अफसर ही उड़ा रहे नगर निगम के आदेशों की धज्जियां मुसीबत बनी सडक़ों पर फैली निर्माण सामग्री

  • ठंडे बस्ते में जुर्माना वसूलने का आदेश, लोग गिरकर हो रहे चोटिल
  • कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, सडक़ों पर लग रहा जाम

 विनय शंकर अवस्थी
लखनऊ। अफसर ही नगर निगम के आदेशों को जमीन पर उतारने से कतरा रहे हैं। शहर की तमाम सडक़ों पर निर्माण सामग्री फैली है और लोग इसकी चपेट में आकर चोटिल हो रहे हैं। निर्माण सामग्री के ढेर के कारण सडक़ें संकरी हो चुकी हैं और आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। बावजूद इसके नगर निगम प्रशासन व्यवस्था को सुधारने की कोई पहल नहीं कर रहा है। निर्माण सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर निगम के अफसर न तो निर्माण सामग्री जब्त कर रहे है न ही जुर्माना वसूल रहे हैं। अफसरों की इस लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
शहर में सडक़ों की स्थिति भवन निर्माण सामग्री पड़े होने के कारण बदतर हो रही है। इसके कारण मुख्य मार्ग की चौड़ाई काफी कम रह गई है। रही सही कसर सडक़ पर कंपनियों के सामने खड़े वाहन पूरी कर देते हैं। सडक़ पर मुश्किल से एक वाहन के गुजरने की जगह बच पाती है। ऐसे में जाम तो लगता ही है साथ ही आए दिन दुर्घटना होने का अंदेशा भी बना रहता है। यहां सडक़ पर निर्माण सामग्री व मलबे का ढेर लगा हुआ है। कंपनियों में होने वाले निर्माण कार्य में प्रयोग की जाने वाली सामग्री सडक़ पर दूर तक फैली हुई है। ग्वारी चौराहे से पत्रकारपुरम की ओर जाने वाले मार्ग पर आधा दर्जन जगह ईंट, रोड़ी व लोहे के सरिया पड़े हैं। इसके चलते सडक़ की चौड़ाई आधे से भी कम रह गई है। कई जगह एक वाहन भी ठीक से नहीं निकल पाता है। वहीं वाहनों के लगातार निकलने के कारण पैदल चलने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दूसरी ओर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा मुख्य मार्केट व अन्य स्थानों पर मलबा डालने वालों को नोटिस जारी नहीं किया जा रहा है। नगर निगम में सडक़ पर निर्माण सामग्री डालने वालों के खिलाफ स्पॉट फाइन वसूलने और सामग्री जब्त करने का नियम है। कार्रवाई न होने के कारण सडक़ पर निर्माण सामग्री लगातार फैलती जा रही है। वहीं संस्थागत क्षेत्र में भी सडक़ों की हालत ऐसी ही है। जहां भी इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, वहां कहीं भी निर्माण सामग्री को रखने के लिए सडक़ के अलावा कोई जगह नहीं बनाई गई है। जहां निर्माण कार्य किया जा रहा है, वहां सडक़ों की हालत पहले से ही खराब है। निर्माण सामग्री के सडक़ों पर डाले जाने के कारण बची हुई सडक़ें भी खराब हो रही हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण जहां मार्ग खराब हो रहे हैं, वहीं पहले से खराब मार्ग अब गड्ढों में तब्दील हो रहे हैं।

दुर्घटनाओं को दावत

कई क्षेत्र में बड़ी इमारतों का निर्माण किया जाता है। इनमें सरिया का भी खूब प्रयोग होता है। भारी मात्रा में सरिया को निर्माण कार्य में प्रयोग में लेने के लिए सडक़ या भूखंड के बाहर डाला जाता है। सडक़ पर पड़े सरिया दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं। खासतौर से दोपहिया वाहनों के लिए ये काफी खतरनाक हैं। वहीं सरिया से लदे वाहन भी मुख्य मार्गों पर खड़े होते हैं, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।

सडक़ पर निर्माण सामग्री डालने वालों के खिलाफ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई होगी। निर्माण सामग्री भी जब्त की जाएगी।
इन्द्रमणि त्रिपाठी ,नगर आयुक्त

नगर निगम को लग रही चपत
नगर निगम के अफसर सडक़ पर निर्माण सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इनसे जुर्माना नहीं वसूला जा रहा है। लिहाजा जुर्माने के मद से नगर निगम को होने वाली आमदनी नहीं हो रही है। इससे नगर निगम की खस्ता आर्थिक हालत को और नुकसान पहुंच रहा है।

 

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