खुले में शौच मुक्त अभियान को एलडीए लगा रहा पलीता!

  • खाली प्लाटों पर झुग्गी-झोपड़ी डाल कर रहने वालों ने बढ़ाई मुश्किलें
  • सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए नगर निगम ने एलडीए को लिखा पत्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। स्वच्छ भारत मिशन जैसी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में एलडीए का सहयोग नहीं मिल रहा है। शहर में चल रहे खुले में शौच मुक्त अभियान (ओडीएफ) में एलडीए की लापरवाही नजर आ रही है। प्राधिकरण की योजनाओं में खाली प्लाट पर झुग्गी-झोपड़ी डाल कर रहने वाले लोग सरकार के खुले में शौच मुक्तअभियान को पलीता लगा रहे हैं। वहीं, एलडीए इन प्लाटों को न तो कब्जा मुक्त करा पा रहा है न ही इन प्लाटों में रहने वाले लोगों के लिए कोई सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कर रहा है। जानकीपुरम सेक्टर-ई में एलडीए के खाली प्लाटों पर झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के लिए शौचालय बनाने के लिए नगर निगम ने एलडीए को पत्र भेजा है।
नगर आयुक्त इन्द्रमणि त्रिपाठी ने एलडीए उपाध्यक्ष प्रभुएन सिंह को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शहर को दो अक्टूबर तक खुले में शौच मुक्त किया जाना है। एलडीए की आवासीय योजना जानकीपुरम के सेक्टर-ई में एलडीए के कई प्लाट हैं जिन पर झुग्गी-झोपड़ी डाल कर लोग निवास कर रहे हैं। इनमें शौचालय की कोई सुविधा नहीं है, जिसके चलते लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार के द्वारा चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान का संकल्प पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है। खुले मे शौच को रोकने के लिए नगर निगम की ओर से कहा गया है कि जानकीपुरम में एलडीए बीस सीटर शौचालय का खुद निर्माण करे या फिर नगर निगम को शौचालय निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराए। वहीं, इस संबंध में एलडीए की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है। यह हाल तब है जब 2 अक्टूबर में 20 दिन ही बचे हैं। इस संबंध में एलडीए के अफसर जवाब देने से कतरा रहे हैं। ऐसे में खुले में शौच मुक्त अभियान को लेकर एलडीए की उदासीनता सरकार की मंशा पर भारी पड़ सकती है।

अभियान के संबंध में नगर निगम ने एलडीए से क्या सहयोग मांगा है इस बात की जानकारी नहीं है। यहां दिन भर में सैकड़ों पत्र आते हैं। नगर निगम के अफसरों को व्यक्तिगत रूप से बात करनी चाहिए।
-मंगला प्रसाद सिंह, सचिव, एलडीए

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