अमीर-गरीब की सोच बदलने में जुटी सरकार: पीएम मोदी

  • अटकी परियोजनाओं को खंगालकर किया जा रहा पूरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वांचल दौरे के दूसरे दिन मिर्जापुर में लगभग 3500 करोड़ रुपये की लागत वाली बाणसागर परियोजना का लोकार्पण कर राष्ट्र को समर्पित किया। साथ ही कई अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद हमारी सरकार ने जब अटकी-लटकी-भटकी हुई योजनाओं को खंगालना शुरू किया तो उसमें इस प्रोजेक्ट का भी नाम आया। इसके बाद बाणसागर परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जोड़ा गया और इसे पूरा करने के लिए सारी ऊर्जा लगा दी गई। हमारी सरकार ने अमीर-गरीब की सोच को बदलने का काम किया है, जिसकी वजह से ‘सबका साथ सबका विकास’ का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब को दवाई, किसान को सिंचाई, बच्चों को पढ़ाई और युवाओं को कमाई जहां सुनिश्चित होगी, जहां सुविधाएं अपार होंगी और व्यवस्था ईमानदार होगी, ऐसे न्यू इंडिया के संकल्प को सिद्ध करने में हम जुटे हैं। मोदी ने कहा कि पिछली बार जब मैं सोलर प्लांट का उद्घाटन करने यहां आया था तो मेरे साथ फ्रांस के राष्ट्रपति भी थे। उस समय हम दोनों का स्वागत माता की तस्वीर और चुनरी के साथ किया गया। इससे राष्ट्रपति मैक्रों बहुत खुश थे। जब मैंने उनको मां की महिमा के बारे में बताया तो वे काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने कहा कि पिछले 2 दिनों में विकास की अनेक योजनाओं को पूर्वांचल की जनता को समर्पित करने या फिर नए काम शुरु करने का अवसर मुझे मिला है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए पीएम ने कहा कि हमारे लिए खुशी की बात है कि बीते 2 वर्षों में भारत में 5 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं। इसमें सरकार की योजनाओं का भी बड़ा प्रभाव है, जो गरीबों का खर्च कम कर रही हैं। निश्चितता का यही भाव, उन्हें नए अवसर भी दे रहा है।

किसानों व गरीबों के नाम पर घडिय़ाली आंसू बहा रहा विपक्ष

प्रधानमंत्री ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आजकल किसानों के लिए घडिय़ाली आंसू बहाते हैं, उनसे आपको पूछना चाहिए कि आखिर क्यों उन्हें अपने शासन काल में देश भर में फैली इस तरह की अधूरी सिंचाई परियोजनाएं नहीं दिखाई दीं? क्यों ऐसे कार्यों को अधूरा ही छोड़ दिया गया? मोदी ने कहा कि बाणसागर परियोजना उस अपूर्ण सोच, सीमित इच्छाशक्ति का भी उदाहरण है जिसकी एक बहुत बड़ी कीमत आप सभी को चुकानी पड़ी है। देश को भी आर्थिक रूप से नुकसान सहना पड़ा। लगभग 300 करोड़ के बजट से शुरु हुई ये परियोजना लगभग 3,500 करोड़ रुपए लगाने के बाद पूरी हुई है।

 

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