सभी धर्मों का लोकप्रिय तीर्थस्थल अजमेर

अजमेर के पर्यटन स्थलों में ज्यादातर तीर्थ स्थल हैं। अजमेर हिंदू और मुस्लिम दोनों का ही लोकप्रिय तीर्थस्थल है। यहां 13वीं सदी में बनी सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह है, जो हिंदू और मुस्लिम दोनों की आस्था का केंद्र है। अजमेर से 11 किलोमीटर दूर स्थित भगवान ब्रह्मा के निवास पुष्कर में जाने के लिए भी अजमेर ही बेस है। इसके पश्चिम में एक मंदिर और सुंदर झील है।
हजरत मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी जिन्हें ख्वाजा गरीब नवाज के नाम से भी जाना जाता है। जो गरीबों के मसीहा थे। खुद भूखे रहकर दुसरों को खाना खिलाते थे। जो दीन दुखियों के दुखों को दूर करते थे। जो पाप को पुण्य में बदल देते थे। वो अल्लाह के सच्चे बंदे थे। अल्लाह ने उन्हें रूहानी व गैबी ताकतें बख्शी थीं। जिनके मानने वालों की एक विशाल संख्या जिनको इस्लाम धर्म के लोग ही नहीं हिन्दू सिख आदि अन्य सभी धर्मों के लोग मानते हैं। जिनके मानने वालों में राजा से लेकर रंक नेता से लेकर अभिनेता तक है जो ख्वाजा गरीब नवाज की जियारत के लिए हमेशा लालायित रहते हैं। जिनकी दरगाह आज भी हिन्दुस्तान की सरजमीं को रोशन कर रही है।

 

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