रंग दिखाने लगी संस्थागत प्रसव योजना यूपी में गिरा मौतों का आंकड़ा

  • मातृ मृत्यु दर में 30 प्रतिशत की गिरावट
  • जननी सुरक्षा योजना ने भी दिखाया असर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की सरकार की योजना अब रंग दिखाने लगी है। इस योजना के चलते उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट आई है। यहां मातृ मृत्यु दर में करीब 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर मातृ मृत्यु दर में करीब 22 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में प्रसव बढऩे से मातृ मृत्यु दर के आंकड़ों में कमी आई है।
मातृ-मृत्यु दर के आंकड़ों में कमी लाने के लिए सरकार ने बीते आठ सालों के दौरान तमाम अहम कदम उठाए गए हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन के तहत योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अस्पतालों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ देने का प्रावधान है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों की प्रसूताओं को 1000 और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रसूताओं को 1400 रुपये देने का प्रावधान है। गर्भावस्था के दौरान सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का प्रावधान है। ऑपरेशन से प्रसव भी मुफ्त हो रहे हैं। दवाएं आदि भी निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर घर से अस्पताल लाने की मुफ्त सुविधा है। वहीं प्रसव के बाद अस्पताल से घर छोडऩे की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में 30 प्रतिशत की कमी आई है। दूसरी ओर देश में मातृ मृत्यु दर में 22 फीसदी कमी दर्ज की गयी है। भारत का मातृ मृत्यु दर 1990 में 100000 में 556 थी जो कि घटकर एक लाख में 130 हो गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलने के कारण स्थितियों में सुधार आ रहा है। यूनिसेफ के सर्वेक्षण में 62,96,101 गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया, जिनमें से 556 की मौत हुई थी। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग और सरकार की कोशिशों के चलते प्रदेश में मातृ शिशु मृत्यु दर में तेजी से गिरावट आई है। चिकित्सकों को कहना है कि इन आंकड़ों को और भी कम किया जा सकता है। योजनाओं के लाभ के लिए स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है। आने वाले दिनों में इसका फायदा दिखेगा।

संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलने से मातृ मृत्यु दर में काफी कमी आई है। देश में इस तरह की मौतों में 22 फीसदी और यूपी में करीब तीस फीसदी की कमी आई है।
सोनिया सरकार, एडवोकेसी एंड कम्युनिकेशन ऑफिसर, यूनीसेफ

संस्थागत प्रसव में वृद्धि होने के कारण महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। इससे मातृ मृत्यु दर में लगातार कमी आ रही है।
डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ

 

Pin It