नगर आयुक्त के रडार पर हाउस टैक्स में हेराफेरी करने वाले अफसर-कर्मचारी

  • कार्यालयों में सोमवार से किया जाएगा औचक निरीक्षण
  • टैक्स में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद निगम प्रशासन ने लिया फैसला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम में राजस्व के मुख्य सोर्स (हाउस टैक्स) में चल रही धांधली पर शिकंजा कसने का निर्णय लिया गया है। हाउस टैक्स में हेराफेरी की जांच अब खुद नगर आयुक्त करेंगे। यह जांच बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक होगी।
नगर निगम की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। विभाग पर करीब साढ़े तीन सौ करोड़ की देनदारी है। बावजूद इसके हाउस टैक्स असेस्मेंट में हेराफेरी जारी है। यह सारा खेल अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। नतीजतन नगर निगम के राजस्व को करोड़ों का चूना लग रहा है। हाउस टैक्स असेस्मेंट में धांधली की तमाम शिकायतें नगर आयुक्त को मिली हैं। इसी के चलते नगर आयुक्त डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने हाउस टैक्स असेस्मेंट की अचानक जांच कराने का फैसला लिया है। यह जांच नगर निगम के किसी भी जोन में कभी भी हो सकती है। जानकारी के अनुसार शहर के बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर एआरबी घटाने के मामले निगम प्रशासन तक पहुंचे हैं। इसी आधार पर जांच की जाएगी। इस मामले में नगर आयुक्त ने बताया कि सोमवार से जांच प्रक्रिया शुरू होगी। यदि जांच में भवन की एआरबी में कोई कमी मिली तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अचानक हाउस टैक्स असेस्मेंट की जांच करने की जानकारी से नगर निगम के उन अफसरों और कर्मचारियों में हडक़ंप मचा हुआ है जिन्होंने बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रख कर हाउस टैक्स असेस्मेंट किया।

प्रापर्टी डीलर चांद के इशारे पर चल रहा गोमतीनगर थाना!

  • बलात्कार सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दी गई क्लीन चिट
  • पुलिस की कार्यशैली से उठ रहा लोगों का विश्वास, घटनाओं की जांच सीबीआई से कराना बनी मजबूरी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में कुछ थाने रसूखदारों के इशारे पर चल रहे हैं। यहां पीडि़तों की सुनवाई नहीं होती। बलात्कार और अपहरण के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पुलिस बचती रहती है। ताजा मामला गोमतीनगर थाने से जुड़ा है। यहां एक लडक़ी को उसी के बाप ने प्रापर्टी डीलर के हाथों बेच दिया। लडक़ी को जबरन घर से अगवा कर लिया गया। इसके बाद उसके साथ प्रापर्टी डीलर ने अपने एक दोस्त के साथ जबरन निकाहनामे पर दस्तखत करवाये और दोस्तों के साथ मिलकर लडक़ी का बलात्कार करने का प्रयास किया। लेकिन लडक़ी किसी तरह बच निकली। अब पीडि़ता न्याय की आस में दर-दर भटक रही है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। जबकि गोमतीनगर थाने की पुलिस ने दबाव में उल्टे ही पीडि़त लडक़ी के फरार होने का मुकदमा दर्ज कर लिया। जब लडक़ी ने थाने पहुंचकर हकीकत बयान की तो मामला रफा दफा कर दिया। पुलिस चांद के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। ऐसे में अगर कप्तान गोमतीनगर थाने की जांच करें तो हकीकत खुद सामने आ जाएगी।

इन दारोगाओं के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

कोर्ट के आदेश पर दारोगा वीरेंद्र यादव, दारोगा राय बहादुर सिंह के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पीडि़ता का आरोप है कि उसका बयान लेने के बाद भी जांच में खेल कर दिया गया है।

जमीनों पर कब्जा करने का भी आरोप

रेप के आरोपी और प्रॉपर्टी डीलर चांद के खिलाफ जमीनों पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप है। गोमतीनगर पुलिस की नजर में वह एक संभ्रान्त व्यक्ति है। क्योंकि पुलिस जब भी कोई जनता से संबंधित बैठक करती है तो चांद उसमें मौजूद रहता है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस के कई तरह के खर्चे चांद के माध्यम से ही पूरे होते हैं। इसी कारण से पुलिस उसके गिरेहबान पर हाथ तक नहीं डालती है।

कोर्ट का आदेश दरकिनार

चांद के रसूख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गोमतीनगर पुलिस ने कोर्ट के आदेश को भी दरकिनार कर दिया। कोर्ट के आदेश के करीब एक सप्ताह बाद पुलिस ने चांद सहित पांच लोगों के खिलाफ धारा 147, 323, 342, 354क, 354ख, 504, 506, 376 व धारा 511 के तहत मुकदमा दर्ज किया। लेकिन पुलिस अब तक चांद की गिरफ्तारी की हिम्मत नहीं जुटा पाई है।

