बढ़ती जनसंख्या हमारे विकास के लिए चुनौती: योगी

  • मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व बढऩे पर जताई चिंता
  • कहा, हम हर साल बना सकते हैं एक नया आस्ट्रेलिया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विश्व जनसंख्या दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास से जन जागरूकता रैली व जनसंख्या नियंत्रण पखवाड़े का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग जानते हैं कि भारत जैसे देश में जनसंख्या वृद्धि दर इतनी ज्यादा है कि हम हर साल ऑस्ट्रेलिया के बराबर जनसंख्या ला देते हैं। भारत की जनसंख्या हमारे विकास के लिए भी एक चुनौती है। प्रदेश के आम नागरिकों के लिए प्रदान की जाने वाली सुविधाओं में एक असंतुलन दिखता है। नगरीय इलाकों में शासन ने जो सुविधाएं उपलब्ध कराईं उसका कई लोग प्रयोग करते हैं। शासन की ओर से आने वाले समय में बढऩे वाली जनसंख्या का आंकलन नहीं किया जाता है, जिससे पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता से जुड़ी सुविधाएं बेहतर नहीं हो पाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें बिना भेदभाव के जनसंख्या के स्थिरीकरण की ओर बढऩा होगा। जनता को जागरूक करने के मकसद से आज जो रैली निकाली जा रही है, वह जन जागरण की दिशा में एक अच्छी शुरुआत है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहे जनसंख्या घनत्व पर चिंता जताई। साथ ही जनता की समस्याओं की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कोई भी नगरीय क्षेत्र ऐसा नहीं है जो दावा कर सके कि हम अपने सभी नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। योगी ने कहा कि जनसंख्या में बढ़ोतरी को किसी जाति और किसी मजहब की नजर से न देख कर हमें राष्ट्रीय हित देखना होगा। इसलिए हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां हर व्यक्ति स्वावलम्बन की ओर बढ़ सके। इस कार्यक्रम में मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, रीता बहुगुणा जोशी, नंद गोपाल नंदी, महेंद्र सिंह, स्वाति सिंह समेत शहर के कई स्कूलों के शिक्षक और स्टूडेंट्स मौजूद रहे।

विदेश यात्रा से लौटे अखिलेश, चुनावी रणनीति पर काम शुरू

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने बसपा के साथ मिलकर तैयारी शुरू कर दी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने विदेश दौरे से लौट आये हैं। वह नये जोश के साथ चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। बसपा से गठबंधन में सपा जूनियर पार्टनर बनने के लिए तैयार है।
अखिलेश के लिए 2019 का लोकसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि रिजल्ट जो भी आयेगा उसकी सफलता और असफलता का सारा श्रेय उन्हीं के नाम होगा। लोकसभा चुनावों के लिए अखिलेश यादव अब पार्टी को मजबूत करने में जुट गए हैं। बसपा के साथ गठबंधन में जाने से पहले अपने संगठन को दिशा निर्देश दे रहे हैं। इसके अलावा पार्टी नेतृत्व उनकी चुनावी रैलियां कराने के लिए होमवर्क कर रहा है। लोकसभाचुनाव के मद्देनजर अखिलेश के सामने नयी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। जूनियर पार्टनर की भूमिका स्वीकारने के बाद चुनावों में उसी हैसियत में बसपा संग रहना, बसपा व दूसरे सहयोगी दलों की सीटों पर सपा कार्यकर्ताओं को जंग के लिए तैयार करना और टिकट कटने से नाराज लोगों को भाजपा में जाने से रोकना अखिलेश यादव के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण सडक़ हादसा

  • आठ श्रद्धालुओं की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कन्नौज जिले के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर आज सुबह भीषण सडक़ हादसा हुआ, जिसमें आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गये। ये सब सीतापुर स्थित नैमिषारण्य धाम का दर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। हादसे में मरने वाले सभी लोग राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। यह हादसा ड्राइवर को नींद आने की वजह से हुआ बताया जा रहा है।
राजस्थान के अलवर जिले के बानपुर थाना क्षेत्र के बानपुर गांव निवासी राजीव अपने परिवार के साथ यूपी के सीतापुर जिले में स्थित नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। परिवार में कोई मनौती पूरी होने पर पूरा परिवार एक साथ निकला था। कन्नौज में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बोलेरो चालक को झपकी आ गई। इस वजह से तेज रफ्तार बोलेरो आगे खड़े कंटेनर में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गये। गाड़ी में सवार सभी श्रद्धालु सडक़ पर आ गिरे। हादसे में राजीव सहित परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे की सूचना पर डीएम कन्नौज रवीन्द्र कुमार मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन ने अलवर प्रशासन और हादसे का शिकार हुए लोगों के परिजनों को सूचना दे दी है।

