बढ़ती जनसंख्या को काबू करेगी प्रेरणा योजना दो बच्चों वाले दंपति को सरकार देगी उपहार

  • परिवार कल्याण विभाग को मिली योजना को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी
  • गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को मिलेगा लाभ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जनसंख्या पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर यूपी में प्रेरणा योजना योजना लागू करने जा रही है। योजना के मुतािबक सरकार दो बच्चे यानी एक लडक़ा और एक लडक़ी वाले दम्पति को उपहार में 17 हजार की धनराशि उपहार में देगी। यह योजना विश्व जनसंख्या दिवस यानी आज से प्रभावी होगी। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
जनसंख्या पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए परिवार कल्याण विभाग अपनी योजना प्रेरणा को यूपी में लांच किया है। योजना के मुताबिक 19 साल की उम्र के बाद लडक़ी की शादी और उसके 2 साल बाद बच्चे के जन्म पर सरकार ने इनाम देने का प्रावधान किया है। इस योजना के अंतर्गत सभी मानकों को पूरा करने वाले लाभार्थी को अगर पहला बच्चा बेटा है तो उसे दस हजार रुपए की रकम उपहार में मिलेगी। अगर लाभार्थी के दोनों बच्चे लडक़े हैं तो उसे 15000 रुपए मिलेंगे। यदि लाभार्थी को पहला बच्चा बेटी है तो उसे 12000 रुपए दिए जाएंगे जबकि दंपति को यदि एक बेटा और एक बेटी है तो उसे योजना के तहत 17000 रुपए का इनाम मिलेगा।

स्वास्थ्य विभाग का लिया जाएगा सहयोग

सभी जिलों के सीएमओ को इस योजना के संबंध में जानकारी दी गई है। इसके साथ ही आदेश भी भेज दिया गया है। जिसके बाद योजना के लिए पात्र लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है। चिंहित लोगों को जनसंख्या दिवस पर इसका लाभ दिया जाएगा। सीएमओ के सहयोग से इस योजना को अमलीजामा पहनाया जाना है।

मील का पत्थर साबित होगी योजना

परिवार कल्याण समेत दूसरे विभागों की तमाम कोशिशों के बावजूद जनसंख्या काबू में नहीं आ रही है। जिसको देखते हुए अब केंद्र सरकार ने प्रेरणा योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में एक साथ लांच की जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि जनसंख्या नियंत्रण में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी क्योंकि अभी भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन जीने वाले जनसंख्या को लेकर कम जागरुक हैं। इस योजना से काफी हद तक जनसंख्या नियंत्रण में मदद मिलेगी।

ऐसे होगा लाभार्थियों का चयन

गांव में दो दंपतियों को खोजने की जिम्मेदारी आशाओं के जिम्मे होगी। आशा दंपतियों की खोज करेंगी, उसके बाद सीएमओ को पूरी रिपोर्ट भेजेंगी। सीएमओ परीक्षण के बाद सिफ्सा को पूरी रिपोर्ट भेजेंगे। जांच पड़ताल के बाद योजना का लाभ दंपतियों को दिया जाएगा।

यह योजना 11 जुलाई से लागू की जा रही है। इस योजना के लागू होने से तेजी से बढ़ रहे जनसंख्या में काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। कम बच्चे वाले दंपतियों को प्रोत्साहन के रूप में धनराशि दी जाएगी।
-डॉ. वीरेंद्र सिंह ,एडिश्नल डायरेक्टर, परिवार नियोजन

ये हैं योजना के मानक

  • दंपति गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के हों।
  • महिला का विवाह 2011 से पहले ना हुआ हो।
  • महिला का विवाह 19 साल और उसके बाद होना चाहिए।
  • पहले बच्चे का जन्म विवाह के 2 साल बाद होना चाहिए।
  • दूसरे बच्चे का जन्म पहले शिशु के जन्म के 3 साल बाद होना चाहिए।
  • दूसरे बच्चे के जन्म के बाद परिवार नियोजन की स्थायी विधि जैसे नसबंदी आदि अपना लिया हो।

 

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