मुख्यमंत्री जी! लखनऊ की सूरत बिगाड़ रहे अवैध निर्माण, आखिर कब होगी कार्रवाई

  • एलडीए के अभियंताओं की मिलीभगत से जानकीपुरम विस्तार में भी जारी अवैध निर्माण
  • पार्किंग विहीन भवनों से जनता की बढ़ी मुश्किलें, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर पार्किंग से रोजाना लग रहा जाम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ‘बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है, हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा’ लखनऊ विकास प्राधिकरण के कुछ अभियंताओं पर यह पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती हैं। कारण यह है कि शहर में अनियोजित कालोनियों और जगह-जगह खुल रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से राजधानी की सूरत बिगड़ती जा रही है। एलडीए के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए पार्किंग विहीन व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण धड़ल्ले से जारी है। लेकिन एलडीए के अभियंताओं को ऐसे प्रतिष्ठान नजर नहीं आ रहे हैं। विभाग की सारी कार्रवाई कागजों तक सीमित है। आलम यह है कि ऐसे प्रतिष्ठानों के बाहर सडक़ों पर बेतरतीब वाहन खड़े होने से रोजाना क्षेत्र में जाम की समस्या पैदा होती है। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। इन सभी समस्याओं के बावजूद एलडीए शहर में अवैध निर्माण पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एक दिन पूरा लखनऊ अमीनाबाद की तरह नजर आएगा।
लखनऊ विकास प्राधिकरण की जानकीपुरम विस्तार योजना की बात करें तो यहां आवासीय में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण धड़ल्ले से जारी है। यह सारा खेल प्राधिकरण के अभियंताओं की मिलीभगत से चल रहा है। जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर-3, 5, 7, 8 समेत 60 फिट रोड पर कई दर्जन बिल्डिंगों का निर्माण जारी है। इसमें से कई बिल्डिंग आवासीय प्लाटों पर बन रही हैं। इसके अलावा अनियोजित कालोनी मे आने वाली 60 फिट रोड पर भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान के निर्माण जारी है। 60 फिट रोड पर पहले से ही व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के चलते जाम की समस्या रहती थी। ऐसे में नए निर्माण से सडक़ पर खड़े होने वाले वाहनों का बोझ बढऩा तय है। अवैध निर्माण और आवासीय बिल्डिंग में व्यवसायिक प्रयोग जैसी तमाम शिकायतें एलडीए पहुंच रही हैं। लेकिन नीचे से ऊपर तक साठगांठ के चलते निर्माण बंद नहीं हो रहे हैं।

सीएम की सख्ती पर जिम्मेदार फेर रहे पानी

शहर का यह हाल तब है जब प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनियोजित कालोनियों और अवैध निर्माण पर शिकंजा कसने के निर्देश दे रखे हंै। यही नहीं समय-समय पर शासन की ओर से अवैध निर्माण का ब्यौरा भी तलब किया जाता है लेकिन शहर बर्बादी की ओर जा रहा है। फिर भी अवैध निर्माण मे संलिप्त अभियंताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब राजधानी में अवैध निर्माण का ये हाल है तो प्रदेश के अन्य जिलों का क्या हाल होगा।

जानकीपुरम विस्तार में जो भी निर्माण है उनको नोटिस जारी किया गया है। कुछ मामले विहीत प्राधिकारी कोर्ट में लम्बित हैं। आदेश के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
-प्रताप शंकर मिश्र ,अधिशासी अभियंता, जोन पांच, एलडीए

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