रहस्य बनकर रह गईं सिर कटी लाशें, राजधानी की हाईटेक पुलिस को खोजे नहीं मिल रहे कातिल

  • सालों बाद भी पुलिस नहीं कर सकी खुलासा, ठंडे बस्ते में जघन्य वारदातें
  • शिनाख्त कराने में पुलिस के छूट रहे पसीने, कइयों की नहीं हो सकी पहचान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में सिर कटी लाशों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसी लाशों के रहस्य से पुलिस पर्दा उठाने में नाकाम साबित हो रही है। सालों बाद भी पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच सकी है। यही नहीं ऐसी लाशों की शिनाख्त कराने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। तमाम मशक्कत के बाद कई वारदातों को अब पुलिस ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि अपराधी पहचान छिपाने के इरादे से लाश का अंग-भंग कर देते हैं और उसके टुकड़े अलग-अलग स्थानों पर फेंक देते हैं। हालांकि इस मामले में तफ्तीश जारी है। जल्द ही कातिलों तक पुलिस पहुंच जाएगी।
राजधानी में घटी जघन्य वारदातों का खुलासा करने में राजधानी पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिल पा रही है। कुछ वारदातें ऐसी हुई हैं जिनका खुलासा करना तो दूर पुलिस शिनाख्त तक कराने में नाकाम साबित हो रही है। अंग-भंग कर फेंकी गई लाशों के खुलासे के लिये पुलिस का कोई तंत्र काम नहीं कर रहा है। पुलिस को न तो मुखबिर और न ही सर्विलांस से मदद मिल पा रही है। एक ओर सिर कटी लाशों के मामले में पुलिस बैक फुट पर नजर आ रही है वहीं अपराधी वारदातों को अंजाम देने में पीछे नहीं रह रहे हैं। तालकटोरा थाना क्षेत्र में दो अप्रैल को एक युवक की सिर कटी लाश बरामद हुई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाश की शिनाख्त कराने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने लाश की फोटो को आस-पास के जिलों में भेजकर पता लगाने की कोशिश की। इसके लिए मुखबिरों का जाल भी फैलाया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी तरह दो वर्ष पहले राजधानी के मडियांव क्षेत्र में दो महिलाओं की सिर कटी लाशें बरामद हुयी थीं। बोरे में दो महिलाओं की सिर कटी लाश की सूचना पर पूरे शहर में हडक़ंप मच गया था। 2015 में हुयी इस घटना वाले दिन ही सीतापुर के मानपुर क्षेत्र मेें दो महिलाओं के सिर बरामद हुये थे। इसकी सूचना मिलने पर राजधानी पुलिस ने सिर का धड़ से मिलान करवाया लेकिन नतीजा शून्य रहा। पुलिस ने शवों की शिनाख्त कराने की भरसक कोशिश की लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। इस घटना को दो वर्ष हो चुके हैं मगर आज तक पुलिस यह भी पता नहीं कर सकी कि आखिर वे महिलाएं कौन थीं और उनकी हत्या क्यों की गई। यह घटना आज तक रहस्य बनी हुई है।

ऐसे मामलों की पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है। मिले शवों के कद-काठी वाले ऐसे लोगों का पता लगाया जा रहा है जो गुम हैं। ऐसे मामलों में शिनाख्त के बाद डीएनए मिलान कराया जाएगा। इसके बाद घटना का खुलासा होने में आसानी हो जाती है। ऐसी वारदातों के आरोपी जल्द ही पुलिस की पकड़ में होंगे।
कलानिधि नैथानी, एसएसपी

टुकड़ों में मिला था शव

तालकटोरा थाना क्षेत्र में बीते दिनों एक और अंग-भंग लाश बरामद हुई। शव को टुकड़ों में काटकर फेंका गया था। यहां पुलिस को शव के सिर और पैर मिले लेकिन धड़ आज तक पुलिस को नहीं मिल सका है। हालांकि लाश की शिनाख्त मृतक के भाई द्वारा की गई। हरदोई के कासिमपुर गांव निवासी राजेश ने मृतक की शिनाख्त अपने भाई राजबहादुर के रूप में की थी। राजेश ने पुलिस को बताया था कि उसका भाई राजबहादुर राजगीर का काम करता था और यहां सआदतगंज क्षेत्र में कमल किशोर के मकान में किराये पर अपने परिवार के साथ रहता था। राजेश का आरोप है कि उसके भाई को उसके मकान मालिक ने मार डाला है और उसकी लाश के टुकड़े कर यहां फेंक दिया था। एसपी पूर्वी सर्वेंश मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत के बाद उसके शरीर को काटा गया था।

 

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