सरकार का शानदार फैसला है चीफ सेक्रेटरी पद पर अनूप चंद्र पाण्डेय की तैनाती, कई बार साबित कर चुके हैं अपनी योग्यता

  • सीएम योगी की मंशा के अनुरूप देश भर के जाने माने उद्याोगपतियों के साथ शानदार इंवेस्टर्स मीट को मूर्त रूप दिया अनूप चंद्र पाण्डेय ने
  • नौकरशाहों के बीच भी बहुत लोकप्रिय है अनूप चंद्र पाण्डेय
  • लोकसभा चुनावों के लिये ब्राह्मïणों को भी सार्थक संदेश दिया भाजपा ने
  • सीएम योगी के बहुत भरोसे के अफसर है अनूप चंद्र पाण्डेय

संजय शर्मा
लखनऊ। एक पखवाड़े से न सिर्फ यूपी बल्कि पूरे देश के नौकरशाहों की नजर इस बात पर लगी हुई थी कि यूपी के चीफ सेक्रेटरी की कुर्सी पर कौन बैठेगा? कई नौकरशाह लखनऊ से लेकर दिल्ली तक अपने संपर्कों को साधने में लगे हुए थे। सभी के मन में यह चाहत थी कि यूपी के चीफ सेक्रेटरी की कुर्सी पर उनकी ताजपोशी हो जाये। यह दौड़ अनूप चंद्र पाण्डेय के नाम पर खत्म हो गयी। सीएम योगी ने अपने सबसे पसंदीदा अफसर अनूप चंद्र पाण्डेय को यह कमान सौंप दी।
1984 बैच के आईएएस अनूप चंद्र पाण्डेय बेहद लोकप्रिय अफसरों में माने जाते हंै। जब सरकार ने इंवेस्टर्स मीट कराने की घोषणा की तो किसी को यकीन नहीं था कि यह मीट सफल हो पायेगी क्योंकि सरकार के बने हुए कुछ महीने ही हुए थे और सरकार ने कोई ऐसा बड़ा काम भी नहीं किया था जो बहुत चर्चा में आया हो। ऐसी हालात में इंवेस्टर्स मीट का आयोजन खतरे भरा सौदा साबित हो सकता था क्योंकि इसके फेल होने पर पूरे देश में इसका बहुत खराब मैसेज जाता।
इन हालातों में सीएम योगी ने इस मीट के सफल आयोजन की कमान अपने सबसे भरोसे के अफसर अनूप पांडे को सौंपी। अनूप चंद्र पाण्डेय ने भी इस चुनौती को स्वीकार किया और फिर देश भर के चुनिंदा शहरों में इंवेस्टर्स मीट के आयोजन के लिये उन्होंने रैलियों के आयोजन का न सिर्फ निर्णय लिया बल्कि खुद इन रैलियों की कमान संभाली।
उनकी मेहनत का ही नतीजा था कि यह इंवेस्टर्स मीट इतनी शानदार हुई कि इसकी सराहना खुद पीएम मोदी ने की। इस मीट में अंबानी और अडानी समेत देश के जाने माने उद्योगपति इकट्ठा हुए और लाख करोड़ के निवेश को यूपी में करने की स्वीकृति भी दे दी। इस मीट के सफल आयोजन के बाद ही अनूप चंद्र पाण्डेय सीएम के और करीब आ गये थे। इस बीच चीफ सेक्रेटरी के रिटायर होने के बाद नौकरशाहों के बीच भी अघोषित जंग शुरू हो गयी थी। एक नौकरशाह तो कई दिन तक दिल्ली में डेरा डालकर यह समझाने में लगे रहे कि उनको चीफ सेक्रेटरी बनाने से उनकी जाति के वोट में अच्छा संदेश जायेगा पर उन समेत बाकी अफसरों की पैरवी काम न आयी और नौकरशाही की कमान अनूप चंद्र पाण्डेय को मिली।

संत कबीर के दर से विपक्ष पर वार सत्ता के लालच में आपातकाल लगाने व विरोध करने वाले आए साथ: मोदी

  • कुछ दलों को शांति और विकास नहीं, कलह और अशांति चाहिए
  • समाजवाद और बहुजन की बात करने वाले देख रहे हैं अपने परिवारों का हित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
संतकबीर नगर। संत कबीर दास की परिनिर्वाण स्थली मगहर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि सत्ता का लालच ऐसा है कि आपातकाल लगाने वाले और उसका विरोध करने वाले एक साथ आ गए हैं। महापुरुषों के नाम पर राजनीति की जा रही है। समाजवाद और बहुजन की बात करने वाले सिर्फ अपना और अपने परिवार का हित देख रहे हैं। कुछ लोगों का मन बंगले पर अटका है।
उन्होंने कहा कि देश में कुछ दलों को शांति और विकास नहीं, कलह और अशांति चाहिए। मुस्लिम महिलाएं भी तीन तलाक के खिलाफ हैं लेकिन राजनीतिक दलों के लोग इसमें रोड़ा अटका रहे हैं। वह भूल गए हैं कि हमारे साथ कबीर दास हैं। कबीर दास मनुष्य-मनुष्य के बीच भेद पैदा करने वालों के खिलाफ थे।बाक्स ऐसा कहा जाता है कि कबीर गुफा में संतकबीर दास ध्यान किया करते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 24.9375 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली संतकबीर शोध अकादमी का शिलान्यास किया। वह क्षेत्र के विकास के लिए कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

पीएम ने समाधि के किए दर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संत कबीर दास की निर्वाण स्थली मगहर पहुंचे। उन्होंने कबीर की समाधि के दर्शन किए और फिर मजार पर जाकर चादर चढ़ाई। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने यहां 24 करोड़ की लागत से बनने वाली कबीर अकादमी की आधारशिला रखी।

संत कबीर के विचारों की प्रतिध्वनि है सबका साथ, सबका विकास: योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत कबीर के विचारों की प्रतिध्वनि ही सबका साथ सबका विकास भावना की है। प्रधानमंत्री ने पूर्वांचल के साथ उत्तर प्रदेश को वह सब सौगात दी, जिसकी प्रदेश को लंबे समय से दरकार थी। प्रधानमंत्री ने गोरखपुर में एम्स, बस्ती तथा सिद्धार्थ नगर में मेडिकल कॉलेज दिया है। पीएम ने प्रदेश को रामायण सर्किट देने के साथ ही योग को वैश्विक मान्यता दिलाई। आज भारत के अंदर विश्वास का वातावरण बन रहा है। भारत दुनिया के सामने सबसे तेज अर्थव्यवस्था बनने में सफल हो रहा है।

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