रदेश को बहुत कुछ दिया: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावनात्मक रिश्ता है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के साथ प्रदेश को इतना दिया है, जितनी कल्पना नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश के अंदर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 72 हजार मजरों का विद्युतीकरण कराया गया। जिन्हें बिजली सुलभ नहीं है, उन्हें सौभाग्य योजना के अंतर्गत निशुल्क बिजली मिल रही है। बिना किसी भेदभाव के योजनाओं को लागू किया जा रहा है।

पिछली सरकारों पर बोला हमला

पीएम नरेंद्र मोदी ने पुरानी सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, रिंग रोड का काम फाइलों में दबा हुआ था। 2014 में हमने शुरू किया लेकिन यूपी में पहले की सरकार ने प्रोजेक्ट में गति नहीं आने दी। योगी सरकार के आने के बाद तेजी से काम पूरा हुआ। बिहार, नेपाल, झारखंड व मध्य प्रदेश जाने वाली सडक़ों को चौड़ा किया जा रहा है। नेशनल हाइवे-7 के जरिये वाराणसी से सुलतानपुर, गोरखपुर, हंडिया सडक़ संपर्क मार्ग के लिए 1000 करोड़ रुपये तय किए गए।

मुख्य सचिव से मारपीट मामले में केजरीवाल सहित 13 को समन

  • 25 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सीएम अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और 11 अन्य विधायकों को बतौर आरोपी समन जारी किया है। सभी को 25 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।
19 फरवरी को सीएम आवास में आधी रात दिल्ली मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित मारपीट व बदसलूकी की गई थी। इस मामले में 13 अगस्त को चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ-साथ 11 अन्य विधायकों के नाम शामिल हैं। पटियाला हाउस कोर्ट में सील कवर में 1533 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, इस केस में केजरीवाल के तत्कालीन एडवाइजर वीके जैन को मुख्य गवाह बनाया गया है।

लाखों में खेल रहे कम पढ़े-लिखे विधायक कमाई के मामले में ग्रेजुएट एमएलए पीछे

  • कमाई में कर्नाटक के विधायक टॉप पर, सबसे कम इनकम पूर्वी क्षेत्र के विधायकों की

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। विधायकों की औसत कमाई जनता से कई गुना अधिक है। आठवीं पास नेताओं की औसत सालाना आय करीब 90 लाख है जबकि पढ़े-लिखे विधायक कमाई के मामले में पीछे हैं। यह खुलासा एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच (एनईडब्ल्यू) के विधायकों के आय के विश्लेषण पर आधारित डेटा से हुआ है। वहीं पुरूष विधायकों की आय महिला विधायकों के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
भारत में विधायकों की औसत सालाना आमदनी 24.59 लाख है। सबसे अमीर विधायकों की लिस्ट में कर्नाटक टॉप पर है। यहां विधायकों की औसत वार्षिक आय एक करोड़ 11 लाख है। पूर्वी क्षेत्र के 614 विधायकों की इनकम सबसे कम 8.5 लाख जबकि दक्षिणी राज्यों के 711 विधायकों की सालाना कमाई 51.99 लाख है। कुल 4,086 विधायकों में से 3,145 विधायकों द्वारा जमा कराए गए शपथपत्र के मुताबिक, 5वीं से 12वीं क्लास तक पढ़े 33 फीसदी विधायकों की
सालाना आय 31.03 लाख जबकि 63 फीसदी ग्रेजुएट और उससे ऊपर पढ़े विधायकों की आय 20.87 लाख है। 81-90 आयु वर्ग के 11 विधायकों की सर्वाधिक आय 87.71 लाख है।

941 विधायक शामिल नहीं
इनमें 941 विधायकों ने अपनी आय की घोषणा नहीं की है, इसलिए उन्हें इस रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है।

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