मिशन 2019 पर बसपा का मंथन गठबंधन पर बड़ा फैसला ले सकती हैं मायावती

  • राजधानी में जोन स्तरीय कार्यकर्ताओं का सम्मेलन किया गया आयोजित
  • पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश, क्षेत्र में तेजी से सक्रिय होने को कहा
  • पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद बसपा प्रमुख कर सकती हैं बड़ा ऐलान
  • लोकसभा के साथ 2022 के विधानसभा चुनाव पर भी है मायावती की नजर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा ने मिशन 2019 के लिए कमर कस ली है। बसपा प्रमुख मायावती ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठïान में आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए आज कार्यकर्ताओं का सम्मेलन बुलाया है। माना जा रहा है कि बैठक में अन्य दलों के साथ गठबंधन समेत कई अहम फैसले लिए जाएंगे।
जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सभी दल चुनाव को लेकर रणनीति तैयार करने में जुट गये हैं। उत्तर प्रदेश के बड़े दलों में शुमार बसपा ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा और मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए बसपा ने मंथन शुरू कर दिया है। इसके मद्देनजर बसपा ने जोन स्तरीय कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया है। इस सम्मेलन में न केवल जनाधार को मजबूत करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया बल्कि पार्टी के तैयारियों की समीक्षा भी की गई। सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों ने आगामी चुनावों को देखते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरा। साथ ही अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह सक्रिय होने के निर्देश दिए। पदाधिकारियों ने लोगों के बीच सत्तारुढ़ भाजपा सरकार की गलत नीतियों की जानकारी देने की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं को सौंपी है। इस जोन स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में लखनऊ और कानपुर मंडल के सभी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन को बसपा प्रदेश अध्यक्ष आर एस कुशवाहा ने संबोधित किया। इस दौरान नेशनल कोऑर्डिनेटर वीर सिंह और जय प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे। इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती अपने पदाधिकारियों के साथ बड़ी बैठक करेंगी। जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बसपा प्रमुख सपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन के साथ पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा कर सकती हैं। गठबंधन पर फैसला 2022 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी किया जा सकता है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के साथ पक रही गठबंधन की खिचड़ी
मध्य प्रदेश में बसपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की खिचड़ी पक रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से गठबंधन को लेकर मिली हरी झंडी के बाद कमलनाथ ने बसपा सुप्रीमो मायावती से मिलकर सीटों के बंटवारे पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि बसपा विंध्य, बुंदेलखंड, चंबल में अपने प्रभाव वाली सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। मध्य प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रभाव है। साल 2013 के चुनाव में बसपा के खाते में चार सीटें गई थी। इसमें 62 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां बसपा को दस हजार और 17 सीटों पर तीस हजार वोट मिले थे। मध्य प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा को 6.29 फीसदी वोट मिले थे और पार्टी ने कुल चार सीटें जीती थीं। वहीं, भाजपा को 44.88 फीसदी वोट, कांग्रेस को 36.38 फीसदी वोट मिले थे। चुनाव में राज्य की 230 विधानसभा सीटों में भाजपा ने 165 व कांग्रेस ने 58 सीटें जीती थीं।

भाजपा कितने भी फीते काट ले सडक़ हमारी ही रहेगी: अखिलेश यादव

  • सपा-बसपा गठबंधन से प्रधानमंत्री के बदल गए हाव-भाव
  • सपा सरकार बनने पर बलिया को भी जोड़ेंगे

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के उद्घाटन को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कितने भी फीते काट ले, लोकार्पण कर ले, लेकिन सडक़ हमारी ही रहेगी। भाजपा ने पूर्वांचल एक्सप्रेस से बलिया को काटा है लेकिन हमारी सरकार आई तो हम बलिया को भी एक्सप्रेस वे से जोड़ेंगे। सपा-बसपा गठबंधन के बाद से पीएम के हाव-भाव बदल गए हैं।
अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित मीटिंग के दौरान कहा कि समाजवादी सबका विकास करते हैं। इसीलिए वे साइकिल चलाते हैं। देश की जनता आज भी 15 लाख रुपये खाते में आने का इंतजार कर रही है। भाजपाई झूठ बोलने में माहिर हैं, वे विश्वास के साथ झूठ बोलते हैं।

बीआरडी कॉलेज को केंद्र देना चाहता था सुविधाएं पर पिछली सरकारों ने नहीं लीं: योगी

  • मुख्यमंत्री ने 75 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
  • इंसेफेलाइटिस के लिए गांव-गांव जाकर चलाया जाएगा अभियान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। आज गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य सुविधा और सेवा से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही यहां कई सुविधा देना चाहती थी लेकिन पिछली सरकारों ने इन सुविधाओं को इसलिए नहीं लिया कि इसका श्रेय पीएम मोदी को न मिल जाय।
मुख्यमंत्री ने 75 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कहा कि पिछली सरकारों ने इसमें भी कई अड़चनें खड़ी कीं। कहीं जमीन संबंधी विवाद थे तो कहीं जमीन पर मेडिकल कॉलेज बन ही नहीं सकता था, लेकिन मैं चिकित्सा शिक्षा विभाग को धन्यवाद देता हूं कि उसने एक साल में सभी विवाद समाप्त करके काम शुरू कर दिया। इंसेफेलाइटिस के लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जायेगा।

 

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