आरटीआई का जवाब नहीं देने पर राज्य सूचना आयोग ने लगाया नगर निगम पर जुर्माना

  • आप के व्यापार प्रकोष्ठï के प्रदेश महासचिव गौरव माहेश्वरी की अपील पर सुनाया फैसला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इंवेस्टर्स समिट के दौरान लखनऊ नगर निगम द्वारा शहर में किराए पर लगवाई गई एलईडी लाइटों, इसके खर्च और टेंडर प्रक्रिया आदि के संदर्भ में आम आदमी पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठï के प्रदेश महासचिव गौरव माहेश्वरी ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी थी। जवाब न देने पर राज्य सूचना आयोग ने सोमवार को नगर निगम पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। साथ ही 12 सितंबर तक जवाब न देने पर दो लाख का जुर्माना और विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
गौरव माहेश्वरी ने बताया कि 21 व 22 फरवरी 2018 को राजधानी में इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। नगर निगम ने शहर को जगमग करने के लिए एलईडी लाइट लगवाई थी जिसमें एलईडी की खरीद कीमत से ज्यादा मेसर्स खन्ना इलेक्ट्रिक कंपनी को एलईडी लगाने के लिए किराए के भुगतान का मामला प्रकाश में आया था। इस मामले में नौ मार्च को नौ आरटीआई लगाई गयी थी। आरटीआई में पोल पर एलईडी स्ट्रिप लगवाने के लिए टेंडर प्रकाशित करने और इसकी तिथि, यदि टेंडर प्रकाशित नहीं किया गया तो किस प्रक्रिया का पालन करके वर्क आर्डर जारी किये गए, संबंधित कंपनी की विस्तृत जानकारी और बिलों के भुगतान आदि की जानकारी और छाया प्रति मांगी गई थी। आरटीआई को नगर विकास विभाग ने लखनऊ नगर निगम को जवाब देने को भेज दिया था। जवाब न आने पर प्रथम अपील दाखिल की गयी। इसके बाद भी जवाब नहीं मिला। गौरव माहेश्वरी ने बताया कि इस पर राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील दाखिल की गयी थी, जिसमें नगर निगम ने केवल यह बताया गया कि कार्य आकस्मिक था इसलिए एलईडी लाइट लगाने के लिए फर्म मेसर्स खन्ना इलेक्ट्रिक कंपनी को कार्य दिया गया था और बाकी का गोलमोल जवाब दिया गया। सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग के आदेश के बावजूद लखनऊ नगर निगम के मार्ग प्रकाश मुख्य अभियंता राम नगीना त्रिपाठी उपस्थित नहीं हुए और सहायक जन सूचना अधिकारी को भेजा। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद राज्य सूचना आयुक्त ने नगर निगम पर 8 आरटीआई का जवाब न देने पर पहली आरटीआई पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है।

 

Pin It