गरीबों को आशियाना नहीं, गन्ना किसानों को दाना नहीं पर मंत्रियों के बंगलों पर करोड़ों फूंक रही सरकार

  • मंत्री स्वाति सिंह को पसंद नहीं आया बंगला तो तोड़ दिया अफसरों ने, अब नये सिरे से हो रहा काम
  • डेढ़ साल में करोड़ों रूपये फूंक दिये गये मंत्रियों के बंगले सजाने में
  • गन्ना किसानों के भुगतान के लिये सरकार के पास नहीं पैसे पर मंत्रियों की मौज का रखा जा रहा पूरा ध्यान

संजय शर्मा

लखनऊ। इसे हमारा और आपका दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि प्रदेश में हर व्यक्ति के विकास का नारा देने वाले राजनेता कुर्सी पर पहुंचते ही गरीबों की नहीं अपने विकास की योजना बनाने में जुट जाते हैं। मौजूदा सरकार भी इस से अछूती नजर नहीं आती। एक ओर जहां प्रदेश में बाढ़ की विभीषिका के कारण हजारों किसान परेशान हैं वही लाखों गन्ना किसान सालों से अपने भुगतान की राशि को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। किसान बदहाल हो या वह सडक़ पर आ जाएं। लगता है सूबे के मंत्रियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता अगर फर्क पड़ता होता तो वह इन किसानों की चिंता करते न कि अपने बंगले को सजाने के लिए करोड़ों रुपये फूंक देते।
उत्तर प्रदेश में बंगलों की राजनीति के बीच मौजूदा सरकार के मंत्रियों के घर सजाने का मामला भी आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकार के एक दर्जन से ज्यादा मंत्री चाहते हैं कि उनका घर फाइव स्टार होटल जैसा नजर आना चाहिए। इसके लिए वे राज्य संपत्ति अधिकारी पर लगातार दबाव बनाते रहते हैं। यूपी की तेजतर्रार मंत्री स्वाति सिंह को अपने बंगले की डिजाइन और सुंदरता पसंद नहीं आई। मैडम का गुस्सा देखकर अफसरों की कंपकपी चढ़ गई और आनन-फानन में मंत्री मैडम के बंगले को काफी हद तक तोड़ दिया गया और नए सिरे से इस बंगले को सजाने का काम शुरू हो गया। मंत्री महोदया के बंगले में दर्जनों मजदूर लगे हुए हैं। कई हिस्सों को तोड़ती हुई तस्वीरें 4पीएम के पास हैं और यह जवाब देने को कोई तैयार नहीं है कि गरीबों के खून पसीने की कमाई इस तरह मंत्रियों के ऊपर क्यों उड़ाई जा रही है। कभी टीवी तो कभी लैपटॉप को लेकर चर्चा में रहने वाले यूपी के हेल्थ मिनिस्टर सिद्धार्थ नाथ सिंह के घर में बनाए जाने वाले एक कमरे को लेकर राज्य संपत्ति अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के बीच भी खींचतान चलती रही। सूत्रों का कहना है कि मंत्री जी चाहते थे हेल्थ विभाग ही उन्हें यह कमरा बना कर दे मगर हेल्थ विभाग के अफसर इस मामले को राज्य संपत्ति अधिकारी के क्षेत्र का मामला बता कर टालने की कोशिश करते रहे। इस पर मंत्री जी के तेवर बिगड़े और आनन फानन में यह बंगला एक नए कमरे और नई सज्जा के साथ तैयार हो गया। राज्य संपत्ति विभाग इस बात की पूरी कोशिश में जुटा रहता है कि मंत्रियों के बंगलों पर कितना खर्च हुआ इसकी जानकारी मीडिया तक न पहुंच पाए मगर आज 4पीएम के फोटोग्राफर सुमित कुमार ने एक बार फिर अपने कैमरे के जादू से दिखा दिया कि मंत्रियों को आम आदमी के दुख दर्द से ज्यादा अपना बंगला और अपनी मौज ही पसंद है।

क्या कहते हैं राज्य संपत्ति अधिकारी
राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश शुक्ला का कहना है कि गौतलमपल्ली में 24 बंगले हैं। 6 बंगले काफी पुराने हैं। इनकी छत टपक रही है। इन बंगलों की मरम्मत के लिए एक करोड़ चार लाख की मंजूरी दी गई है। जिन लोगों ने बंगले खाली कर दिए हैं, उनमें काम शुरू हो गया है। मंत्री स्वाति सिंह ने बंगला खाली कर दिया है, इसलिए उनके बंगले पर काम शुरू कर दिया गया है।

पीएम मोदी ने किया स्वच्छता ही सेवा अभियान का आगाज कहा, चार साल में हुई साठ साल जितनी सफाई

  • पीएम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की अमिताभ बच्चन व रतन टाटा के सहयोग को सराहा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिर्फ शौचालय बनाने से भारत स्वच्छ नहीं हो जाएगा। स्वच्छता एक आदत है, जिसे रोज के अनुभवों में शामिल करना पड़ता है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद पीएम मोदी ने दिल्ली के पहाडग़ंज स्थित बाबा साहेब आंबेडकर हॉयर सेकेंडी स्कूल में झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश भी दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छता का जो लक्ष्य हमने चार वर्षों में हासिल किया है, वह बीते 60-70 वर्षों में नहीं किया जा सका। अस्वच्छता, गंदगी गरीबों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। वेस्ट मैनेजमेंट को और प्रभावी बनाना होगा। इस मौके पर पीएम मोदी ने स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए सीएम योगी की तारीफ की। वहीं अभिनेता अमिताभ बच्चन और उद्योगपति रतन टाटा के योगदान को भी सराहा।

पहले यूपी के लिए सफाई सपना था: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2019 तक यूपी के हर परिवार के पास अपना शौचालय होगा। उन्होंने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले यूपी में सफाई एक सपना था। लेकिन स्वच्छता पर पीएम के जोर ने राज्य की स्थिति बदल दी है। मार्च 2017 के बाद राज्य में स्वच्छता आंदोलन ने जोर पकड़ा।

अजमेर शरीफ के सज्जादानशीं से पीएम ने की बात
प्रधानमंत्री ने अजमेर शरीफ के सज्जादानशीं से बात की। सज्जादा नशीं ने कहा कि पहली बार देश का कोई प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फेंसिंग से दरगाह शरीफ से जुड़ रहा है। वह जायरीनों से दरख्वास्त करेंगे कि वह फूलों को अपने साथ ले जाएं और घर में लगा दें। इससे स्वच्छता फैलेगी और पर्यावरण भी स्वच्छ हो सकेगा।

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