शोक की लहर

झंडे को झुकने नहीं दिया

अटल जी ने अपनी कविता में लिखा था कि …मंजूर नहीं है कभी मुझे झुके तिरंगा स्वतंत्रता के मौके पर…..वह अपने जीवन के अंतिम क्षणों में मौत से लड़ते रहे लेकिन तिरंगे को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झुकने नहीं दिया। अटल जी ने 16 अगस्त की शाम 5:05 बजे अंतिम सांस ली। यदि वे एक दिन पूर्व मरते तो तिरंगे को झुकाना पड़ता लेकिन मौत ने भी उनकी जिद के आगे घुटने टेक दिए।

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