संस्कृति हत्याकांड में पुलिस का सुस्त रवैया नार्को टेस्ट के लिए अब डॉक्टर से समय मिलने का इंतजार कर रही पुलिस

  • कोर्ट से पहले भी मिल चुकी है अनुमति, पॉलीटेक्निक के सेकेंड ईयर की थी छात्रा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी पुलिस के सुस्त रवैये के चलते गाजीपुर क्षेत्र से गुम हुयी पॉलीटेक्निक छात्रा के हत्या की गुत्थी नहीं सुलझ रही है। इस घटना को घटे बीस दिन हो गये है और आज तक पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच के लिये तीन संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने के लिये कोर्ट की अनुमति ली गयी है। अभी डॉक्टर से समय नहीं मिल सका है। समय मिलने के बाद आरोपियों का टेस्ट कराया जायेगा। इसके बाद भी कोई निष्कर्ष निकलेगा।
बलिया जनपद निवासी उमेश राय वकालत करते हंै। इनकी बेटी संस्कृति लखनऊ में पॉलीटेक्निक की पढ़ायी कर रही थी। वह सेकेंड ईयर की छात्रा थी। 21 जून को संस्कृति के पेपर खत्म हुये थे और वह गांव जाने वाली थी। इसकी सूचना उसने अपने परिवार को दे दी थी। मगर वह अपने गांव नहीं पहुंची। परिजनों ने विकासनगर निवासी अपने रिश्तेदार को उसका पता करने के लिये भेजा। संस्कृति लहूलुहान हालत में मडिय़ांव क्षेत्र स्थित घैला पुल के पास मिली थी। पुलिस उसे उपचार के लिये अस्पताल ले गयी जहां पर उसकी मौत हो गयी। पुलिस मौत की गुत्थी सुलझाने नहीं पा रही है। सीओ गाजीपुर अवनीश्वर श्रीवास्तव का कहना है कि संस्कृति हत्याकांड के खुलासे के लिये तीन संदिग्धों से पूछताछ के लिये कोर्ट से नार्को टेस्ट कराने की अनुमति मांगी गयी थी। कोर्ट ने अनुमति दे दी है लेकिन टेस्ट करने वाले डॉक्टर से समय नहीं मिल पा रहा है।

 

रैन बसेरे में पुलिस का कब्जा, निरीक्षण में खुलासा

  • महापौर संयुक्ता भाटिया ने एसएसपी को भेजा पत्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम के रैन बसेरे में पुलिस वालों के कब्जे को लेकर महापौर ने सख्ती दिखाई है। रैन बसेरे के औचक निरीक्षण के बाद महापौर ने एसएसपी को पत्र भेज भेजा है।
अमीनाबाद स्थित झंडेवाला पार्क में बने रैन बसेरे के ऊपरी तल पर पुलिसवालों का कब्जा है। इसका पता तब चला जब मंगलवार को रैन बसेरे का निरीक्षण महापौर संयुक्ता भाटिया और नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने किया। इसके बाद महापौर संयुक्ता भाटिया ने रैन बसेरे को सिपाहियों से खाली करवाने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा है। इसके अलावा नगर निगम के जोनल अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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