सेक्स और पैसे के दम पर अभी भी चल रहा है फर्जी डॉ. एसके जैन क्लीनिक

  • लखनऊ रेलवे स्टेशन पर उतरते ही तहजीब के नहीं बल्कि सेक्स के बोर्ड दिखते हैं डॉ. एसके जैन के
  • स्टेशन पर गाडिय़ां खड़ी रहती हैं भोले-भाले लोगों को सेक्स क्लीनिक में फंसाने के लिए
  • कुछ दिन पहले पड़े छापे और बंद क्लीनिक को भी अपने रसूख से खुलवा लिया डॉ. जैन ने
  • डॉ. एसके जैन की क्लीनिक पर मिली थीं खतरनाक दवाएं

दरख्शां कादिर सिद्दीकी
लखनऊ। तहजीब के शहर लखनऊ में रेलवे स्टेशन पर उतरते ही डॉ.एसके जैन के सेक्स क्लीनिक के बोर्ड दिखने लगते हैं। यही नहीं भोले-भाले लोगों को फंसाने के लिए यहां गाडियां खड़ी रहती हैं। पिछले दिनों छापेमारी में क्लीनिक में खतरनाक दवाएं मिली थीं। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को बंद कर दिया था, लेकिन डॉ. एसके जैन ने अपने रसूख के बल पर अपनी क्लीनिक को फिर खुलावा लिया है।

बर्लिंगटन चौराहा स्थित सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. एसके जैन की दवाओं में घातक स्टेरायड देने का सिलसिला जारी है। यह सब कुछ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मिलीभगत से चल रहा है। हैरत यह है कि दवाओं में मिलावट की पुष्टिï होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक का पंजीकरण कर दिया है। दरअसल मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद ड्रग इंस्पेक्टर रमाशंकर सिंह ने टीम के साथ 25 जनवरी को डॉ. एसके जैन क्लीनिक पर छापा मारा था। यहां बिना रैपर की दवाएं मिली थीं।
डॉक्टर भी डिग्री नहीं दिखा सके थे। टीम ने तीन दिन में दवाओं का ब्यौरा और डिग्री दिखाने को कहा था। लेकिन तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी जवाब नहीं दिया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बिना पंजीकरण और डिग्री के इलाज करने पर क्लीनिक को बंद कर दिया था। लेकिन कार्रवाई के दो दिन के अन्दर ही एसके जैन ने क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन करा लिया। उनकी डिग्री भी बन गयी। साथ ही मेडिकल कौंसिल में रजिस्ट्रेशन भी करा दिया गया।

ये हुई शिकायत

राजाजीपुरम निवासी संजय शर्मा ने 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। संजय शर्मा ने डॉ. एसके जैन की डिग्री और दवाओं पर सवाल खड़े किए। क्लीनिक की वेबसाइट में भी दवाओं के दावों की हकीकत परखने की गुहार मुख्यमंत्री से लगाई। शिकायती पत्र में डॉ. जैन पर इलाज के नाम पर मरीजों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था।

सेहत के लिए घातक स्टेरायड की हुई थी पुष्टिï

अलीगंज स्थित राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला की रिपोर्ट में घातक स्टेरायड की मिलावट का पता चला था। प्रयोगशाला में डॉ. जैन की दवा मानकों पर खरी नहीं उतरी थी। फिलहाल खाद्य एवं औषधि प्रशासन अब आयुर्वेदिक औषधि में एलोपैथिक दवा की मिलावट के आरोप में कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।

डॉ. जैन ने सेक्सोलॉजिस्ट की डिग्री एक हफ्ते पहले दी थी, जिसे जांच के लिए भेज दिया गया है। किसी भी क्लीनिक को हमेशा के लिए बन्द करने का अधिकार मेरे पास नहीं है। कार्रवाई प्रस्तावित है।
-रमा शंकर सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर

जांच में डिग्री सही पाई गई है। डॉ. एसके जैन के पास बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी की डिग्री है। वे आयुर्वेद की प्रैक्टिस कर सकते हैं लेकिन सेक्सोलॉजिस्ट नहीं लिख सकते हैं न ही इस तरह का प्रचार कर सकते हैं। शैक्षिक दस्तावेज समेत दूसरे मानक देखने के बाद क्लीनिक का पंजीकरण किया गया है।
-डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ

क्लीनिक में जिस स्टेरायड की पुष्टि की गई थी वह असल में स्टेरायड नहीं बल्कि सैफोनिन है। यह सेहत के लिए हानिकारक नहीं है। इसका स्पष्टïीकरण दिया गया था।
-डॉ. एस के जैन

 

पॉश इलाके में हुई बच्चे की हत्या मामले में पुलिस की फर्जी कहानी में झोल ही झोल

  • दिव्यांग युवक कलाम को हत्यारोपी बनाने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पुलिस अपने पर आ जाए तो कुछ भी कर सकती है। वह झूठी वाहवाही लूटने के लिए किसी को जेल भेजने से भी बाज नहीं आती है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण 1090 चौराहे पर हुई एक दस वर्षीय बच्चे ऋतिक की हत्या का खुलासा है। इस मामले में पुलिस एक दिव्यांग को मुख्य आरोपी बता रही है। उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह वही दिव्यांग युवक है जिसने अपनी जान पर खेलकर गोमती में छलांग लगाने वाली एक युवती को बचाया था और इसके लिए उसे मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया था।
पुलिस के इस खुलासे में झोल ही झोल दिख रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस के इस खुलासे पर सवाल उठाया है। हालांकि अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल इस खुलासे से संतुष्टï हैं। तीन दिन पूर्व 1090 चौराहे पर 10 वर्षीय ऋतिक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने एक ऐसे दिव्यांग कलाम को गिरफ्तार किया है जो चल नहीं सकता। पुलिस का कहना है कि कलाम ने गुब्बारे बेचने के विवाद में बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका सक्सेना का कहना है कि कलाम जब हजरतगंज थाने पहुंचा तो उसे हत्यारोपी बना दिया गया। वहीं एसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा का कहना है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य कलाम के खिलाफ हैं। वह पूरे सबूत कोर्ट के सामने रखेंगे।

 

परिजनों से मिले एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष

एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष बृजलाल आज ऋतिक के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। बृजलाल ने बताया कि उन्होंने लखनऊ पुलिस को बच्चे के परिजनों को चार लाख, साढ़े बारह हजार की धनराशि समाज कल्याण विभाग से तुरंत दिलवाने के आदेश दिए हंै।

प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए मिलकर करना होगा काम: सीएम

  • योगी आदित्यनाथ ने पीएम आवास के लाभार्थियों को दिया प्रमाणपत्र
  • जयंती पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बारांबकी के महादेवा से वन महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की और लोगों को पौधे लगाने की शपथ दिलाई। सीएम ने प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी दिया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि 15 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया गया है। प्लास्टिक का प्रयोग रोकने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने सभी से प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन महोत्सव में पौधरोपण किया। उनके साथ वन मंत्री दारा सिंह चौहान, प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी ने भी वृक्ष लगाए। ऐसा पहली बार हुआ है कि जब बाराबंकी में वन महोत्सव का शुभारम्भ किया गया। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और सांसद बाराबंकी प्रियंका रावत भी मौजूद रहीं। इससे पूर्व सीएम ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धाजलि दी।

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