हिंसा की इजाजत नहीं दे सकती सरकार: सुप्रीम कोर्ट

  • कहा, मॉब लिंचिंग पर सख्त कानून बनाए सरकार
  • 28 अगस्त को होगी मामले में अगली सुनवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। देश में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या यानी मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने संसद से मॉब लिंचिंग के खिलाफ नया और सख्त कानून बनाने को कहा है। आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी नागरिक अपने आप में कानून नहीं बन सकता है। लोकतंत्र में भीड़तंत्र की इजाजत नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को सख्त आदेश दिया कि वो संविधान के मुताबिक काम करें। इतना ही नहीं कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्यों में बढ़ रही इस तरह की घटनाओं के खिलाफ बहरे नहीं हो सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों को शांति बनाए रखने की जरूरत है। इन घटनाओं के लिए निवारक, उपचारात्मक और दंडनीय उपायों को निर्धारित किया गया है। इसलिए केंद्र और राज्यों की जिम्मेदारी बनती है कि वे बहुलवादी पहलू की रक्षा करें। कोर्ट ने राज्य सरकारों को मॉब लिंचिंग रोकने से संबंधित गाइड लाइन को चार हफ्ते में लागू करने का आदेश दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।

अलग अपराध की श्रेणी बनाएं

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा है कि मॉब लिंचिंग को एक अलग अपराध की श्रेणी में रखा जाए। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस गंभीर मुद्दे को लेकर नया कानून बनाने के संबंध में भी जानकारी मांगी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट का ये आदेश ऐसे वक्त में आया है, जब शनिवार को कर्नाटक के बीदर में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बच्चा चोरी की अफवाह के चलते साल 2017 से अब तक पीट-पीट कर मार देने से हुई ये 32वीं हत्या है। वहीं सिर्फ साल 2018 की बात करें तो व्हाट्सएप के जरिए अफवाह फैलने के बाद हुई ये 21वीं हत्या है। इस आंकड़े में गोरक्षा के नाम पर हुई लिंचिंग की घटनाओं को शामिल कर दें तो साल 2015 से अब तक 100 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।

वर्तमान कानून की स्थिति

लिंचिंग के नेचर और मोटिवेशन के सामान्य मर्डर से अलग होने के बावजूद भारत में इसके लिए कोई अलग से कानून मौजूद नहीं है। आईपीसी में लिंचिंग जैसी घटनाओं के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर किसी तरह का जिक्र नहीं है और इन्हें सेक्शन 302 (मर्डर), 307 (अटेम्प्ट ऑफ मर्डर), 323 ( जानबूझकर घायल करना), 147-148 (दंगा-फसाद), 149 (आज्ञा के विरूद्ध इक_े होना) के तहत ही डील किया जाता है। आईपीसी के सेक्शन 223 में भी इस तरह के क्राइम के लिए उपयुक्त कानून के इस्तेमाल की बात कही गई है, साफ-साफ इस क्राइम के बारे में कुछ भी नहीं है।

योगी सरकार ने कर्मचारियों का एचआरए बढ़ाकर किया दोगुना

  • 15 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, एक जुलाई से होगा प्रभावी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में कैबिनेट मीटिंग हुई, जिसमें कुल नौ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रदेश सरकार ने वेतन समिति 2016 के संशोधन प्रस्ताव, कर्मचारियों का एचआरए बढ़ाकर दोगुना करने, नगर प्रतिकर भत्ता दोगुना करने समेत कई फैसले लिए हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कैबिनेट बैठक में वेतन विसंगति समिति 2016 के संशोधन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के तहत कर्मचारियों का एचआरए बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से 15 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। वहीं सरकार पर 2223 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने का अनुमान है। साथ ही एक जुलाई से एचआरए में की गई बढ़ोतरी को प्रभावी करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा नगर प्रतिकर भत्ता बढ़ाया गया है। कानपुर, लखनऊ नोएडा का शहरी क्षेत्र तथा सभी चारों श्रेणियों के शहरों में कर्मचारियों को नगर प्रतिकर भत्ता बढ़ाकर दोगुना किया गया है। इसकी वजह से 175 करोड़ रुपये का भार सरकार पर आने का अनुमान है। वहीं पर्यटन विभाग के वित्तीय वर्ष 2017-18 में उत्तर प्रदेश बजट मैनुअल के प्रस्तर 94 के अंतर्गत विभाग की तरफ से जारी सभी स्वीकृतियों का विवरण प्रस्ताव पास कर दिया गया है। सरकार ने इस बार कर्मचारियों को खुश करने की पूरी कोशिश की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही बदहाल थानों की फोटो