यह घटना अत्यंत ही गम्भीर है। यदि ऐसा कुछ हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी करवाई होगी।
-कलानिधि नैथानी,एसएसपी

यह है मामला

गोमतीनगर थाना क्षेत्र के उजरियांव निवासी पीडि़त युवती के मुताबिक उसके पिता ने दो शादियां की हैं। घर में काफी गरीबी है। इस बात का फायदा उजरियांव के ही रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर मो. तौहीद ऊर्फ चांद ने उठाया। वह उसके पिता का आर्थिक सहयोग करता था लेकिन पीडि़ता पर बुरी नीयत रखता था। जब लडक़ी के पिता पर कर्ज का बोझ बढ़ गया तो उन्होंने पीडि़ता को चांद के हवाले कर दिया। जहां चांद, मो. मौफीक, शहजादे, शादाब ऊर्फ शनि और मो. असलम ने कई दिनों तक उसे कैद करके रखा। चांद ने अपने ही एक साथी और पीडि़ता के साथ जबरन निकाहनामे पर हस्ताक्षर करा लिया। इसके बाद चांद ने उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया। यहां से किसी तरह वह उसके कैद से भाग निकली। आलम यह है कि गोमतीनगर पुलिस ने लडक़ी को अगवा करने और बलात्कार का प्रयास करने वाले चांद और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। बल्कि पुलिस ने चांद के इशारे पर पीडि़ता के बाप को बहला फुसलाकर उसके अपहरण की रिपोर्ट गोमतीनगर थाने में दर्ज करा दी। जहां युवती ने उपस्थिति होकर 164 के तहत बयान दिया कि वह कहीं भागी नहीं थी उसके साथ ऐसा-ऐसा हुआ है। इसकी जानकारी होने के बाद भी पुलिस ने चांद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पीएम मोदी ने किया दौरा

  • एनडीआरएफ की 58 टीमें बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ से परेशान लोगों के हालात का जायजा लेने केरल पहुंच गए हैं। वे हवाई सर्वेक्षण से स्थिति का आंकलन करने के बाद केरल के मुख्यमंत्री तथा सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस त्रासदी में महज एक दिन में 106 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच आठ अगस्त के बाद से बाढ़ के चलते मृतकों की संख्या बढक़र 324 हो गई है। 2 लाख लोग बेघर हो चुके हैं। बाढ़ से मध्य केरल के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था ठप है। पानी भरने से कोच्चि एयरपोर्ट 26 अगस्त तक बंद कर दिया गया है। मुल्लापेरियार समेत सभी 35 डैम भर चुके हैं, जिनसे लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 58 टीमों को लगाया गया है।
केरल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। यहां के एक एमएलए ने पीएम मोदी से हेलीकॉप्टर भेजकर जान बचाने की गुहार लगाई थी। मोदी ने बाढ़ प्रभावित केरल के लिए 500 करोड़ की आर्थिक मदद की घोषणा की है। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से बाढ़ से मरने वालों के परिजनों को दो लाख के मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की गई है। केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रधानमंत्री के इस ऐलान के बाद शुक्रिया अदा किया है। हालांकि, सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दो हजार करोड़ रुपये की सहायता की मांग की गई थी।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ के स्थिति की समीक्षा आज कोच्चि में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में की। करीब तीन लाख से ज्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लिए हैं। राज्य के 14 में से 12 जिलों में रेड अलर्ट है।

फर्रूखाबाद में रास्ता रोके जाने पर कांवडिय़ों और दबंगों में मारपीट

  • आधा दर्जन कांवडिय़े घायल, क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। फर्रुखाबाद जिलें में आज सुबह कुछ दबंगों और कावडिय़ों के बीच रास्ता रोके जाने को लेकर संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला इतना गंभीर हो गया कि पथराव और मारपीट की नौबत आ गयी। इस घटना में एक दर्जन से अधिक कांवडिय़े घायल हो गये हैं। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भिजवाया और क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
एटा जनपद के सरदपुर गांव से लगभग 40 कांवड़ यात्रियों का एक जत्था ट्रैक्टर से आज फर्रूखाबाद जिले में गंगा जल लेने जा रहे थे। इस दौरान फर्रूखाबाद के बारों के निकट पास देने को लेकर दूसरे ट्रैक्टर चालक से उनका विवाद हो गया। दूसरे ट्रैक्टर चालक ने गंगा जल लेने जा रहे कांवड़ यात्रियों का मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जिसके बाद कांवडिय़ों और दबंगों के बीच कहासुनी हो गयी और फिर देखते ही देखते मामला मारपीट तक जा पहुंच गया। इस पर ट्रैक्टर चालक ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया और कावडिय़ों पर हमला कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ। जिसमें करीब 11-12 कांवड़ यात्री घायल भी हो गये हैं। वहीं कांवडिय़ों ने दबंगों के खिलाफ मारपीट के साथ ही लूटपाट करने का आरोप भी लगाया है।

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