असंगठित मजदूरों का डाटा तैयार करेगी सरकार: स्वामी प्रसाद

  • जनवरी 2019 से शुरू किया जाएगा मजदूरों का रजिस्ट्रेशन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उप्र असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड जनवरी 2019 से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करेगा। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि इसके लिए दिसंबर में केंद्र से गाइड लाइंस मिल जाएगी। इसके बाद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। रजिस्ट्रेशन होने के बाद मजदूरों को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
श्रम मंत्री ने बताया कि मजदूरों का रजिस्ट्रेशन सेवायोजन विभाग, पंचायती राज विभाग, श्रम विभाग के साथ सभी नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं, नगर निगमों, जिला पंचायतों के साथ तहसील और ब्लॉक दफ्तरों में होगा। उन्होंने बताया कि पहली बार रजिस्ट्रेशन के लिए दस रुपये देने होंगे। रजिस्टर्ड मजदूरों से सालाना 50 रुपये अंशदान लिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन की दूसरी प्रति लेने पर भी दस रुपये देने होंगे। वर्तमान वित्तीय वर्ष में रजिस्टर्ड मजदूरों को दीनदयाल सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना का लाभ दिया जाएगा। सुरक्षा बीमा योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर मजदूर के परिवार को दो लाख और घायल होने पर एक लाख रुपये दिए जाएंगे। बीमा का प्रीमियम राज्य सरकार देगी। अटल पेंशन योजना के तहत मजदूरों को 60 साल उम्र के बाद एक हजार रुपये पेंशन मिलेगी। श्री मौर्या ने बताया कि पूर्व में हुए सर्वे के मुताबिक प्रदेश में करीब साढ़े चार करोड़ असंगठित मजदूर हैं। राज्य सरकार ने 45 श्रेणियों में काम करने वालों को असंगठित क्षेत्र का मजदूर माना है। इनमें हॉकर से लेकर धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, बुनकर, रिक्शा चालक, घरेलू नौकर तक को शामिल किया गया है।

उप श्रमायुक्त करेंगे बिजनौर हादसे की जांच

लखनऊ। बिजनौर की केमिकल फैक्ट्री में बुधवार को हुए ब्लास्ट की जांच का जिम्मा स्थानीय उप श्रमायुक्त को दिया गया है। श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बताया कि वह घटना के कारणों की जांच कर रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा हादसे में जो भी मजदूर घायल हुए हैं, कंपनी के जरिए उनका पूरा इलाज करवाया जाएगा। मृतकों के परिवार को विभाग पर्याप्त मुआवजा दिलाएगा। श्रम मंत्री ने एससी-एसटी एक्ट पर कहा कि भाजपा सरकार ने पुरानी स्थिति बहाल की है। पिछली सरकारों ने इसे समय-समय पर कमजोर किया था। उन्होंने कहा कि हम सरकार की ओर से यह विश्वास दिलाते हैं कि अब इस कानून का दुरुपयोग नहीं होगा।

 

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