पिस्टल, कारतूसों का जखीरा, मोबाइल सब था मौजूद जेल में, दस गोली मारकर बजरंगी की फोटो खींच आका को भेजे हत्यारों ने

  • काफी पहले माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या की बनायी गई थी योजना
  • पत्नी सीमा सिंह ने घटना के दस दिन पहले जताई थी हत्या की आशंका
  • सफेदपोशों से भी जुड़े हो सकते हैं हत्याकांड के तार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुन्ना बजरंगी मर गया है, यह सूचना अपने आका तक पहुंचाने के लिये बागपत जेल में पूरी तैयारी की गयी थी। पिस्टल, कारतूसों का जखीरा और बढिय़ा मोबाइल सब जेल में मौजूद था। हत्यारों ने सिर से सटाकर दस गोलियां मारी और फिर आराम से मुन्ना बजरंगी की फोटो खींचकर अपने आका को भेजकर आश्वस्त किया कि डॉन मर चुका है। साफ है कि कुछ बड़े सफेदपोश लोगों ने काफी समय पहले से यह योजना बना ली थी कि मुन्ना को बागपत जेल लाया जायेगा और फिर यहां उसकी हत्या की जायेगी। मुन्ना के दुश्मन बाहुबली की पिछले एक महीने में हमलावर सुनील राठी से दो मुलाकात इस साजिश की पुष्टि कर रही है। एक ओर ख़ूंखार अपराधी डॉन मुन्ना की हत्या की रणनीति बनाने में जुटे थे तो दूसरी ओर लखनऊ के कुछ बड़े राजनेता और एसटीएफ के अफसर इस योजना को सफल बनाने की तैयारी कर रहे थे। हिंदी फिल्मों की तरह उस डॉन को साजिश करके मार दिया गया जिसकी एके 47 ने कई लोगों की जान लेकर पूरे देश में आतंक पैदा कर दिया था।
बागपत जेल में नौ जुलाई को मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सुनील राठी ने 10 गोलियां चलाई थीं। जिनमें से उसे 9 गोलियां लगीं। सभी 9 गोलियां उसके सिर और सीने पर सटा कर मारी गई थीं। हत्यारों ने इसके बाद मुन्ना बजरंगी की तस्वीरें खींची और उसे अपने आका के पास भेज दिया। साफ है कि माफिया डॉन की हत्या की पूरी पटकथा लिखी जा चुकी थी और बस मुन्ना बजरंगी के जेल पहुंचने का इंतजार किया जा रहा था। इन तस्वीरों ने बागपत जेल में फैली अराजकता की पोल खोल दी है। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने दस दिन पहले ही माफिया डॉन की हत्या की आशंका जताई थी। साथ ही इस मामले में एक एसटीएफ अफसर और अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया था। मुन्ना बजरंगी माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के करीबी था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये तस्वीरें किसके पास और क्यों भेजी गईं। मुन्ना को जेल के भीतर ले जाने और हत्या के बाद की घटनाएं साबित करती हैं कि इस पर पूरा होमवर्क करके राठी को हथियार बनाया गया लेकिन, इसके पीछे कौन है, यह रहस्य के घेरे में है। वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या मामले की सीबीआई से जांच कराने की याचिका खारिज कर दी है। माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी ने 16 मई को सुरक्षा की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी।

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने हत्यारे सुनील राठी को बताया भगवान

बैैरिया विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने मुन्ना बजरंगी की हत्या पर विवादित बयान दिया है। विधायक सुरेंद्र सिंह ने हत्याकांड पर खुशी जताते हुए कहा कि ‘मुन्ना बजरंगी मारा गया इसे ईश्वरीय व्यवस्था ही मानिए। संविधान (कानून) भले ही थोड़ा देर लगाए हुए था लेकिन ईश्वर ने ऐसा करने के लिए किसी को (सुनील राठी) प्रेरित कर दिया। इस घटना से यह प्रमाणित हो गया कि जो जैसा करेगा उसको उसका फल भी भुगतना पड़ेगा। सृष्टि का संचालन करने वाला अपने हिसाब से सृष्टि चलाता है। वह (सृष्टि संचालक) जिसको दंड दिलवाना चाहता है, जिस तरीके से दिलवाना चाहता है, वह दंड दिलवाता है।’

 

रिलायंस जियो पर लगाया 66 लाख का जुर्माना

  • रोक दिया गया रिलायंस जियो के द्वारा कराया जा रहा भूमिगत केबल डालने का कार्य
  • रिलायंस जियो के कब्जे से खाली कराए जाएंगे पार्क

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर में रिलायंस जियो द्वारा अनुमति से ज्यादा रोड कटिंग और पार्कों पर कब्जे की खबर जैसे ही 4पीएम में छपी तो नगर निगम में हडक़ंप मच गया। नगर निगम जोन-चार के प्रभारी अधिशासी अभियंता डीएस त्रिपाठी ने आनन-फानन में मंगलवार देर शाम रिलांयस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड को 66,15,326 रुपये जुर्माना लगा दिया। यह जुर्माना एक नहीं बल्कि कई जगह अनुमति से ज्यादा खोदी गई सडक़ों के कारण लगाया गया। वहीं, नगर आयुक्त ने पार्कों को रिलायंस जियो के कब्जे से मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम के जोन-चार के गोमती नगर स्थित विराम खंड और विकास खंड रिलायंस जियो द्वारा रोड कटिंग की जा रही थी। कई शिकायतों के बाद भी नगर निगम की ओर से कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही थी। यही नहीं नगर आयुक्त के निर्देश के बाद भी कम्पनी को जुर्माने का नोटिस जारी नहीं किया गया था। इसके अलावा जोन-दो में राजाजीपुरम स्थित सेन्ट जेम्स स्कूल के सामने नगर निगम पार्क को रिलायंस जियो ने गोदाम बना रखा था। इन दोनों मुद्दों को लेकर संयुक्त रूप से मंगलवार को 4पीएम ने रिलायंस जियो पर नगर निगम मेहरबान, धड़ल्ले से शहर में हो रही रोड कटिंग और पार्क बने गोदाम, शीर्षक से इस खबर को प्रमुखता से छापी थी। खबर छापते ही नगर निगम के अभियंता हरकत में आ गए। इस क्रम में रिलायंस जियो पर 66 लाख का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न जमा करने पर रिलायंस जियो की बैंक गारंटी जब्त कर ली जाएगी।

रोड कटिंग को लेकर रिलायंस जियो पर जुर्माना लगा दिया गया है। इसके अलावा जिन पार्कों पर कब्जा किया गया है उनसे कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है। आदेशों का पालन न करने वाले अभियंताओं पर सख्त कार्रवाई होगी।
-इन्द्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त

 

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