पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर अखिलेश ने बोला बड़ा हमला, कहा गोरखपुर और बनारस तक को काट दिया एक्सप्रेस वे से

  • एक्सप्रेस वे के आठ लेन को घटाकर कर दिया 6 लेन सडक़ की लंबाई भी दो किमी घटाई
  • बजट कम करने के लिए नहीं की गईं कई जरूरी व्यवस्थाएं
  • सपा सरकार के कामों का शिलान्यास कर रहे हैं पीएम


4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा और योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह खराब हो चुकी है। यहां की जनता कभी इतनी भयभीत नहीं रही जितनी आज है। सपा ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे को पूर्वांचल से जोडऩे के लिये पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की बुनियाद रखी थी। इस एक्सप्रेस वे का खाका तैयार किया गया था लेकिन सडक़ की लंबाई दो किमी कम कर दी गई। 348 किमी सडक़ को 346 किमी कर दिया गया। यही नहीं गोरखपुर और बनारस तक को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से काट दिया गया।
उन्होंने कहा कि आठ 8 लेन की सडक़ को 6 लेन का कर दिया गया। लाइटिंग काट दी गई। स्वच्छ भारत की बात करने वाले लोगों ने एक्सप्रेस वे पर शौचालय तक की व्यवस्था नहीं की । बजट कम करने के चक्कर में एक्सप्रेस वे पर कई व्यवस्थाएं ही नहीं हैं। अखिलेश ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के शिलान्यास की खुशी है लेकिन ये लोग शिलान्यास का शिलान्यास कर रहे हैं। सैमसंग के प्रोजेक्ट का शिलान्यास सपा सरकार में हो चुका था उसे पीएम ने दोबारा किया। दक्षिण कोरिया के राष्टï्रपति के साथ जिस मेट्रो में बैठकर पीएम गए वह भी सपा सरकार की देन है। पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस, राम की नगरी अयोध्या और गोरखपुर को इस एक्सप्रेस से काट दिया गया और पीएम को पता ही नहीं है । आजमगढ़ के लोग जानते है किसे चुनना है। राममन्दिर के निर्माण के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि सडक़, मंडी और नौकरी ज्यादा बड़ी पूजा है । पीएम और सीएम के पास अपना काम गिनाने को नहीं है। वह हमारा काम गिना रहे हैं। राज्यपाल कानून व्यवस्था पर इसलिए कुछ नहीं कह रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है।

पिछली सरकार ने बिना बजट किया शिलान्यास : दिनेश शर्मा

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के शिलान्यास को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने अंतिम 6 महीने में बिना बजट के शिलान्यास किये। दूसरी सरकार जब इस काम को पूरा कर रही है तो वे कहते हैं, यह मेरा था। भाजपा सरकार कार्यकाल के दूसरे दिन से काम कर रही है। बुन्देलखण्ड का समग्र विकास करेंगे। यूपी नई ऊंचाई छू रहा है।

आजमगढ़ से यूपी को मथने की तैयारी

भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर भी यूपी पर है। प्रधानमंत्री भारतीय राजनीति में पूर्वांचल का महत्व समझते हुए 2019 के चुनाव में हर युक्ति का उपयोग करना चाहते हैं। वे जीत को सिर्फ सुनिश्चित ही नहीं बल्कि जीत के अंतर को बढ़ाने की कोशिश में हैं। मोदी आज आजमगढ़ में करोड़ों की सौगात देंगे। वे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे। इसके बाद पीएम वाराणसी प्रस्थान करेंगे। दरअसल, भाजपा यूपी में प्रधानमंत्री की अधिक से अधिक रैलियां आयोजित करना चाहती है ताकि गठबंधन का मुकाबला किया जा सके। भाजपा की इसी योजना के तहत यूपी को मथने की तैयारी है।

नौकरशाही में बड़े बदलाव के संकेतों के साथ संजय प्रसाद को वापस बुलाया योगी सरकार ने

  • भारत सरकार को भेजा गया पत्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अब यूपी सरकार नौकरशाही में बड़ा बदलाव करना चाहती है। चीफ सेक्रेटरी बनने के बाद अनूप चंद्र पांडेय ने अपनी टीम बनानी शुरू कर दी है ताकि कम समय में अच्छा रिजल्ट दिया जा सके। केन्द्र में तैनात अच्छे अफसरों को वापस बुलाया जा रहा है। 1995 बैच के तेजतर्रार आईएएस संजय प्रसाद को वापस बुलाने के लिये भारत सरकार को खत भेजा गया है। कुछ और नौकरशाह भी वापस बुलाये जा रहे हैं।
दरअसल, पिछले डेढ़ सालों में अफसरों की कार्यशैली से सीएम संतुष्ट नहीं हैं। जिन अफसरों पर उन्होंने बहुत भरोसा किया वह कुछ खास नतीजे नहीं दे पाये। इसीलिये अब लोकसभा चुनाव से पहले वह ऐसे नौकरशाहों की टीम बनाना चाहते हंै जो अच्छे रिजल्ट दे सकें। चीफ सेक्रेटरी को अपने मन की टीम चुनने की आजादी दे दी गयी है। यूपी के वे अफसर भी अब मुख्यधारा में वापस दिखायी देंगे जिनके काम तो सबसे शानदार थे पर उन्हें राजनैतिक कारणों से पीछे कर दिया गया था। इस टीम को बेहतर बनाने की शुरूआत के लिये ही संजय प्रसाद को वापस बुलाने का खत भारत सरकार को भेजा गया है। संजय प्रसाद इस समय रक्षा मंत्रालय मे ज्वाइंट सेक्रेटरी हैं। लखीमपुर, फैजाबाद में उनके काम की सराहना आज भी होती है। संजय प्रसाद आगरा, इलाहाबाद, फैजाबाद, बहराइच समेत कई जिलों में डीएम रह चुके हैं। इसके अलावा वह फैजाबाद में कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संजय प्रसाद होम, हेल्थ और पावर समेत कई विभागों के सेके्रटरी रह चुके हैं। माना जा रहा है संजय प्रसाद को प्रमुख जिम्मेदारी दी जायेगी।

अब कांग्रेसी भजेंगे राम-राम

  • केरल में रामधुन का दूर तक पहुंचेगा असर
  • रामायण माह के तहत होंगे कई कार्यक्रम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
तिरुअनंतपुरम। गुजरात चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मंदिर दौरे के बाद अब केरल में पार्टी रामधुन के भरोसे लोकसभा चुनाव में अधिक सीटे पाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस और वाम दल दोनों ही रामायण माह के तहत कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सांस्कृतिक शाखा विचार विभाग ने रामायण परायण और सेमिनारों सहित कई कार्यक्रमों के आयोजन की घोषणा की। मलयालम कैलेंडर के आखिरी महीने को केरल में हिंदू समुदाय रामायण माह के तौर पर मनाता है। इस साल यह 17 जुलाई से शुरू हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, रामायण हमारा है, यह समाज की अच्छाई है, के बैनर तले एक महीने लंबे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला 17 जुलाई को कार्यक्रमों का उद्घाटन करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर व्याख्यान देंगे। वहीं माकपा के राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने कहा था कि रामायण माह मनाने की पार्टी की कोई योजना नहीं है। कांग्रेस नेता चेन्नीथला ने कहा कि विभिन्न धर्मों के उत्सवों को मनाने की कांग्रेस की परंपरा रही है।

Pin It