नगर निगम में प्रस्ताव पास होने के बाद भी सो रहे जिम्मेदार अवैध प्रचार के खिलाफ नहीं चल रहा अभियान

  • अवैध होर्डिंग से खराब हो रही शहर की सूरत, दस हजार से ज्यादा लगी हैं होर्डिंग
  • 31 अगस्त को कार्यकारिणी में पास हुआ था प्रस्ताव, नये सिरे से टेंडर के जरिए आवंटित होंगे यूनीपोल
  • हाथ पर हाथ धरे बैठा नगर निगम का प्रचार विभाग, आज तक नहीं भेजा नोटिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पिछले एक साल से शहर में अवैध होर्डिंग का धंधा जोरों पर है। शहर में कई स्थलों व भवनों पर लगी भारी भरकम होर्डिंग के जरिए विज्ञापन एजेंसियां करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा कर रही हैं। इनके खिलाफ नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। यह हालत तब है जब बीते 31 अगस्त को नगर निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में यह प्रस्ताव पास हुआ था कि शहर को अवैध होर्डिंग से मुक्त किया जाए लेकिन नगर निगम के अफसरों ने अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कोई रणनीति अभी तक तैयार नहीं की है। यही नहीं अवैध होर्डिंग के खिलाफ प्रचार एजेंसियों को अभी तक पूरी तरीके से नोटिस तक जारी नहीं किए गए हैं।
कई बार अवैध होर्डिंग हटाने के लिए नगर निगम को शासन से निर्देश मिले लेकिन शहर आज तक अवैध प्रचार के मकडज़ाल से बाहर नहीं आ सका। बीते अगस्त को नगर निगम में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था कि शहर में जमीन पर लगे सभी होर्डिंग हटाई जाएंगी। कार्यकारिणी ने इनको अवैध माना है। इसके लिए नगर निगम के अफसरों को निर्देश दिए गए थे कि एक सप्ताह में सभी प्रचार एजेंसियों को नोटिस भेजा जाए। उसके बाद अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग को जब्त किया जाए। यही नहीं शहर में हरियाली के नाम पर हो रहे विज्ञापन के अवैध कारोबार को बंद करने के निर्देश भी दिए गए। बता दें कि विज्ञापन टैक्स जीएसटी में जाने के बाद शहर में अवैध होर्डिंग का कारोबार तेजी से बढ़ा है। जीएसटी से पहले नगर निगम में 486 स्थल के होर्डिंग का टैक्स जमा होता था जबकि शहर में 4500 से अधिक होर्डिंग लगी थीं। जीएसटी के बाद निगम टैक्स नहीं ले रहा है न ही अभियान चला रहा है। ऐसे में अवैध होर्डिंग की संख्या बढ़ती जा रही है। गड़बड़ी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निगम को केवल 7500 ट्री गार्ड पर ही प्रचार का टैक्स मिल रहा है। वहीं नगर निगम के प्रचार विभाग का हाल यह है कि कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास हुए 15 दिन बीत गए हैं लेकिन अवैध होर्डिंग के खिलाफ नगर निगम का अभियान ठप पड़ा हुआ है।

प्रचार के लिए लगेंगे यूनीपोल

नगर निगम की योजना है कि शहर से अवैध होर्डिंग हटाने के बाद नए सिरे से विज्ञापन स्थल चिन्हित कर यूनीपोल लगेंगे। इन्हीं पोलों का आवंटन टेंडर के जरिए एक निश्चित समय के लिए किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि यूनीपोल लगाने में काफी खर्च आता है इसलिए इसको अवैध रूप से नहीं लगाया जा सकता है। यही नहीं सुरक्षा के नजरिए से भी यूनीपोल सही है। आंधी तूफान में इनके गिरने की संभावना नहीं रहती है।

सीएम भी दे चुके अवैध होर्डिंग हटाने के निर्देश
शहर में अवैध होर्डिंग को लेकर सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही निर्देश दे चुके हैं। सीएम के निर्देश पर कुछ दिनों पूर्व नगर निगम ने अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान भी चलाया था लेकिन समय बीतने के साथ यह अभियान भी ठंडे बस्ते में चला गया।

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