अब राजधानी पुलिस की नींद उड़ा रहे सीमा पार से आ रहे अपराधी, स्टेशन को बना रहे अड्डा

  • बांग्लादेश से राजधानी पहुंच कर दे रहे वारदातों को अंजाम
  • खुलासे से मचा हडक़ंप दलालों को पैसा देकर हो रहे दाखिल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी हाईटेक पुलिस की नींद अब विदेशी बदमाशों ने उड़ा दी है। ये बदमाश बांग्लादेश से अवैध तरीके से सीमा पार कर यहां पहुंचते है और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। हैरत यह है कि ये बदमाश वारदात को अंजाम देने के पहले बाकायदा रेकी करते हैं। पुलिस को शक है कि यहां रहने वाले बांग्लादेशियों से इनके तार जुड़े हुए हैं। बिना स्थानीय बांग्लादेशियों की मिलभगत के किसी दूसरे देश से आया अपराधी वारदातों को अंजाम नहीं दे सकता है। इस खुलासे से पुलिस के होश उड़ गए हैं। अब वह इन मामले पर गहनता से छानबीन में जुटी है। पुलिस इस बात पर भी नजर रख रही है कि यहां ऐसे कितने अपराधी बाहर से आकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
राजधानी में देशी बदमाशों के साथ-साथ अब विदेशी बदमाश सक्रिय हो गए हैं। ये बदमाश यहां पर डकैती जैसी वारदात को अंजाम देकर अपने देश भाग जाते हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब पिछले दिनों पुलिस ने दो बांग्लादेशी डकैतों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस भी भौंचक रह गई। दरअसल, यह गैंग देश में काफी दिनों से सक्रिय था। ये बांग्लादेश से यहां पहुंचते थे और टीम बनाकर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में डकैती की वारदात को अंजाम देते थे। ताज्जुब की बात यह है कि बांग्लादेशी डकैतों का यह गैंग शहरों में डकैती जैसी वारदात को अंजाम देकर बड़ी आसानी से अपने देश भाग जाते थे और पुुलिस यहां के लोकल गैंग पर शक जाहिर करती थी। यही नहीं कई मामलों में पुलिस टीम ने जेल में बंद डकैतों से भी कई बार पूछताछ की लेकिन रिजल्ट नहीं निकला। मुठभेड़ में पकड़े गये शफीकुल ने कबूल किया है कि उसके गैंग ने भारत के कई शहरों में बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है लेकिन अभी तक पकड़ा नहीं गया। हालांकि पुलिस को शक है कि इन बांग्लादेशी बदमाशों के तार यहां रह रहे बांग्लादेशियों से हो सकते हैं। हो सकता है वे वही रहकर अपराध की वारदातों का खाका तैयार करते हो। हालांकि शफीकुल ने किसी रिश्तेदार के यहां रहने से इंकार किया है। फिर भी पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस को उनके एक रिश्तेदार के दिल्ली में होने की बात पता चली है। उसके बारे में छानबीन की जा रही है।

पैसा देकर पार करते थे सरहद

पुलिस के अनुसार पकड़े गये डकैतों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह लोग अपने देश से भारत आने के लिये सरहद के पास स्थित दलालों को पैसा देते थे। इन दलालों को घाटू कहा जाता है। घाटू प्रति व्यक्ति से सरहद पार कराने का पांच हजार रुपये लेता है। सरहद पार करने के बाद ये लोग पश्चिम बंगाल के माल्दा आते थे और इसके बाद ट्रेन पकड़ कर कानपुर आते थे। ये रेलवे स्टेशन पर रूकते थे और वही से रेकी करके घरों को टारगेट बनाते थे। इसके बाद घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।

कई बांग्लादेशी बदमाश फरार है। इनकी तलाश की जा रही है। इन विदेशी बदमाशों के स्थानीय स्तर पर जुड़े तारों को भी खंगाला जा रहा है। जल्द ही इनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पहली बार राजधानी में विदेशी बदमाशों को पकड़ा गया है।
-अनुराग वत्स, एसपी, उत्तरी, लखनऊ

रेलवे लाइन के पास वाले घरों को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार बांग्लादेशी बदमाश यहां पर डकैती की घटना को अंजाम देने के लिये ऐसे मकानों को अपना टारगेट बनाते थे जो रेलवे ट्रैक के पास स्थित हो ताकि वे आसानी से फरार हो सकंे।

 

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