एसोचैम के पदाधिकारी भी अब करने लगे टेंडर को लेकर ब्लैकमेङ्क्षलग सीएम योगी से की गयी शिकायत

  • एसोचैम के लेटर पैड का किया गया गलत इस्तेमाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एसोचैम के पदाधिकारी अभी तक व्यापार संगठन व व्यापारियों के हितों की बात करते थे। उनके लिए रचनात्मक माहौल बनाते थे, पर ऐसोचैम में पद हासिल करके एसोचैम के कुछ पदाधिकारी अब टेंडर मैनेज करने में जुट गये हैं। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा ने सीएम योगी आदित्यनाथ को खत लिखकर ऐसोचैम के ऐसे ही पदाधिकारी की शिकायत की है जो कृषि विभाग के टेंडर न होने देने के लिए कुछ लोगों के इशारे पर काम कर रहा है। आरोप है कि इसके लिए उन्हें बड़ी धनराशि भी दी गयी है।
मोर्चा ने सीएम को भेजे गये अपने पत्र में लिखा है कि कुछ लोग कृषि विभाग का टेंडर नहीं होने देना चाहते। यह लोग हाईकोर्ट गये और कहा कि टेंडर में बड़ी साइज की मशीन नहीं होनी चाहिए। इनके अनुरोध पर जब यह मशीन हटाकर टेंडर निकाले गये तो इन्होंने फिर यह शिकायत करना शुरू कर दिया कि टेंडर में 28340 साइज की मशीन लगा दी जाये। यह लोग इस टेंडर की शिकायत करने कई जगह गये पर जब इनकी दाल नहीं गली को इन्होंने एसोचैम के एक पदाधिकारी शैलेन्द्र श्रीवास्तव को पकड़ा। आरोप है कि शैलेन्द्र ने एक बड़ी धनराशि यह कहकर ले ली कि वह इस बार भी टेंडर कैंसिल करा देंगे। इसके बाद एसोचैम के लेटर पैड का इस्तेमाल अपने निजी काम के लिए होने लगा। एसोचैम के लेटर पैड पर टेंडर को लेकर फर्जी शिकायतें की गयीं। यही नहीं एक प्रिंटर ने लखनऊ में तैनात एक वरिष्ठ ईमानदार अफसर का नाम लेकर कहना शुरू कर दिया कि वे मेरे परिचित हैं, मैं यह टेंडर कैंसिल करा दूंगा।
मोर्चा ने अपने खत की प्रतिलिपि एसोचैम के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर कहा है कि संगठन का नाम बदनाम करने वाले ऐसे लोगों को तत्काल संगठन से निकाला जाये।

नगर निगम: फाइल रोकी तो नपेंगे जोनल अफसर

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर आयुक्त ने जारी किए निर्देश
गृहकर निर्धारण और नाम परिवर्तन के नाम पर बंद होगी वसूली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम में आम जनता से गृहकर निर्धारण और नाम परिवर्तन के नाम पर धन उगाही बन्द होगी। अब गृहकर निर्धारण और नाम परिवर्तन की फाइलों को तीन दिन से ज्यादा रोकने पर संबंधित जोनल अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके लिए नगर आयुक्त ने सभी जोनल अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश के बाद भ्रष्टाचार में लिप्त उन अफसर-कर्मचारियों में हडक़ंप मचा है जो वसूली के लिए फाइलें रोके रखते थे।
नगर निगम में लम्बे समय से गृहकर निर्धारण और नाम परिवर्तन के नाम पर रिश्वत मांगने के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इस पर नगर आयुक्तइंद्रमणि त्रिपाठी ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। जारी पत्र में कहा गया है कि जोनल स्तर पर कर निर्धारण व नाम परिवर्तन से संबंधित फाइलें बिना वजह रोकी जाती हैं। फाइलों में वार्ता लिख कर रख दिया जाता है। इस मामले पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए हैं कि अगर जोनल अधिकारी स्तर पर तीन दिन से अधिक फाइलें रोकी जाती हैं तो संबंधित जोनल अफसर को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नगर निगम सूत्रों का कहना है कि नगर आयुक्त के पास एक जोनल अफसर की सबसे ज्यादा शिकायत पहुंची हैं, जिसके चलते यह आदेश जारी किया गया है।

मुजफ्फरनगर हाइवे पर बस में लगी आग

  • एसी बस के शीशे तोडक़र सुरक्षित निकाले गये यात्री

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुजफ्फरनगर। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर साहिबाबाद डिपो की चलती बस में आग लग गई। हादसे के कारण बस में सवार करीब 30 यात्री बाल-बाल बच गए। उत्तर प्रदेश राज्य सडक़ परिवहन निगम की जनरथ बस में आग लगने के बाद यात्रियों की चीख पुकार मच गई। किसी तरह शीशे तोडक़र यात्रियों को बाहर निकाला गया। बस पूरी तरह जलकर राख हो गई। क्षेत्रीय प्रबंधक और फोरमैन ने घटनास्थल का जायजा लिया है।
साहिबाबाद डिपो की बस (यूपी-33 ए-टी-2318) सुबह करीब पौने आठ बजे ऋषिकेश से दिल्ली के लिए चली थी। बस में चालक संदीप और परिचालक अनिल चौहान तैनात थे। बस में लगभग 30 यात्री सवार थे। बस जैसे ही मुजफ्फरनगर क्षेत्र में एनएच-58 पर गांव संधावली के निकट पहुंची तो उसके इंजन से धुआं उठने लगा। चालक संदीप ने बस सडक़ किनारे लगा दी और इंजन चेक करने लगा। इतने में ही इंजन से धू-धू कर आग की लपटें निकल पड़ीं। इससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। शीशे तोडक़र यात्रियों को बाहर निकाला गया। बस में आग लगने के कारण हाईवे भी कुछ देर के लिए जाम हो गया। सूचना पाकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारी दमकल की गाडिय़ां लेकर पहुंचे और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बस में सवार यात्रियों का सामान जला है, इसके अलावा कोई जनहानि नहीं हुई है।

ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
उड़ीसा। दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस का आज एक बार फिर सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण उड़ीसा से किया गया है। खास बात है कि इस मिसाइल का परीक्षण खराब मौसम में किया गया। इस संबंध में बताया गया कि खराब मौसम में मिसाइल का परीक्षण युद्ध के दौरान के हालातों को देखते हुए किया गया है।
जानकारी के मुताबिक इस सुपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण आज सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर किया गया। बालासोरी उड़ीसा के चांदीपुर टेस्ट रेंज पैड नंबर 3 से मिसाइल को छोड़ा गया। इसके बाद मिसाइल ने सफलतापूर्वक सही निशाने पर वार किया।

सुप्रीम कोर्ट ने चांद तारे वाले झंडे पर केंद्र से मांगा जवाब

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुसलमानों के एक तबके में प्रचलित चांद-तारे वाले हरे रंग के झंडे पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब तलब किया है। दरअसल यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हरे रंग के चांद तारे वाले झंडे पर रोक लगाने की मांग की है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की बेंच ने वसीम रिजवी की तरफ से पेश वकील से याचिका की एक कॉपी एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को देने के लिए कहा ताकि वह केंद्र की तरफ से जवाब दे सकें।
वसीम रिजवी ने अपनी याचिका में कहा कि इस झंडे का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। यह पाकिस्तान के एक राजनीतिक दल के झंडे जैसा दिखता है। मुंबई और देश में अन्य जगहों पर कई इमारतों और धार्मिक स्थलों पर ये झंडे लगे हैं। इन झंडों के कारण हिंदुओं और मुसलमानों के बीच कथित तौर पर तनाव पैदा हो रहा है। इसलिए इस झंडे पर रोक लगनी चाहिए।

स्थानांतरण नीति के खिलाफ कर्मचारियों का आमरण अनशन

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। स्थानांतरण नीति वर्ष 2018-2019 का पालन नहीं किए जाने से नाराज होकर यूपी वाणिज्यकर पदोन्नति मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन संघ के प्रदेश अध्यक्ष केडी जोशी ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 वाणिज्य कर लखनऊ जोन प्रथम एवं द्वितीय लखनऊ से कई चक्र की वार्ता हुई लेकिन अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण समाधान नहीं हो सका है। इस आंदोलन को उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने भी समर्थन दिया गया है, जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी शामिल हैं।
केडी जोशी के मुताबिक वर्ष 2018-19 की स्थानांतरण नीति का पूर्णतया पालन न करने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। एक ही पटल पर 18 वर्षों से जमे चाटुकार कर्मचारियों को बचाने के लिए कुछ अधिकारी अपने स्थानांतरण नीति को तोड़ मरोडक़र दुरुपयोग करने में जुटे हैं। इसलिए संगठन ने स्थानांतरण नीति में की जा रही धांधली पर रोक लगाने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन मांग पूरा होने तक जारी रहेगा।

डेढ़ माह बाद भी खोजे नहीं मिले कातिल

  • खेत में हमलावरों ने धारदार हथियार से की थी हत्या

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में हुयी सचिवालयकर्मी की हत्या का राज खुलने का नाम नहीं ले रहा है। डेढ़ माह बाद भी पुलिस कातिलों का सुराग नहीं लगा पाई है। फिलहाल पुलिस मामले का जल्द खुलासा करने का दावा कर रही है।
गोसाईगंज के सेमना गांव के रहने वाले राजकुमार रावत सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मी थे। वह अपने गांव में खेती किसानी भी करते थे। 29 मई की रात को वह अपने नौकर गुड्डू के साथ खेत पर गये थे। उसी समय किसी ने उनकी धारदार हथियार से हत्या कर दी। जिस समय हमलावर उस पर वार कर रहे थे उसी समय उनका नौकर गुड्डू उसे बचााने के लिए दौड़ा तो हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह लहूलुहान कर दिया था। इस घटना की सूचना पर पुलिस ने छानबीन की तो पूरा मामला परिवार के बीच का निकला। पुलिस को छानबीन में पता चला कि मृतक राजकुमार के पिता ने दो शादियां की थी। एक मां से राजकुमार था जबकि दूसरी से चार लड़कियां थी। पुलिस के अनुसार राजकुमार की सौतेली बहने उससे जमीन में हिस्सा मांग रही थी और इसके लिए उन्होने कोर्ट केस भी कर रखा था। इस संबंध में इंस्पेक्टर गोसाईगंज बलवंत शाही ने बताया कि राजकुमार रावत की मौत के मामले में उसके नौकर गुड्डू से सम्पर्क किया जा रहा है। छानबीन की जा रही है। जल्द ही खुलासा होगा।

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