  • मुश्किल हालात में काम करने को मजबूर पुलिसकर्मी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में सुरक्षा व अपराध से जुड़ी कोई भी छिटपुट घटना हो या कोई बड़ी वारदात, हमारी पुलिस ही जिम्मेदार ठहराई जाती है। लेकिन सोशल मीडिया पर पुलिस थानों की बदहाली और मजबूर पुलिसकर्मियों का ऐसा फोटो वायरल हो रहा है, जो पुलिस की बेबसी का दर्द बयां कर रहा है। पुलिसकर्मी किन हालात में रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, ये बताने के लिए वायरल तस्वीरें काफी हैं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर इलाहाबाद जिले के जार्ज टाउन थाने की है। यहां बाढ़ का पानी थाने के भीतर घुस गया है। इसके चलते थाना परिसर में रह रहे पुलिसकर्मियों के आवासों और कमरों में भी घुटनों तक पानी भर गया है। पुलिसकर्मियों का सामान भी पानी की वजह से खराब हो गया है। पुलिसकर्मियों के पास बैठने और सोने तक की व्यवस्था नहीं है। पुलिसकर्मी गंदे पानी में खड़े होकर अपनी वर्दी पहनते दिखाई दे रहे हैं, वहीं कुछ पुलिसकर्मी हाथ में जूते लेकर ड्यूटी के लिए जाते दिखाई दे रहे हैं।

गरीब उपभोक्ता को थमाया 70 लाख का बिजली बिल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मथुरा। सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और लापरवाही किस हद तक एक आदमी के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है इसका जीता जागता उदाहरण मथुरा में लाचार और गरीब तोताराम हैं। बिजली विभाग ने एक कमरे में रहने वाले तोताराम को 70 लाख रुपये मासिक बिल भेजा है। जबकि वह अपने घर में केवल एक पंखा और एक बल्ब ही जलाते हैं। बिजली का बिल मिलने के बाद से तोताराम के होश उड़े हुए हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए तोताराम ने ऊर्जामंत्री को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की है।
तोताराम ने एक कमरे के मकान में प्रकाश की व्यवस्था के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि. से कनेक्शन ले रखा है। तोताराम पुत्र बिस्सु का विद्युत कनेक्शन नंबर 067705 है। इसका भार एक किलोवाट है। 9 जुलाई 2018 को निकाले गए कंप्यूटरीकृत बिल में माह जून 2018 का बिल 70,80,204 आया है। वहीं मई का बिल 22042 आया था, वो भी गलत है। बिल देखकर किसान परेशान है, क्योंकि बिल का भुगतान भी 24 जुलाई तक ही होना है।

एलडीए के 32 सुपरवाइजरों का क्षेत्र बदला

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में आज सुबह 32 सुपरवाइजरों का क्षेत्र परिवर्तन कर दिया गया। शहर में अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। जानकारी के अनुसार प्राधिकरण में लम्बे समय से सुपरवाइजरों का क्षेत्र परिवर्तन नहीं किया गया था। जबकि शासनादेश के अनुसार अवर अभियंताओ का हर तीन माह में क्षेत्र परिवर्तन किया जा रहा था। विभाग में सुपरवाइजरों का क्षेत्र परिवर्तन नहीं होने से अवैध निर्माण पर लगाम नहीं लग पा रही थी। संयुक्त सचिव महेंद्र मिश्र ने बताया कि एलडीए वीसी के निर्देश पर 32 सुपरवाइजरों का क्षेत्र परिवर्तन कर दिया गया है। इन सभी को क्षेत्र परिवर्तन संबंधी आदेश की कॉपी भेज दी गई है।

संदिग्ध हालत में खंभे से लटकता मिला युवक का शव

  • गोसाईगंज थाना क्षेत्र का मामला जांच में जुटी पुलिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में आज सुबह उस समय हडक़ंप मच गया जब एक युवक का शव संदिग्ध हालत में घर के सामने लगे खंभे से लटकता मिला। इस घटना की जानकारी ग्रामीणों ने थाने पर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
जानकारी के अनुसार गोसाईगंज के धनिया पत्ती गांव में रहने वाले सियाराम का बेटा मुकेश खेती किसानी करता था। आज सुबह मुकेश अपने घर से काम के सिलसिले में कहीं जाने के लिए निकला था। इसके कुछ ही देर बाद उसकी लाश खंभे से लटकती मिली। इंस्पेक्टर गोसाईगंज बलवंत शाही का कहना है कि मुकेश शराब पीने का लती था। वह पूरे दिन शराब पीकर घर वालों से झगड़ा करता रहता था। आज सुबह उसने घर के सामने लगे खंभे में गमछे के सहारे फांसी लगा ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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