पुलिस, नगर निगम और एलडीए की तिकड़ी ने बिगाड़ी पत्रकारपुरम की सूरत

  • सील दुकानों का संचालन जारी, सडक़ पर हो रही वाहनों की पार्किंग
  • ठेले और खोमचे वालों ने बढाई मुश्किलें, जाम से रोजाना जूझ रहे लोग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। इसके लिए केवल ट्रैफिक व सिविल पुलिस के अलावा नगर निगम और एलडीए भी बराबर के जिम्मेदार है। इसका ताजा उदाहरण पत्रकारपुरम चौराहे पर रोजाना लगने वाला जाम है। जहां 20 फीट चौड़ी रोड के दोनों तरफ वाहनों को पार्क किया जाता है। वहीं ठेले-खोमचे लगने के कारण यहां दिन भर जाम लगा रहता है। जिससे स्थानीय व्यापारियों और जनता दोनों को परेशानी हो रही है।
पत्रकारपुरम चौराहे से शहीद मनोज पांडेय चौराहे की तरफ जाने वाली रोड हो या फिर हुसडिय़ा समेत जनेश्वर मिश्र पार्क की ओर जाने वाली रोड, सभी ओर जाम का आलम दिखता है। इन सडक़ों की चौड़ाई करीब 25 फीट से ज्यादा है। आलम यह है कि यहां की सभी सडक़ों पर अवैध रूप से खुली दुकानों के बाहर फुटपाथ तक पर अवैध पार्किंग लगती है। कई दुकानें ऐसी भी हंै जिनको एलडीए ने सील कर रखा है बावजूद वे संचालित की जा रही हैं। शाम होते ही चौराहे पर जाम की समस्या बेहद गंभीर हो जाती है। खान-पान की दुकनों के बाहर बेतरतीब वाहन खड़े होते है। यही कारण है कि सडक़ पर लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। अवैध पार्किंग और ठेलों के कारण सडक़ की चौड़ाई घटकर मात्र 10-12 फीट रह जाती है। दोनों तरफ दुकानों के अलावा चौराहों पर टैम्पो स्टैंड भी संचालित किए जा रहे हैं। इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम, एलडीए और पुलिस के आला अफसरों से शिकायत की गई लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि रोड पर अवैध कब्जे और वाहनों को खड़ा करने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल है। इससे न केवल पब्लिक को परेशानी का सामाना करना पड़ता बल्कि व्यापारी भी परेशान है। पत्रकारपुरम के व्यापारी राजेश का कहना है कि यहां की सबसे बड़ी समस्या जाम है। मार्केट में बैठे दुकानदारों के पास जाम के चलते ग्राहक नहीं आते। फुटपाथ पर पार्किग दी गई है लेकिन अवैध दुकानें लगने से वाहन खड़ा करने की जगह नहीं है। लोग रोड पर गाड़ी खड़ी करते हैं जिसके चलते जाम लगता है।

दुकानों ने बढ़ाईं मुश्किलें

पत्रकारपुरम चौराहे पर मनीष नॉनवेज प्वाइंट और अनन्या नॉनवेज की दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगने वाली वाहन पार्किंग से सडक़ तक फैली रहती है। यही नहीं यहां शाम को जाम भी छलकाए जाते हंै। शराब पीने वालों की भीड़ लगी रहती है। यह हाल तब है जब बगल में ही पुलिस चौकी है। चौराहे के नजदीक होने के कारण यहां पर अक्सर सवारी-गाडिय़ों का ठहराव रहता है। जिसके चलते शाम 5 बजे के बाद यहां घंटों जाम लगता है। बता दें कि कुछ दिनों पहले एलडीए ने यहां की नॉनवेज दुकानों को सील किया था लेकिन दुकान मालिक ने सील तोडक़र अपना धंधा चालू कर दिया। यह सारा खेल एलडीए के सुपरवाइजरों की मिलीभगत से चल रहा है। यही नहीं इसमें पुलिस की संलिप्तता भी बतायी जा रही है।

अवैध बाजार समस्या की जड़

पत्रकारपुरम चौकी से चंद कदमों की दूरी पर रोड के किनारे अवैध बाजार सज गया है। रोड के दोनों तरफ ठेले-खोमचे लगते हैं। शाम 5 से 9 बजे तक वहां से गुजरने वालों को जाम से दो चार होना ही पड़ता है। फिर चाहे वह वीआईपी हो या आम आदमी। प्रेशर हार्न और शोर शराबे के बीच गाडिय़ों की स्पीड 5 से 10 किमी हो जाती है। दो मिनट का सफर 15 से 20 मिनट में तय हो पाता है।

नगर निगम ने पुलिस पर फोड़ा ठीकरा

पत्रकारपुरम चौराहे पर जाम की समस्या के लिए नगर निगम प्रशासन स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहा है। कारण यह है कि नगर निगम कई बार यहां अभियान चला चुका है लेकिन बाद में दोबारा अतिक्रमण लग जाता है। वहां दुकानों के बाहर अवैध रूप से लगने वाली वाहन पार्किंग में खड़ी गाडिय़ों का पुलिस चालान नहीं करती। सूत्र बताते हैं कि यह सारा खेल पुलिस की मेहरबानी से चल रहा है।

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