लापरवाह थानाध्यक्षों की नकेल कसने के लिए कप्तान ने अपनाया नया फॉर्मूला, हर शिकायत पर रहेगी नजर

  • नया प्रोफॉर्मा में दर्ज की जाएगी विस्तृत जानकारी
  • एसएसपी के नए फैसले से थानाध्यक्षों में बढ़ी बेचैनी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जनता की समस्याओं का निपटारा हो और उनको सही समय पर न्याय मिल सकें इसके लिए एसएसपी कलानिधि नैथानी ने एक नया फॉर्मूला निकाला है। इस तरीके के कारण जहां थानाध्यक्षों की लापरवाही सामने आएगी वहीं समस्या का समाधान हुआ या नहीं इसकी भी जानकारी मिलेगी। कप्तान के इस तेवर से राजधानी के लापरवाह थानाध्यक्षों की बेचैनी बढ़ गई है।
कार्यालय में जाने वाले पीडि़तों को रिसिविंग कॉपी तो दी जाती थी लेकिन कमांड पर नहीं। कमांड पर आने वाले पीडि़तों को अधिकतर यह कह कर टरका दिया जाता था कि साहब बंगले पर नहीं है या बंगले पर नहीं मिलते हैं। कल कार्यालय में मिलेंगे। इसे देखते हुए और पीडि़त कहीं से नहीं लौटे। यदि उनके पास आए है तो उनकी समस्याओं का समाधान हो इसके लिए कप्तान साहब ने एक नया तरीका निकाला है। कप्तान साहब के इस फैसले से पीडि़त भी खुश नजर आ रहे है।

अब अपनायी जाएगी यह प्रक्रिया

पहले कोई पीडि़त मिलने जाता था तो एसएसपी उससे मिलकर उनकी समस्या को सुनकर उसका समाधन करते थे। लेकिन अब कोई पीडि़त शिकायत लेकर जाएगा तो पीआरओ निर्धारित प्रोफॉर्मा भरेगा। प्रोफार्मा में नाम, पता, थाना, मुकदमा संख्या, कार्रवाई का विवरण, पीडि़त को क्या परेशानी है, यदि मुकदमा दर्ज हैं तो थाने से अब तक क्या कार्रवाई हुई आदि की जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद संबंधित थानाध्यक्ष से उस मुकदमें के संबंध में बातकर उसका विवरण नोट किया जाएगा। यदि मुकदमा नहीं दर्ज हुआ तो इसका कारण दर्ज किया जाएगा। इन जानकारियों के साथ पीआरओ व पीडि़त कप्तान से मिलेंगे। इस पर एसएसपी आदेश देंगे। यदि जरूरत महसूस होती है तो वह स्वयं बात करेंगे। इसके बाद वह प्रोफॉर्मा एसएसपी की निगरानी में रहेगा ताकि उस शिकायत पर संबंधित थानाध्यक्ष व विवेचक ने क्या कार्रवाई की पता की जाएगी। एसएसपी की इस नए फैसले से लापरवाह थानाध्यक्षों के अंदर बेचैनी बढ़ गई है।

मेरा उद्देश्य है कि पीडि़तों को कोई परेशानी न हो और उनकी समस्या का समाधान हो। कई बार लापरवाही के कारण पीडि़त परेशान होता
रहता है। यह गलत है।
-कलानिधि नैथानी ,एसएसपी

नो हेलमेट नो पेट्रोल का भी बनाया नियम
एसएसपी कलानिधि ने जब से चार्ज संभाला तभी से वे जनता के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने नो हेलमेट नो फ्यूल का अभियान भी चलाया। जिसका नतीजा यह हुआ कि लोगों में हेलमेट पहनने की आदत पड़ गई। वहीं दूसरी तरफ हेलमेट नहीं पहनने वालों के खिलाफ जमकर अभियान चलाया। कई लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया। यह अभियान चल भी रहा है। इस अभियान की तारीफ की जा रही है।

जनता को यह भी मिला अधिकार

कुछ दिन पूर्व एसएसपी कलानिधि नैथानी ने एक अहम फैसला लेते हुए कहा था कि जनता को उसका अधिकार मिलना चाहिए। ऐसे में उन्होंने सभी लोगों से अनुरोध किया है वह अपने संबंधित थानाध्यक्ष के नंबर पर फोन करके यह पता लगाएं कि उनके बीट का सिपाही कौन है और वह क्षेत्र में दिखाई देता है या नहीं। यदि सिपाही दिखाई नहीं देता है तो उसकी शिकायत की जाए।

 

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