आईएफएस अधिकारी एके जैन की मौत

लखनऊ। आईएफएस अधिकारी एके जैन की आज सुबह शाहजहांपुर में सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई। वह लखनऊ से बरेली जा रहे थे। शाहजहांपुर में हाईवे पर स्वागत ढाबा के सामने सुबह करीब छह बजे उनकी कार एक ट्रक से टकराने के बाद डिवाइडर से जा भिड़ी। इस दुर्घटना में एके जैन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके अर्दली और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गये हैं। उन्हें डॉ. कनौजिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एके जैन वर्तमान में वन विभाग में अपर प्रधान वन संरक्षक के तौर पर लखनऊ में कार्यरत थे। इसके अलावा वह भारत-जापान के सहयोग से चलाए जा रहे प्रोजेक्ट ‘जायका’ के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर भी थे। उनका परिवार आगरा में रहता है।

लोस चुनाव लडऩे की तैयारी में माया

  • बसपा सुप्रीमो तलाश रहीं सेफ सीट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती लोकसभा चुनाव लडऩे की तैयारी कर रही हैं। वह अपने लिए सेफ सीट तलाशने में अभी से जुट गई हैं। इतना ही नहीं मायावती ने साफ संकेत दे दिया है कि उनकी पार्टी आगामी 2019 के आम चुनावों में सपा के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर सख्त समझौता करेगी। इसके अलावा ज्यादा सीटों को घेरने के लिए भी बसपा न रणनीति बनाकर काम करना शुरू कर दिया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती खुद को अखिलेश यादव से ज्यादा अनुभवी और वरिष्ठ मानती हैं। इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता लेकिन जब मामला पीएम की कुर्सी हासिल करने का हो तो भला वह कैसे चूक कर सकती हैं। इसी के मद्देनजर मायावती ने कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पहुंच बनाने और खुद को महागठबंधन में पीएम पद का मजबूत दावेदार साबित करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। माया वर्तमान में किसी सदन की सदस्य नहीं हैं। सूत्रों की मानें तो वह अंबेडकर नगर या बिजनौर से चुनाव लड़ सकती हैं।

‘जेल और यातनागृह बन गया लखनऊ विश्वविद्यालय’

  • पूर्व पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल पर भी साधा निशाना

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में विश्वविद्यालय को जेल और यातनागृह की संज्ञा दी। विवि के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अतुल कुमार अनजान ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ का नामचीन विश्वविद्यालय बदनाम हो रहा है। शिक्षा का मंदिर जेल और यातनागृह में तब्दील किया जा रहा है। ऐसा कुछ ही महीनों से हो रहा है, जो बहुत ही गंभीर मुद्दा है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री और राज्यपाल लविवि की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान बीते दिनों लविवि में हुए शिक्षकों और छात्रों के बीच के बवाल पर चर्चा हुई। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अरविंद सिंह गोप ने कहा कि मुझे ये देख कर अजीब लग रहा है कि अब छात्रों को एडमिशन के लिए और अपना हक पाने के लिए भी हाथ फैलाने पड़ रहे हैं। जिस विवि की छवि बेहतर करने और स्टूडेंट्स को उनका हक दिलाने के लिए हमने संघर्ष किया उसे कबूतरखाना बना दिया गया। विश्वविद्यालय में हो रही घटनाएं माहौल खराब कर रही हैं। हम हिंसा का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन संवाद के नाम पर अराजकता बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। वहीं पूर्व छात्र संघ नेता सत्यदेव त्रिपाठी ने कहा कि जो छात्र मेरिट पर हैं, उनका एडमिशन किया जाए, उन्हें रोका न जाये।

 

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