अटल जी की याद में योगी सरकार बनवाएगी चार बड़े स्मारक

  • बटेश्वर, कानपुर, बलरामपुर और लखनऊ में होगा निर्माण
  • कैबिनेट में लिया जाएगा फैसला, लखनऊ रही है अटल जी की कर्मभूमि

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर योगी सरकार जल्द ही यूपी के शहरों में चार बड़े स्मारक बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार जल्द ही कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाकर इन स्मारकों को बनाने पर फैसला लेगी। ये स्मारक अटल जी के पैतृक गांव, उनकी शिक्षा और कर्मस्थली रहे शहरों में बनाए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि सरकार कानपुर, आगरा (बटेश्वर), लखनऊ और बलरामपुर में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्मारक का निर्माण कराएगी। गौरतलब है कि आगरा के बटेश्वर में अटल जी का पैतृक गांव है। दूसरी ओर अटल जी ने अपना पहला चुनाव बलरामपुर से लड़ा था। अटल जी ने कानपुर से शिक्षा-दीक्षा ली थी और लखनऊ में उनका लंबा राजनीतिक इतिहास रहा है क्योंकि वे यहां से पांच बार सांसद रहे थे। अटल जी का लखनऊ से गहरा नाता था। लखनऊ के कायाकल्प में अटल जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उत्तर प्रदेश वाजपेयी की कर्मभूमि रही है। इस सूबे के हर क्षेत्र से उन्हें गहरा लगाव था इसीलिये जनभावनाओं का सम्मान करते हुए वाजपेयी की अस्थियां प्रदेश के सभी जिलों की मुख्य नदियों में प्रवाहित की जाएंगी, ताकि राज्य की जनता को भी उनकी अन्तिम यात्रा से जुडऩे का अवसर मिल सके। गौरतलब है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद 93 साल की उम्र में निधन हो गया था। अटल बिहारी वाजपेयी ने एम्स दिल्ली में आखिरी सांस ली थी। शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ दिल्ली स्थित राष्टï्रीय स्मृति स्थल पर अटल जी का अंतिम संस्कार किया गया था।

अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम योगी

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और कालजयी राजनीतिज्ञ अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों का विसर्जन कल होगा। अस्थि विसर्जन के कार्यक्रम के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल हरिद्वार रवाना होंगे। जहां हर की पैड़ी पर दोपहर एक बजे अटल जी की अस्थियों का विसर्जन होगा। सीएम योगी ने अटल जी की अस्थियों को प्रदेश के 75 जिलों में बहने वाली सभी छोटी-बड़ी नदियों में विसर्जित करवाने की घोषणा की है। इसके पहले इतिहास में कभी किसी की अस्थियां इतने बड़े पैमाने पर विसर्जित नहीं की गई हैं।

जालौन में मां व बेटे की हत्या से सनसनी, हत्यारे फरार

  • पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे
  • जमीनी रंजिश की जताई जा रही है आशंका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। जालौन में डबल मर्डर की वारदात से सनसनी फैल गई है। बदमाशों ने जालौन के उरई में मां व बेटे को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया। सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। वारदात के पीछे जमीनी रंजिश की आशंका बताई जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम बागी निवासी अधिवक्ता भगवती प्रसाद उरई में रहकर वकालत करते हैं। बागी में उनकी पत्नी मुन्नी देवी (55) और पुत्र कुलदीप (27) रहते थे। शुक्रवार की देर रात घर में घुसकर मां-बेटे की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। शनिवार की सुबह दोनों के खून से लथपथ शव मिले। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस के अलावा, कालपी व आटा थाना की फोर्स भी पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी ने घटनास्थल का मुआयना किया। हालात देखते हुए लगता था कि डकैती के लिए वारदात को अंजाम दिया गया है। हालांकि जांच के बाद जो तथ्य निकलकर सामने आ रहे हैं, उससे पुलिस अनुमान लगा रही है कि जमीनी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया है। डीआइजी सुभाष बघेल ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। अपर पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र नाथ तिवारी का कहना है कि छानबीन की जा रही है, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल हत्यारे पुलिस की पकड़ से दूर हैं।

सिद्धू के पाक आर्मी चीफ से गले मिलने पर कांग्रेस असहज

  • राशिद बोले, सिद्धू के आचरण से गया गलत संदेश
  • पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के शपथ ग्रहण में पहुंचे सिद्धू

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के गले मिलने की तस्वीर सामने आने पर कांग्रेस असहज हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने इसे गलत बताया है। सिद्धू इस्लामाबाद में पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इसी दौरान सिद्धू पाक सेना प्रमुख बाजवा से गले मिले। इस दौरान सिद्धू को पाक अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति मसूद खान के पास भी बिठाया गया था।
कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि सीमा पर हमारे जवान मारे जा रहे हैं और ऐसे में पाकिस्तान सेना के चीफ को सिद्धू का गले लगाना गलत संदेश देता है। पीओके के राष्टï्रपति के साथ सिद्धू के बैठने को लेकर पूछे गए सवाल पर जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि इसका जवाब वे ही दे सकते हैं, उन्हें इससे बचना चाहिए था।

पाकिस्तान के नए पीएम बने इमरान खान
नई दिल्ली। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के चीफ इमरान खान ने आज पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। इमरान के शपथ समारोह में कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। शपथ से पहले इमरान की पार्टी ने संसद में बहुमत साबित किया। पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली की कुल 336 सीटों में इमरान खान को बहुमत के लिए 173 सीटों की जरूरत थी।

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